हिमाचल प्रदेश की वादियों में स्थित अभिनेत्री कंगना रनौत का मनाली वाला आवास प्राकृतिक सौंदर्य और विशेष बनावट का अनूठा मेल प्रस्तुत करता है। पहाड़ों के शांत वातावरण के बीच निर्मित यह बंगला यूरोपीय शैली के एक आकर्षक रिट्रीट के रूप में तैयार किया गया है। इस आवास की आंतरिक सज्जा का कार्य प्रसिद्ध इंटीरियर डिजाइनर शबनम गुप्ता ने किया है। घर की सजावट में पारंपरिक लकड़ी के बारीक काम, विंटेज फर्नीचर, बड़े कांच के झरोखों और चारों तरफ फैली खूबसूरत पहाड़ी दृश्यावली का विशेष ध्यान रखा गया है। इस बंगले का एक प्रमुख आकर्षण ग्लास कंजर्वेटरी है, जहां बैठकर बाहर के मनोरम प्राकृतिक नजारों का सीधा आनंद लिया जा सकता है।
भव्य सुख-सुविधाओं से सुसज्जित आठ बेडरूम का निजी बंगला
इस शानदार पहाड़ी आवास में कुल आठ बेडरूम मौजूद हैं। इसके अतिरिक्त बंगले में खुली बालकनी, विशाल डाइनिंग एरिया, ठंड से राहत देने वाले फायरप्लेस, आधुनिक जिम और ध्यान व साधना के लिए एक अलग योग रूम भी तैयार किया गया है। आवास के मूल्यांकन और लागत को लेकर सामने आने वाले विभिन्न आंकड़े पूरी तरह अनुमानों पर आधारित रहे हैं, इसलिए उन्हें वर्तमान का आधिकारिक मूल्य नहीं माना जा सकता। पर्यटकों और प्रशंसकों के लिए यह समझना जरूरी है कि यह एक पूरी तरह से निजी संपत्ति है। मनाली यात्रा के दौरान किसी के निजी परिसर में अनाधिकृत रूप से प्रवेश करना या केवल तस्वीरें खींचने के लिए वहां जाना सर्वथा अनुचित है। यदि इस पहाड़ी घर के दृश्यों से मनाली की सैर की प्रेरणा मिलती है, तो नगर में अनेक ऐसे दर्शनीय स्थल हैं जहां स्वतंत्र रूप से घूमा जा सकता है।
वशिष्ठ गांव के गर्म जलस्रोत और रोहतांग पास की यात्रा
मनाली आने वाले सैलानियों के लिए वशिष्ठ गांव एक बेहद खास मुकाम है। यह छोटा सा गांव अपने ऐतिहासिक मंदिर और प्राकृतिक रूप से फूटने वाले गर्म पानी के कुंडों के लिए व्यापक पहचान रखता है। वहीं साहसिक यात्रा पसंद करने वालों के लिए रोहतांग पास मुख्य आकर्षणों में गिना जाता है। मनाली के मुख्य शहर से रोहतांग पास की दूरी लगभग 51 किलोमीटर है। उच्च पर्वतीय क्षेत्र होने के कारण वहां जाने से पहले स्थानीय मौसम की स्थिति का जायजा लेना और स्थानीय प्रशासन द्वारा निर्धारित यात्रा अनुमति नियमों की जानकारी जुटाना अत्यंत आवश्यक माना जाता है।
ओल्ड मनाली की जीवंत संस्कृति और मनु मंदिर
पर्यटन में कुछ नया तलाशने वालों को ओल्ड मनाली का रुख अवश्य करना चाहिए। इस हिस्से की तंग गलियों में जीवंत कैफे संस्कृति, छोटे स्थानीय बाजार और ठेठ हिमाचली जनजीवन का अनूठा रंग देखने को मिलता है। ओल्ड मनाली के क्षेत्र में ही विख्यात मनु मंदिर स्थित है। यह पावन स्थल पत्थर और लकड़ी के पारंपरिक पहाड़ी वास्तुशिल्प का एक शानदार और उत्कृष्ट नमूना पेश करता है।
सोलंग वैली में साहसिक खेल और गतिविधियां
साहसिक खेलों के शौकीनों के लिए सोलंग वैली एक अनिवार्य पड़ाव है, जो मनाली से तकरीबन 13 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह खुली घाटी पैराग्लाइडिंग, केबल कार रोपवे, जोरबिंग जैसी रोमांचक गतिविधियों के लिए बेहद प्रसिद्ध है। शीतकाल के आगमन पर जब यह इलाका बर्फ की सफेद चादर से ढक जाता है, तब यहां होने वाले विभिन्न स्नो स्पोर्ट्स पर्यटकों के बीच जबरदस्त आकर्षण का केंद्र बन जाते हैं।
ऐतिहासिक हिडिंबा देवी मंदिर का पैगोडा स्थापत्य
ऊंचे और घने देवदार के वनों से घिरा हिडिंबा देवी मंदिर मनाली की सांस्कृतिक पहचान का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। हिमाचल पर्यटन के विवरण के मुताबिक यह मंदिर 16वीं शताब्दी का है। इसकी अनूठी वास्तुकला लकड़ी और पत्थर से निर्मित चार मंजिला पैगोडा शैली में बनी हुई है, जो दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं और कला प्रेमियों को विशेष रूप से आकर्षित करती है।



















