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बिहार के नरेंद्र सिंह ने अपनी छत को बनाया हरा-भरा बगीचा, दूर-दूर से टिप्स लेने आ रहे लोगजीवनशैली
9 अग॰ 2026, 2:28 pm (14 घंटे पहले)· 0

बिहार के नरेंद्र सिंह ने अपनी छत को बनाया हरा-भरा बगीचा, दूर-दूर से टिप्स लेने आ रहे लोग

छपरा के नरेंद्र सिंह ने अपने घर की छत पर हजारों फल, फूल और औषधीय पौधे उगाकर एक अनोखा बगीचा तैयार किया है, जिसे देखने बिहार और उत्तर प्रदेश से लोग आ रहे हैं।

शहरी और कस्बाई इलाकों में अक्सर जमीन की कमी के कारण लोग पेड़-पौधे लगाने के अपने शौक को पूरा नहीं कर पाते हैं। लेकिन बिहार के छपरा जिले के रहने वाले नरेंद्र सिंह ने यह साबित कर दिखाया है कि अगर मन में इच्छाशक्ति हो, तो जमीन की कमी कभी भी बागवानी के रास्ते में रुकावट नहीं बन सकती। उन्होंने अपने घर की छत को ही एक खूबसूरत और घने बगीचे में तब्दील कर दिया है, जो अब पूरे इलाके के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुका है।

दरवाजे से लेकर छत तक बिखरी हरियाली

नरेंद्र सिंह को पेड़-पौधों से बेहद लगाव है और उनका यह जूनून उनके घर के मुख्य प्रवेश द्वार से ही दिखने लगता है। उन्होंने मुख्य द्वार से लेकर पूरी छत को भांति-भांति के पौधों से सजाया है। अपनी छत पर गमलों और तरह-तरह के कंटेनरों का उपयोग करके उन्होंने हजारों की संख्या में पौधे उगाए हैं। उनके इस टेरिस गार्डन में फलदार वृक्ष, बहुउपयोगी औषधीय पौधे और मौसम के अनुसार खिलने वाले रंग-बिरंगे फूल वाले पौधे शामिल हैं। सीमित जगह में बड़े पैमाने पर की गई यह बागवानी यह दर्शाती है कि सही योजना के साथ छत का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है।

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दूर-दूर से टिप्स लेने पहुंच रहे लोग

नरेंद्र सिंह की यह अनोखी टेरिस गार्डनिंग अब केवल उनके घर तक सीमित नहीं रही है, बल्कि आसपास के जिलों और राज्यों में भी इसकी चर्चा हो रही है। इस खूबसूरत हरियाली को देखने और छत पर पौधे उगाने की बारीकियां सीखने के लिए लोग दूर-दूर से छपरा पहुंच रहे हैं। बिहार के पटना और हाजीपुर जैसे शहरों के अलावा पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश से भी बड़ी संख्या में लोग उनके घर आकर टेरिस गार्डनिंग के व्यावहारिक तरीके सीख रहे हैं।

छत पर बागवानी करने के जरूरी टिप्स

घर के आसपास खाली जमीन या खेत न होने की चिंता करने वालों को नरेंद्र सिंह एक सकारात्मक संदेश देते हैं। उनका मानना है कि छत बागवानी के लिए सबसे बेहतरीन और सुरक्षित स्थान है। छत पर फल, सब्जियां और फूल उगाने के लिए कुछ मुख्य बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है

  • जल निकासी का इंतजाम: पौधों के गमलों और कंटेनरों में पानी के निकलने का सही रास्ता होना चाहिए ताकि छत को कोई नुकसान न पहुंचे।
  • पौधों की सही देखभाल: सही मिट्टी, खाद और समय पर पानी देने से पौधे तेजी से बढ़ते हैं।
  • किस्मों का चयन: मौसम के अनुसार फूलों, सब्जियों और औषधीय पौधों का चुनाव करके साल भर छत को हरा-भरा रखा जा सकता है।

नरेंद्र सिंह का यह प्रयास आज उन तमाम लोगों को प्रेरित कर रहा है जो जगह के अभाव में अपनी गार्डनिंग का शौक छोड़ देते थे।

सवाल-जवाब

नरेंद्र सिंह कहां के रहने वाले हैं?
वह बिहार के छपरा जिले के निवासी हैं।
उन्होंने अपनी छत पर किस तरह के पौधे लगाए हैं?
उन्होंने अपनी छत पर हजारों फलदार, औषधीय और मौसमी फूल वाले पौधे उगाए हैं।
उनकी बागवानी देखने कहां-कहां से लोग आ रहे हैं?
उनकी टेरिस गार्डनिंग देखने पटना, हाजीपुर, उत्तर प्रदेश और बिहार के कई अन्य जिलों से लोग पहुंच रहे हैं।
छत पर पौधे उगाने के लिए किस बात का ध्यान रखना जरूरी है?
छत पर जल निकासी का सही प्रबंध और सही गमलों का चुनाव करना बेहद आवश्यक है।
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