कमरे की चौखट के भीतर सांस लेते वक्त ज्यादातर लोगों को लगता है कि वे बाहर की जहरीली हवा और धूल से सुरक्षित हैं। हकीकत इससे काफी अलग होती है, क्योंकि फर्नीचर, पेंट और रोजमर्रा की चीजों से निकलने वाले रासायनिक अंश बंद कमरों में भी तैरते रहते हैं। चौबीसों घंटे बिजली से चलने वाली मशीनों पर निर्भर रहने के बजाय कुछ खास वनस्पतियों को अपने आशियाने का हिस्सा बनाना एक बेहद सरल और प्राकृतिक विकल्प साबित होता है।
इन गमलों को सजाने के लिए न तो बहुत बड़े आंगन की जरूरत पड़ती है और न ही घंटों की बागवानी की। खिड़की की चौखट, बालकनी का कोई कोना, बेडरूम की मेज या बैठक में रखे छोटे स्टैंड पर भी ये आसानी से अपनी जगह बना लेते हैं। कमरे की सजावट में कृत्रिम चीजों का ढेर लगाने से कहीं बेहतर है कि प्रकृति को अपने करीब लाया जाए, जिससे माहौल में ताजगी के साथ मन को भी शांति मिलती है।
हवा की सफाई को लेकर क्या कहता है विज्ञान
कमरों में पौधे सजाने का चलन कोई नया नहीं है, मगर इसे वैज्ञानिक आधार 1980 के दशक में मिला। उस दौर में नासा (NASA) ने एक विस्तृत शोध के जरिए पता लगाया था कि कुछ खास किस्म के पौधे बंद स्थानों में तैरने वाले फॉर्मेल्डिहाइड और बेंजीन जैसे हानिकारक रसायनों को सोखने की क्षमता रखते हैं। इस खुलासे के बाद ही इनडोर गार्डनिंग को सेहत से जोड़कर देखा जाने लगा।
वर्तमान समय के वैज्ञानिकों का मानना है कि किसी कमरे की संपूर्ण हवा को पूरी तरह बदलने के लिए जितने विशाल पैमाने पर पौधों की दरकार होगी, उतने पौधे एक सामान्य फ्लैट या मकान में रख पाना मुमकिन नहीं है। इसके बावजूद इन पौधों की उपयोगिता किसी भी तरह कम नहीं होती। ये वातावरण में नमी बनाए रखते हैं, स्वच्छ ऑक्सीजन का संचार करते हैं और धूल के बारीक कणों को थामने में मदद करते हैं। सबसे खास बात यह है कि हरी पत्तियों को देखने भर से दिनभर की मानसिक थकान और तनाव काफूर हो जाता है।
कम धूप में भी चमक बिखेरने वाली पीस लिली
अगर आपके मकान में सीधी धूप बहुत कम आती है और आप एक खूबसूरत पौधा तलाश रहे हैं, तो पीस लिली सबसे बेहतरीन चुनाव है। इसके गहरे हरे रंग के चौड़े पत्ते और उन पर खिलने वाले सफेद फूल देखने में बेहद आकर्षक लगते हैं। इसे आप लिविंग रूम के सेंटर टेबल, बेडरूम की खिड़की या अपने ऑफिस डेस्क पर रख सकते हैं। कम रोशनी वाले कमरों में भी यह पौधा बिना किसी नखरे के तेजी से पनपता रहता है।
लापरवाह लोगों का सच्चा साथी स्नेक प्लांट
बहुत से लोग पौधे तो ले आते हैं, लेकिन भागदौड़ में नियमित पानी देना भूल जाते हैं। ऐसे लोगों के लिए स्नेक प्लांट सबसे मुफीद साबित होता है, जिसे बोलचाल में 'मदर-इन-लॉज़ टंग' के नाम से भी पुकारा जाता है। इसकी तलवार जैसी नुकीली पत्तियां ऊपर की तरफ सीधी बढ़ती हैं, जिसकी वजह से यह बेहद कम जगह घेरता है। छोटे फ्लैट्स की बालकनी, स्टडी टेबल या कमरे के किसी तंग कोने के लिए यह एकदम सटीक विकल्प है क्योंकि इसे नाममात्र की देखभाल चाहिए होती है।
झरने जैसी खूबसूरती बिखेरता स्पाइडर प्लांट
कमरे को एक जीवंत और घना रूप देने के लिए स्पाइडर प्लांट लगाना एक बढ़िया फैसला हो सकता है। इसकी मुड़ी हुई लंबी पत्तियां किसी फव्वारे या झरने की तरह नीचे की ओर झूलती हैं, जो देखने में अत्यंत सुंदर लगती हैं। इसे सीलिंग से लटकने वाली हैंगिंग बास्केट में या किसी ऊंची दीवार की शेल्फ पर सजाया जा सकता है। यह पौधा पानी की थोड़ी कमी और सूखे को भी बिना मुरझाए आसानी से झेल लेता है।
हरी-भरी छटा बिखेरने वाली बोस्टन फ़र्न
अगर आप चाहते हैं कि आपका कमरा किसी छोटे जंगल या सुंदर बगीचे जैसा अहसास कराए, तो बोस्टन फ़र्न की घनी और बारीक पत्तियां खाली कोनों में जान फूंक सकती हैं। इसे सामान्य गमले के अलावा हैंगिंग टोकरियों में भी खूबसूरती से लगाया जा सकता है। इस पौधे को हल्की धूप और वातावरण में थोड़ी नमी पसंद होती है, जिसके चलते स्नेक प्लांट के मुकाबले इसे थोड़ा अधिक नियमित पानी और ध्यान देने की जरूरत पड़ती है।
दीवारों को शाही अंदाज देने वाली इंग्लिश आइवी
ऊंचाई पर टंगी टोकरियों से जब इंग्लिश आइवी की बेलें नीचे की तरफ लहराती हैं, तो वे सादी दीवारों को एक बेहद सुरुचिपूर्ण और शाही लुक प्रदान करती हैं। यह पौधा वर्टिकल स्पेस का सबसे बेहतरीन इस्तेमाल करता है। अच्छी बढ़त बनाए रखने के लिए इसे मध्यम दर्जे की रोशनी और हल्की नम मिट्टी की आवश्यकता होती है, जिससे इसकी लताएं हरी-भरी बनी रहें।
कृत्रिम सजावटी सामानों पर पैसे खर्च करने के बजाय अपने कमरे को इन प्राकृतिक साथियों से आबाद करना सेहत और सुकून दोनों के लिए फायदेमंद सौदा है। थोड़े से जतन से ये पौधे आपके घर के भीतर एक ताजगी भरा माहौल तैयार कर देते हैं।
















