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पब्लिक टॉयलेट के दरवाजे फर्श से कुछ इंच ऊपर क्यों रखे जाते हैं, जानिए इसके पीछे की पूरी वजहजीवनशैली
1 घंटे पहले· 3

पब्लिक टॉयलेट के दरवाजे फर्श से कुछ इंच ऊपर क्यों रखे जाते हैं, जानिए इसके पीछे की पूरी वजह

मॉल, सिनेमा हॉल, एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन के टॉयलेट के दरवाजे नीचे से खुले क्यों रहते हैं, इसके पीछे सुरक्षा, सफाई और हवादारी जैसे कई व्यावहारिक कारण छिपे हैं।

Priya SharmaPriya SharmaLifestyle Editor 3 मिनट पढ़ें AI के लिए
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शॉपिंग मॉल हो, मल्टीप्लेक्स हो, एयरपोर्ट हो या रेलवे स्टेशन, इन जगहों के टॉयलेट इस्तेमाल करते वक्त शायद आपने एक बात पर गौर किया हो कि यहां के दरवाजे आपके घर के दरवाजों जैसे नहीं होते। घर के बाथरूम का दरवाजा ऊपर से नीचे तक, सीधे फर्श को छूता हुआ होता है, जबकि सार्वजनिक जगहों पर लगे दरवाजे आकार में छोटे होते हैं और जमीन से कई इंच ऊपर ही खत्म हो जाते हैं। नीचे की तरफ एक खुली जगह यानी गैप छूटा रहता है। पहली नजर में यह डिजाइन अटपटी लग सकती है, मन में सवाल भी उठता है कि जब नीचे से कोई झुककर देख सकता है तो ऐसे दरवाजे बनाए ही क्यों जाते हैं। हकीकत यह है कि इस गैप के पीछे कई सोची-समझी और काम की वजहें हैं।

सबसे बड़ी वजह है आपकी सुरक्षा

इन दरवाजों को जानबूझकर फर्श से थोड़ा ऊपर रखा जाता है ताकि किसी आपात स्थिति में फंसे व्यक्ति तक मदद पहुंचाई जा सके। कई बार ऐसा होता है कि अंदर गया कोई व्यक्ति अचानक बीमार पड़ जाए, चक्कर खाकर या बेहोश होकर गिर जाए। ऐसे हालात में बाहर खड़े लोग नीचे के इसी खुले हिस्से से अंदर का अंदाजा लगा लेते हैं और जरूरत पड़ने पर उस व्यक्ति को तुरंत बाहर निकाल सकते हैं।

सफाई करना आसान हो जाता है

सार्वजनिक टॉयलेट की साफ-सफाई बनाए रखना सबसे जरूरी कामों में से एक है। दरवाजे और फर्श के बीच गैप होने का फायदा यह है कि सफाई करने वाले कर्मचारी बिना दरवाजा खोले ही पोछे का कपड़ा और सफाई के औजार नीचे से अंदर तक पहुंचा देते हैं। इससे पूरे फर्श पर आसानी से पोछा लग जाता है, हाइजीन बना रहता है और बदबू भी दूर रहती है।

हवा की आवाजाही और बदबू पर लगाम

दिन भर में सैकड़ों लोग इन टॉयलेट का इस्तेमाल करते हैं, इसलिए यहां बदबू और नमी होना स्वाभाविक है। ऐसी जगह पर अच्छी हवादारी बेहद जरूरी हो जाती है। नीचे का गैप हवा के आने-जाने का रास्ता बना देता है, जिससे अंदर ताजी हवा पहुंचती रहती है और दुर्गंध काफी हद तक कम हो जाती है।

किसी के छिपे होने का खतरा कम

सुरक्षा के लिहाज से भी ये दरवाजे छोटे और जमीन से ऊपर बनाए जाते हैं। फर्श और दरवाजे के बीच खुली जगह होने से बाहर से ही पता चल जाता है कि कहीं अंदर कोई बदमाश या संदिग्ध व्यक्ति तो छिपकर नहीं बैठा है।

लागत में भी फायदा

पूरी लंबाई वाले दरवाजों के मुकाबले छोटे दरवाजे बनाने में कम सामग्री लगती है। यही वजह है कि सार्वजनिक जगहों पर इन्हें लगाने से निर्माण और रखरखाव का खर्च कुछ हद तक घट जाता है।

प्राइवेसी की चिंता कितनी सही

कुछ लोगों को यह डिजाइन निजता के लिहाज से असहज लग सकती है और थोड़ी असुविधा भी महसूस होती है, क्योंकि दरवाजे ऊंचाई पर बने होते हैं। लेकिन घबराने की जरूरत नहीं, क्योंकि गैप सिर्फ नीचे की तरफ होता है और इतना नीचे होता है कि व्यक्ति की निजता बनी रहती है। यही वजह है कि दुनिया भर के ज्यादातर सार्वजनिक टॉयलेट में आपको इसी तरह के दरवाजे देखने को मिलेंगे।

इसका आप पर असर

  • रोजमर्रा में: अगली बार मॉल या स्टेशन के टॉयलेट का दरवाजा नीचे से खुला दिखे तो बेफिक्र रहें, यह डिजाइन आपकी सुरक्षा, साफ-सफाई और हवादारी को ध्यान में रखकर बनाई गई है।
  • आपात स्थिति में: अगर अंदर कोई बेहोश हो जाए तो यही नीचे का गैप बाहर खड़े लोगों के लिए जल्दी मदद पहुंचाने का जरिया बन जाता है।

सवाल-जवाब

पब्लिक टॉयलेट के दरवाजे फर्श से ऊपर क्यों बनाए जाते हैं?
इसके पीछे मुख्य वजह सुरक्षा है, ताकि अंदर किसी की तबीयत बिगड़ने या बेहोश होने पर बाहर के लोग गैप से स्थिति भांपकर तुरंत मदद कर सकें।
क्या नीचे का गैप सफाई में मदद करता है?
हां, दरवाजे और फर्श के बीच गैप होने से सफाईकर्मी बिना दरवाजा खोले पोछा और सफाई के औजार नीचे से अंदर पहुंचाकर पूरा फर्श साफ कर सकते हैं।
क्या यह डिजाइन प्राइवेसी के लिए ठीक है?
गैप सिर्फ नीचे की तरफ और इतना नीचे होता है कि व्यक्ति की निजता बनी रहती है, इसलिए इसका इस्तेमाल बेफिक्र होकर किया जा सकता है।
नीचे के गैप से बदबू पर क्या असर पड़ता है?
यह गैप हवा की आवाजाही का रास्ता बनाता है, जिससे अंदर ताजी हवा पहुंचती रहती है और दुर्गंध काफी हद तक कम हो जाती है।
क्या छोटे दरवाजे बनाना सस्ता पड़ता है?
हां, पूरी लंबाई वाले दरवाजों के मुकाबले छोटे दरवाजों में कम सामग्री लगती है, जिससे निर्माण और रखरखाव का खर्च घट जाता है।
#जीवनशैली#पब्लिकटॉयलेट#टॉयलेटडिजाइन#मॉलटॉयलेट#रोचकजानकारी#दरवाजेकागैप#सार्वजनिकशौचालय

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