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मानसून में चेहरे पर क्यों बढ़ जाते हैं ब्लैकहेड्स? जानिए स्किन केयर के आसान उपाय और बचाव के तरीकेजीवनशैली
29 जुल॰ 2026, 2:37 am (9 दिन पहले)· 0

मानसून में चेहरे पर क्यों बढ़ जाते हैं ब्लैकहेड्स? जानिए स्किन केयर के आसान उपाय और बचाव के तरीके

मानसून में हवा की नमी बढ़ने से त्वचा में तेल और ब्लैकहेड्स की समस्या बढ़ जाती है। सही स्किन केयर रूटीन अपनाकर इससे बचाव किया जा सकता है।

आसमान में छाए काले बादल और बारिश की फुहारें गर्मी और उमस से बड़ी राहत दिलाती हैं, लेकिन यही मौसम त्वचा के लिए कई चुनौतियां भी खड़ा कर देता है। मानसून के दौरान चेहरे पर लगातार रहने वाली चिपचिपाहट, पिंपल्स और ब्लैकहेड्स की समस्या काफी बढ़ जाती है। कई बार जिन लोगों की स्किन पूरे साल एकदम साफ रहती है, वे भी इस मौसम में नाक और चेहरे पर अचानक उभरे ब्लैकहेड्स से परेशान हो उठते हैं। अगर समय पर इन जिद्दी ब्लैकहेड्स की तरफ ध्यान न दिया जाए, तो ये आगे चलकर गंभीर मुहांसों का रूप ले सकते हैं। सही जानकारी और नियमित स्किन केयर आदतों को अपनाकर इस मौसमी समस्या से बेहद आसानी से निपटा जा सकता है।

मानसून के दौरान क्यों बढ़ जाती है ब्लैकहेड्स की समस्या?

बारिश के दिनों में हवा में नमी का स्तर बहुत अधिक हो जाता है। वातावरण में मौजूद यह अतिरिक्त नमी त्वचा में स्थित तेल ग्रंथियों यानी सिबेशियस ग्लैंड्स को जरूरत से ज्यादा सक्रिय कर देती है। इसके परिणामस्वरूप त्वचा सामान्य दिनों के मुकाबले कहीं अधिक प्राकृतिक तेल यानी सीबम का उत्पादन करने लगती है। जब यह अतिरिक्त सीबम चेहरे पर जमा धूल-मिट्टी, पसीने और मृत त्वचा कोशिकाओं के साथ मिल जाता है, तो चेहरे के सूक्ष्म छिद्र यानी पोर्स बंद हो जाते हैं। बंद पोर्स में फंसा यह तेल और गंदगी जब बाहर की हवा के संपर्क में आती है, तो ऑक्सीकरण के कारण इसका रंग काला पड़ जाता है, जिसे हम ब्लैकहेड्स कहते हैं।

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सफाई में थोड़ी सी ढिलाई भी पड़ सकती है भारी

अक्सर देखा जाता है कि बारिश के मौसम में तापमान कम होने के कारण लोगों को लगता है कि पसीना नहीं आ रहा है, इसलिए दिन में बार-बार चेहरा धोने की आवश्यकता नहीं है। हालांकि, यह सोचना त्वचा के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। दिनभर वातावरण में मौजूद सूक्ष्म धूलकण और तेल चेहरे पर जमा होते रहते हैं। यदि इन्हें सही समय पर साफ न किया जाए, तो पोर्स बंद होने की गति तेज हो जाती है और ब्लैकहेड्स बहुत तेजी से पनपने लगते हैं। इसलिए मौसम चाहे जैसा भी हो, चेहरे की नियमित और सही धुलाई बेहद जरूरी है।

रोजाना स्क्रब करने की गलती से बचें

ब्लैकहेड्स से जल्दी छुटकारा पाने की चाहत में कई लोग रोजाना चेहरे पर स्क्रब का इस्तेमाल करने लगते हैं। त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार, रोज-रोज स्क्रब रगड़ने से स्किन की ऊपरी सुरक्षात्मक परत को नुकसान पहुंचता है। इससे त्वचा में रूखापन, जलन और लाली बढ़ सकती है, जिससे तेल ग्रंथियां और अधिक एक्टिव होकर सीबम बनाने लगती हैं। ब्लैकहेड्स से बचाव और सुरक्षित सफाई के लिए सप्ताह में केवल एक या दो बार ही हल्के स्क्रब अथवा माइल्ड एक्सफोलिएशन का उपयोग करना पर्याप्त होता है।

सोने से पहले मेकअप हटाना बेहद जरूरी

रात को सोते समय चेहरे पर मेकअप की हल्की सी परत भी छोड़ी जाए, तो वह त्वचा के पोर्स को पूरी तरह से सांस लेने से रोक देती है। मानसून के मौसम में नमी अधिक होने की वजह से मेकअप के कण पोर्स में गहराई तक समा जाते हैं और ब्लैकहेड्स का कारण बनते हैं। चाहे आपने बहुत हल्का मेकअप ही क्यों न किया हो, सोने से पहले क्लींजर से चेहरे को अच्छी तरह साफ करना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर स्किन की मरम्मत की स्वाभाविक प्रक्रिया बाधित होती है।

ऑयली स्किन वाले लोग कैसे रखें खास ख्याल?

जिन लोगों की त्वचा प्राकृतिक रूप से तैलीय यानी ऑयली होती है, मानसून में उनके लिए ब्लैकहेड्स का खतरा दोगुना हो जाता है। ऐसे लोगों को अपने स्किन केयर रूटीन में बेहद सतर्कता बरतनी चाहिए। ऑयली स्किन वालों के लिए हल्के फेसवॉश, ऑयल-फ्री मॉइस्चराइजर और नॉन-कॉमेडोजेनिक प्रोडक्ट्स का चयन करना सबसे उपयुक्त रहता है। नॉन-कॉमेडोजेनिक प्रोडक्ट्स ऐसे खास फॉर्मूले से बनाए जाते हैं जो त्वचा के रोमछिद्रों को बंद नहीं होने देते, जिससे ब्लैकहेड्स बनने की संभावना काफी कम हो जाती है।

घर पर त्वचा की सही देखभाल के असरदार उपाय

अगर चेहरे पर बार-बार ब्लैकहेड्स आने की शिकायत रहती है, तो कुछ आसान और प्रभावी आदतों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया जा सकता है। प्रतिदिन कम से कम दो बार सौम्य फेसवॉश से चेहरे की सफाई करें। दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं ताकि त्वचा अंदर से हाइड्रेटेड रहे। इसके अलावा अधिक तैलीय, मसालेदार और प्रोसेस्ड भोजन के सेवन पर नियंत्रण रखें। हमेशा साफ और सूखे तौलिये का ही प्रयोग करें। अपने हाथों से चेहरे को बार-बार छूने से बचें, क्योंकि हाथों में लगे बैक्टीरिया और गंदगी चेहरे पर स्थानांतरित होकर पोर्स को संक्रमित कर सकते हैं।

क्या ब्लैकहेड्स को खुद निकालना सही है?

ब्लैकहेड्स दिखाई देने पर बहुत से लोग उन्हें अपने नाखूनों से दबाकर या मेटल ब्लैकहेड रिमूवर की मदद से खुद ही बाहर निकालने की कोशिश करने लगते हैं। यह तरीका त्वचा के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। अनजाने में गलत दबाव डालने से त्वचा के ऊतक क्षतिग्रस्त हो सकते हैं, जिससे चेहरे पर स्थायी दाग-धब्बे, सूजन या बैक्टीरिया का संक्रमण फैल सकता है। यदि ब्लैकहेड्स की समस्या बहुत ज्यादा बढ़ गई है या बार-बार हो रही है, तो खुद प्रयोग करने के बजाय किसी योग्य त्वचा विशेषज्ञ से परामर्श लेना ही सुरक्षित विकल्प है।

आहार और जीवनशैली का त्वचा पर असर

त्वचा की खूबसूरती और सेहत केवल बाहरी क्रीम या फेसवॉश पर निर्भर नहीं करती, बल्कि इसका सीधा संबंध हमारे खान-पान और जीवनशैली से होता है। संतुलित आहार, ताजे मौसमी फल, हरी पत्तेदार सब्जियां और प्रचुर पानी त्वचा को भीतर से पोषण प्रदान करते हैं। इसके साथ ही हर रात 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लेना और मानसिक तनाव को नियंत्रित रखना भी बहुत जरूरी है। तनाव से शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं जो तेल ग्रंथियों को प्रभावित करते हैं। मानसून के मौसम में इन छोटी-छोटी सावधानियों को अपनाकर त्वचा को चमकदार, साफ और सेहतमंद रखा जा सकता है।

सवाल-जवाब

मानसून में अचानक ब्लैकहेड्स क्यों बढ़ने लगते हैं?
बारिश में हवा की नमी से तेल ग्रंथियां ज्यादा सीबम बनाती हैं, जो धूल और मृत कोशिकाओं के साथ पोर्स में जमा होकर ऑक्सीकरण की वजह से काला पड़ जाता है।
क्या ब्लैकहेड्स हटाने के लिए रोजाना चेहरे को स्क्रब करना चाहिए?
नहीं, रोज स्क्रब करने से त्वचा की सुरक्षात्मक परत को नुकसान पहुंचता है और जलन बढ़ सकती है। सप्ताह में केवल 1 से 2 बार हल्का स्क्रब ही काफी है।
क्या नाखूनों या रिमूवर से ब्लैकहेड्स निकालना सुरक्षित है?
बिल्कुल नहीं, खुद निकालने से त्वचा पर दाग-धब्बे, सूजन और बैक्टीरिया का संक्रमण हो सकता है। ज्यादा समस्या होने पर त्वचा विशेषज्ञ से मिलें।
ऑयली स्किन वालों को मानसून में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
ऑयली स्किन वालों को हल्के फेसवॉश, ऑयल-फ्री मॉइस्चराइजर और नॉन-कॉमेडोजेनिक स्किनकेयर प्रोडक्ट्स का ही इस्तेमाल करना चाहिए।
क्या रात को मेकअप लगाकर सोने से भी ब्लैकहेड्स होते हैं?
हां, रात में मेकअप न हटाने से पोर्स बंद हो जाते हैं और नमी के कारण ब्लैकहेड्स बनने का खतरा बढ़ जाता है।
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