उदयपुर शहर में एक बेहद दिलचस्प और अनोखा बाजार सजा है, जहां कपड़ों या रोजमर्रा के सामान की जगह पुरानी करेंसी का कारोबार चल रहा है। यहां आने वाले ग्राहकों को आम दुकानों की बजाय अलग-अलग दौर के पुराने नोट और दुर्लभ सिक्के देखने को मिल रहे हैं। इस अनूठे बाजार में देश के कोने-कोने से मुद्रा संग्राहक यानी कलेक्टर पहुंचे हैं, जो अपने वर्षों पुराने और दुर्लभ संग्रह का प्रदर्शन करने के साथ-साथ उनका आदान-प्रदान भी कर रहे हैं। इस अनूठी प्रदर्शनी को देखने और अपनी पसंद की चीजें खरीदने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।
बीते दौर की यादें और अनोखी डिजाइन
इस बाजार में ऐसी कई मुद्राएं मौजूद हैं जिनका चलन मौजूदा दौर में पूरी तरह बंद हो चुका है। इतिहास के अलग-अलग कालखंडों में इस्तेमाल की गई इन करेंसी को बेहद करीने से सहेजकर रखा गया है। कई नोट अपनी खास बनावट और छपाई शैली के कारण अलग पहचान रखते हैं, तो कुछ प्राचीन सिक्के अपने ऐतिहासिक महत्व से लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। यही वजह है कि यहां आने वाले दर्शक हर एक स्टॉल पर रुककर इन दुर्लभ वस्तुओं का बारीकी से निरीक्षण कर रहे हैं और उनके इतिहास के बारे में जानने की कोशिश कर रहे हैं।
देशभर के कलेक्टरों का जुटान
इस अनूठे आयोजन में सिर्फ स्थानीय लोग या राजस्थान के संग्राहक ही शामिल नहीं हैं, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों से नामी करेंसी कलेक्टर अपनी तिजोरियां लेकर पहुंचे हैं। इन लोगों के पास दशकों की मेहनत से जुटाया गया बेशकीमती नोटों और सिक्कों का विशाल जखीरा है। कुछ संग्राहक अपने अमूल्य संग्रह को प्रदर्शनी के तौर पर दिखा रहे हैं, जबकि अन्य लोग अपनी कलेक्शन सूची की कमी को पूरा करने के लिए उपयुक्त सिक्कों की तलाश में जुटे हैं। इस स्थल पर खरीदारों और विक्रेताओं दोनों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है, जिससे बाजार में एक अलग ही रौनक बनी हुई है।
इतिहास और यादों का अनमोल सफर
संग्रहकर्ताओं के लिए पुराने नोट और सिक्के केवल कागज के टुकड़े या धातु नहीं होते, बल्कि उनके साथ एक पूरा इतिहास और पुरानी यादें जुड़ी होती हैं। किसी विशेष नोट पर छपी तस्वीर, उसकी खास प्रिंटिंग तकनीक, अनोखा सीरियल नंबर, निर्माण वर्ष या किसी ऐतिहासिक अवसर पर जारी की गई करेंसी उसे आम नोटों से बिल्कुल जुदा बना देती है। यही एक मुख्य वजह है कि तमाम लोग अपनी रुचि के चलते वर्षों से इस तरह की दुर्लभ चीजों को सहेजने और सहेजकर रखने का काम करते आ रहे हैं।
शौकीनों के लिए बना आकर्षण का केंद्र
उदयपुर में सजा यह पैसों का बाजार फिलहाल इतिहास प्रेमियों और मुद्रा संग्राहकों के बीच गहरी उत्सुकता का विषय बना हुआ है। यहां पहुंच रहे आम नागरिकों के लिए यह अनुभव किसी पारंपरिक बाजार की खरीदारी से बिल्कुल अलग और रोमांचक है। एक तरफ लोग बीते हुए कल की करेंसी से रूबरू होकर इतिहास के पन्नों से जुड़ रहे हैं, तो दूसरी तरफ संग्राहक अपनी पसंद के नायाब नगीनों को ढूंढकर अपने कलेक्शन का हिस्सा बना रहे हैं। यह अनूठा आयोजन इन दिनों शहरभर में खासी चर्चा का केंद्र बना हुआ है।



















