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मानसून में घर के अंदर एक बूंद भी नहीं आएगा बारिश का पानी, बस अपना लें ये आसान उपायजीवनशैली
25 अग॰ 2026, 9:51 am (1 घंटे पहले)· 2

मानसून में घर के अंदर एक बूंद भी नहीं आएगा बारिश का पानी, बस अपना लें ये आसान उपाय

बरसात के दिनों में घर के दरवाजे से पानी आने की समस्या से परेशान हैं तो सही डोर मैट का चुनाव और कुछ आसान उपाय आपकी मदद कर सकते हैं.

बरसात के मौसम में अक्सर यह देखने को मिलता है कि घर की चौखट और मुख्य दरवाजे से बारिश का पानी अंदर आने लगता है। इससे न केवल फर्श गंदा हो जाता है बल्कि फिसलने का डर भी काफी बढ़ जाता है। इसके अलावा, लगातार नमी बने रहने के कारण घरों में बदबू और फंगस की समस्या भी पैदा होने लगती है। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए सही डोर मैट का चयन करना बेहद जरूरी हो जाता है। बोकारो के एक डोर मैट विक्रेता अरशद ने इस मौसम में डोर मैट की खरीद और उनके सही इस्तेमाल को लेकर कुछ बहुत ही काम के और जरूरी सुझाव साझा किए हैं।

रबर वाले मैट क्यों हैं मानसून के लिए खास

विक्रेता अरशद के अनुसार, बारिश के दिनों में अपने घर के मुख्य दरवाजे के बाहर इस्तेमाल के लिए हमेशा रबर वाले डोर मैट को प्राथमिकता देनी चाहिए। सूती या कपड़े वाले मैट की तुलना में रबर से बने मैट काफी तेजी से सूखते हैं। यही वजह है कि इनमें नमी ठहरती नहीं है, जिससे बदबू और फंगस लगने की आशंका भी बहुत कम हो जाती है। इसके अलावा, घर के बाहरी हिस्से में रबर का मैट बिछाने से जूते और चप्पलों में लगी हुई कीचड़ और नमी घर के अंदर आने से रुक जाती है।

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मोटाई और साइज का रखें खास ध्यान

सिर्फ मटेरियल ही नहीं बल्कि बाजार से डोर मैट खरीदते समय उसकी मोटाई का भी पूरा ख्याल रखना बेहद आवश्यक होता है। आपको अपने घर के दरवाजे की चौखट और फर्श के बीच की दूरी या ऊंचाई के हिसाब से ही मैट को चुनना चाहिए। जरूरत के अनुसार थोड़ा सा मोटा मैट इस बात में मदद करता है कि पानी दरवाजे को पार करके अंदर न आ सके। हालांकि, इस बात का भी ध्यान रखना बहुत जरूरी है कि मैट इतना ज्यादा मोटा न हो जाए कि इसकी वजह से दरवाजा खोलने और बंद करने में किसी तरह की दिक्कत आने लगे।

घर के अंदर और बाहर करें अलग मैट का इस्तेमाल

अरशद का सुझाव है कि बारिश के मौसम में घर के मुख्य दरवाजे के बाहर और भीतर अलग-अलग तरह के मैट का उपयोग करना ज्यादा फायदेमंद साबित होता है। दरवाजे के ठीक बाहर रबर या रैकेट टाइप का मैट रखने से जूतों में मौजूद नमी और गंदगी बाहर ही थम जाती है। इससे घर के भीतर पानी और कीचड़ के फैलने का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। आप अपनी सुविधा के अनुसार इनका सही तालमेल बिठा सकते हैं।

पानी रोकने के लिए अपनाएं ये स्मार्ट तरीके

यदि आपके घर के दरवाजे के निचले हिस्से से लगातार पानी अंदर आ रहा है, तो ऐसी स्थिति में आप डोर मैट के ठीक नीचे कोई पुराना तौलिया या फिर कोई मोटा कपड़ा बिछा सकते हैं। यह तरीका बचे-कुचे पानी को तेजी से सोखने में मदद करता है और साथ ही मैट को फर्श पर फिसलने से भी रोकता है। जरूरत महसूस होने पर इस कपड़े को बाहर निकालकर सुखाया जा सकता है या बदला जा सकता है। इसके अलावा, दरवाजे के नीचे गैप होने पर डोर स्टॉपर या सिलिकॉन स्ट्रिप का उपयोग करके भी पानी और ठंडी हवा के प्रवेश को रोका जा सकता है।

ढलान बनाना और मैट को सुखाना है जरूरी

यदि आपके घर के प्रवेश द्वार के पास ही बारिश का पानी इकट्ठा हो जाता है, तो वहां फर्श पर उचित ढलान यानी स्लोप तैयार करना बहुत जरूरी होता है। इससे पानी दरवाजे की तरफ रुकने के बजाय बाहर की दिशा में आसानी से निकल जाता है, जिससे चौखट पर नमी की समस्या घटती है। इसके साथ ही, मानसून के दिनों में डोर मैट को नियमित अंतराल पर धूप में सुखाना भी बहुत आवश्यक है। लगातार गीले रहने वाले मैट में बदबू पैदा होने लगती है, इसलिए धूप निकलते ही इन्हें अच्छी तरह सूखा लेना चाहिए। जरूरत पड़ने पर कपड़े के तौलिए को रोल बनाकर भी दरवाजे के नीचे रखा जा सकता है।

सवाल-जवाब

मानसून में किस प्रकार के डोर मैट का उपयोग करना सबसे अच्छा रहता है?
बरसात के मौसम में घर के बाहर के लिए रबर वाले डोर मैट सबसे अच्छे माने जाते हैं क्योंकि वे कपड़े के मैट की तुलना में बहुत जल्दी सूखते हैं और उनमें बदबू या फंगस नहीं लगती।
अगर दरवाजे के नीचे से लगातार पानी आ रहा है तो क्या उपाय करना चाहिए?
दरवाजे के नीचे से पानी आने की स्थिति में आप डोर मैट के नीचे कोई पुराना तौलिया या मोटा कपड़ा रख सकते हैं, जो बचे हुए पानी को सोख लेता है और मैट को फिसलने से रोकता है।
दरवाजे के नीचे के गैप को बंद करने के लिए क्या इस्तेमाल किया जा सकता है?
दरवाजे के निचले हिस्से से पानी और हवा के रिसाव को रोकने के लिए डोर स्टॉपर या सिलिकॉन स्ट्रिप का इस्तेमाल करना काफी मददगार साबित होता है।
बरसात के मौसम में डोर मैट की देखभाल कैसे करनी चाहिए?
मानसून के दौरान डोर मैट को लगातार गीला रहने से बचाने के लिए जब भी धूप निकले उन्हें अच्छी तरह सुखा लेना चाहिए ताकि बदबू और फंगस की समस्या से बचा जा सके।
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