भावनगर जिले में हुए दर्दनाक जहरीली शराब कांड के बाद गुजरात पुलिस ने पूरे राज्य में अवैध शराब के सिंडिकेट पर शिकंजा पूरी तरह कस दिया है। इसी कड़ी में अहमदाबाद शहर पुलिस ने एक चार दिवसीय विशेष अभियान चलाकर अवैध शराब के कारोबार में लिप्त 476 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) जीएस मलिक के सख्त निर्देशों पर 18 से 21 अगस्त के दौरान यह अभियान चलाया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य में फल-फूल रहे अवैध मदिरा नेटवर्क को ध्वस्त करना था।
अहमदाबाद में 436 मामले दर्ज, 89 लाख से ज्यादा की संपत्ति जब्त
अहमदाबाद के पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलोत ने इस कार्रवाई का ब्योरा साझा करते हुए बताया कि शहर के विभिन्न थानों और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीमों ने छापेमारी की। चार दिनों के इस अभियान में पुलिस ने कुल 436 निषेध (प्रोहिबिशन) के मामले दर्ज किए। इनमें से 73 मामले विदेशी शराब की तस्करी और बिक्री से जुड़े थे, जिनमें तीन मामलों को पुलिस ने अत्यंत गंभीर श्रेणी में वर्गीकृत किया है। विदेशी शराब और बीयर की जब्ती की बात करें तो पुलिस ने 29.93 लाख रुपये मूल्य की 11,479 बोतलें बरामद कीं। इन मामलों में जब्त कुल संपत्ति का अनुमानित मूल्य 80.56 लाख रुपये तक पहुंच गया।
देशी शराब के कारोबार पर भी पुलिस की कड़ी कार्रवाई देखने को मिली। अधिकारियों ने देशी मदिरा से संबंधित 336 मामले दर्ज करते हुए 7.38 लाख रुपये मूल्य की 3,693 लीटर देशी शराब जब्त की। देशी शराब के इन मामलों में जब्त की गई संपत्ति का कुल मूल्य 8.43 लाख रुपये आंका गया है। इसके अलावा, अवैध शराब के धंधे में शामिल 7 आरोपियों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ एंटी सोशल एक्टिविटीज (पासा) अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की गई, जिसके तहत उन्हें जेल भेज दिया गया।
सोला, साबरमती और नरोदा थानों की बड़ी कार्यवाहियां
विशेष अभियान के दौरान शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में बड़ी बरामदगियां देखने को मिलीं। सोला पुलिस स्टेशन की टीम ने 5.05 लाख रुपये मूल्य की 2,762 बोतल विदेशी शराब और बीयर बरामद की। इसके साथ ही शराब परिवहन में इस्तेमाल की जा रही 4.5 लाख रुपये मूल्य की एक कार भी जब्त की गई, जिसमें 4 लोगों को आरोपी बनाया गया है।
दूसरी तरफ साबरमती पुलिस ने 1,740 बोतल शराब और नकदी जब्त की, जिसमें एक व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। नरोदा पुलिस की कार्रवाई में सबसे बड़ी खेप पकड़ी गई, जहां 12.61 लाख रुपये मूल्य की 3,840 बोतलें, 10 लाख रुपये कीमत की एक कार, मोबाइल फोन और नकदी जब्त की गई। इस थाने में भी 4 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
भावनगर कांड में 13 की मौत, मेथनॉल और रॉयल स्टैग कनेक्शन
पुलिस की यह चौतरफा घेराबंदी भावनगर जिले में सामने आई जहरीली शराब त्रासदी की पृष्ठभूमि में हुई है। भावनगर में जहरीली शराब पीने से 23 अगस्त तक मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 13 हो गया। इलाज के दौरान मुकेश डामोर (उम्र 36 वर्ष) और भार्गव उपाध्याय (उम्र 42 वर्ष) की भी मौत हो गई, जबकि तीन अन्य पीड़ितों का अस्पताल में इलाज जारी था।
फॉरेंसिक और पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि इस शराब में अत्यधिक हानिकारक रसायन मेथनॉल मिलाया गया था। इस अवैध गिरोह ने लोगों को धोखा देने के लिए इस जहरीले मिश्रण को प्रसिद्ध ब्रांड रॉयल स्टैग की खाली बोतलों में भरकर बेचा था। भावनगर मामले में पुलिस ने 21 प्रमुख आरोपियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की है, जबकि जांच के दौरान अब तक 27 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसियां अब इस बात की तहकीकात में जुटी हैं कि जहरीली शराब बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाला कच्चा केमिकल मध्य प्रदेश और अन्य पड़ोसी राज्यों से गुजरात कैसे पहुंचा। इसके साथ ही भावनगर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में फैले इसके निर्माण और वितरण नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
असामाजिक तत्वों पर जारी रहेगी सख्त पुलिस कार्रवाई
अहमदाबाद के पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलोत ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल चार दिनों तक सीमित रहने वाला कदम नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन ने पूरे शहर में असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई तेज कर दी है और केवल पिछले 10 दिनों की बात की जाए तो लगभग 41 असामाजिक तत्वों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसा जा चुका है।



















