जुलाई का महीना बगीचे के शौकीनों के लिए किसी सौगात से कम नहीं होता। इस दौरान होने वाली लगातार बारिश और हवा में बनी रहने वाली नमी मिट्टी को नम रखती है, जिससे पौधों की जड़ें तेजी से पकड़ बनाती हैं और उनकी बढ़वार में कोई रुकावट नहीं आती। यही वजह है कि जो लोग अपनी छत, बालकनी या आंगन को रंग-बिरंगे फूलों से सजाना चाहते हैं, उनके लिए यही सबसे सही समय है। खास बात यह है कि नीचे बताए गए पांचों पौधे ज्यादा देखभाल की मांग नहीं करते और लंबे समय तक फूल देते रहते हैं, यानी एक बार लगाने के बाद बार-बार मशक्कत करने की जरूरत नहीं पड़ती।
गेंदा, सबसे भरोसेमंद और तेजी से बढ़ने वाला फूल
अगर पहली बार बागवानी कर रहे हैं तो गेंदे से शुरुआत करना सबसे आसान विकल्प है। बरसात के मौसम में यह पौधा बेहद तेज गति से बढ़ता है और थोड़े ही समय में फूल देना शुरू कर देता है। इसके फूल चटख पीले और नारंगी रंग के होते हैं, जो घर की रौनक बढ़ा देते हैं। यही वजह है कि पूजा-पाठ में माला बनाने से लेकर घर और गेट की सजावट तक, हर जगह गेंदे के फूलों की खूब मांग रहती है।
अपराजिता, बेल के सहारे फैलने वाली प्राकृतिक हरियाली
अपराजिता एक बेल वाला पौधा है, जिसे बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती, फिर भी यह तेजी से फैलता है। इसके नीले, सफेद या बैंगनी रंग के फूल देखने में बेहद आकर्षक लगते हैं। चूंकि यह बेल के रूप में फैलता है, इसलिए इसे दीवारों, छत के ऊपर लगी जाली या गेट के पास लगाकर पूरे स्थान को हरा-भरा और खूबसूरत बनाया जा सकता है।
मोगरा, खुशबू से पूरा माहौल महकाने वाला पौधा
मोगरे के सफेद फूलों की खासियत सिर्फ उनकी सुंदरता नहीं, बल्कि उनकी तेज और मीठी खुशबू भी है, जो पूरे आस-पास के वातावरण को महका देती है। बारिश के मौसम में यह पौधा बहुत तेजी से बढ़ता है। इसके फूलों का इस्तेमाल पूजा में, गजरा बनाने में और घर की सजावट में बड़े पैमाने पर किया जाता है।
रेन लिली, बारिश की पहली बौछार के साथ ही खिलने वाला पौधा
जैसे ही मानसून की पहली अच्छी बारिश होती है, रेन लिली के पौधे में तेजी से फूल आने लगते हैं। इसके सफेद, गुलाबी और पीले रंग के नाजुक फूल पूरे बगीचे को आकर्षक बना देते हैं। जिनके पास जगह की कमी है, उनके लिए यह पौधा बेहतरीन विकल्प है, क्योंकि यह छोटी जगह में भी आसानी से उग जाता है और इसे किसी खास देखभाल की भी दरकार नहीं होती।
गुड़हल, पूजा और आयुर्वेद दोनों में काम आने वाला फूल
बारिश के मौसम में गुड़हल के पौधे में नई शाखाएं तेजी से निकलने लगती हैं, जिससे पौधा घना और आकर्षक दिखने लगता है। इसके बड़े आकार के लाल, गुलाबी, पीले या सफेद फूल किसी भी बगीचे की शोभा बढ़ा देते हैं। खास बात यह है कि गुड़हल के फूल सिर्फ पूजा-पाठ तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनका इस्तेमाल आयुर्वेदिक उपचार में भी किया जाता रहा है।













