काजू, बादाम, अखरोट और पिस्ता जैसे ड्राई फ्रूट्स न केवल खाने में स्वादिष्ट होते हैं, बल्कि इनमें सेहत के लिए बेहद फायदेमंद पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं। रोजाना इनका सेवन शरीर को ऊर्जा और ताकत देता है। हालांकि, कई बार बाजार से महंगे ड्राई फ्रूट्स खरीदने के कुछ ही दिनों बाद उनका कुरकुरापन खत्म होने लगता है और वे नरम पड़ जाते हैं। मेवों के इस तरह सीलने या नमी पकड़ने के पीछे सबसे बड़ा कारण उन्हें स्टोर करने का गलत तरीका और आसपास की नमी होती है। अगर आप भी इस समस्या से परेशान रहते हैं, तो रसोई में कुछ आसान और बुनियादी सावधानियां अपनाकर अपने मेवों की ताजगी और कुरकुरापन लंबे समय तक सुरक्षित रख सकते हैं।
पैकेजिंग की गलती और नमी का असर
घरों में सबसे ज्यादा की जाने वाली आम गलती यह है कि लोग काजू और बादाम को बाजार से लाने के बाद उन्हें पतली प्लास्टिक की थैली या खुले पैकेट में ही छोड़ देते हैं। ऐसी अस्थायी पैकेजिंग में बाहर की हवा और नमी बड़ी आसानी से प्रवेश कर जाती है। विशेष रूप से मॉनसून के दिनों में या अधिक उमस वाले मौसम में हवा में मौजूद नमी को ड्राई फ्रूट्स बहुत तेजी से सोख लेते हैं। इस वजह से उनका स्वाभाविक क्रंच खत्म हो जाता है और वे चबाने में रबड़ जैसे नरम लगने लगते हैं। इसके अलावा, खुले रहने पर इनमें मौजूद प्राकृतिक तेल भी हवा के संपर्क में आकर खराब होने लगता है, जिससे इनका स्वाद बिगड़ने लगता है।
सही डिब्बे का चुनाव और रखने की जगह
ड्राई फ्रूट्स को लंबे समय तक सुरक्षित रखने का सबसे असरदार तरीका है कि उन्हें पूरी तरह सूखे और एयरटाइट कंटेनर में रखा जाए। कांच के जार या फिर अच्छी गुणवत्ता वाले फूड-ग्रेड एयरटाइट डिब्बे इसके लिए सबसे बेहतर विकल्प माने जाते हैं। डिब्बे में मेवे भरने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि उसके अंदर नमी या पानी की एक भी बूंद न हो। इसके अलावा, डिब्बे को रसोई में रखने की जगह भी बहुत मायने रखती है। कंटेनर को कभी भी गैस स्टोव, पानी के सिंक या ऐसी जगह के पास न रखें जहां भाप और गर्मी ज्यादा रहती हो। इन्हें रसोई की किसी ठंडी, सूखी और अंधेरी अलमारी में रखना चाहिए, क्योंकि अत्यधिक गर्मी और रोशनी से इनका स्वाद तथा गुणवत्ता दोनों प्रभावित होते हैं।
दैनिक इस्तेमाल के नियम और रेफ्रिजरेटर का प्रयोग
डिब्बे को बार-बार खोलने की आदत भी मेवों को खराब कर सकती है। हर बार जब आप कंटेनर का ढक्कन खोलते हैं, तो बाहर की नमी युक्त हवा अंदर चली जाती है। इससे बचने के लिए केवल उतनी ही मात्रा बाहर निकालें जितनी तुरंत जरूरत हो और मुख्य डिब्बे का ढक्कन तुरंत कसकर बंद कर दें। यदि आपके पास बहुत अधिक मात्रा में ड्राई फ्रूट्स रखे हैं या आप बहुत अधिक गर्म और उमस वाले इलाके में रहते हैं, तो मेवों को एयरटाइट डिब्बे में बंद करके रेफ्रिजरेटर में स्टोर करना एक बढ़िया समाधान है। हालांकि, फ्रिज से डिब्बा बाहर निकालने के बाद उसे तुरंत न खोलें। डिब्बे को पहले कमरे के तापमान पर आने दें और उसके बाद ही ढक्कन खोलें, ताकि बाहर की ठंडी सतह पर नमी की बूंदें न जमें।
खराब मेवों की पहचान और सीले हुए ड्राई फ्रूट्स को दोबारा क्रंची बनाने का तरीका
मेवों का इस्तेमाल करने से पहले और उन्हें स्टोर करते समय बीच-बीच में जांचते रहना जरूरी है। अगर किसी काजू, बादाम या अखरोट से अजीब गंध आने लगे या उसका स्वाद कड़वा अथवा खराब महसूस हो, तो उसे तुरंत बाकी मेवों से अलग कर देना चाहिए। खराब या बासी ड्राई फ्रूट्स का सेवन सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है। यदि आपके मेवे केवल नमी के कारण नरम पड़े हैं और उनमें किसी तरह का फफूंद या दुर्गंध नहीं है, तो उन्हें दोबारा कुरकुरा बनाया जा सकता है। इसके लिए एक सूखे पैन को धीमी आंच पर रखें और मेवों को बिना तेल या घी के थोड़ी देर हल्का भून लें। पूरी तरह ठंडा हो जाने के बाद ही उन्हें वापस एयरटाइट कंटेनर में भरें। ध्यान रखें कि जले हुए या बासी हो चुके मेवों को भूनकर इस्तेमाल करने की गलती न करें।



















