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पन्ना-हरी बनारसी साड़ी और हीरों से सजे गणेश पेंडेंट में दिखा नीता अंबानी का पारंपरिक अंदाजजीवनशैली
19 सित॰ 2026, 3:39 pm (40 दिन पहले)· 0

पन्ना-हरी बनारसी साड़ी और हीरों से सजे गणेश पेंडेंट में दिखा नीता अंबानी का पारंपरिक अंदाज

नीता अंबानी ने बनारसी ब्रोकेड साड़ी और हीरों व पन्नों से तैयार भगवान गणेश के खास पेंडेंट वाले नेकलेस के साथ अपना शाही पारंपरिक रूप पेश किया है।

भारतीय पारंपरिक परिधानों और आभूषणों को सुरुचिपूर्ण ढंग से पेश करने के मामले में नीता अंबानी अक्सर एक अलग मिसाल कायम करती हैं। किसी भी पारिवारिक उत्सव या औपचारिक कार्यक्रम में उनका पहनावा भारतीय शिल्प और विरासत का बेहतरीन उदाहरण बनकर सामने आता है। हाल ही में सामने आई तस्वीरों में उनका एक नया पारंपरिक अवतार देखने को मिला है, जहाँ वे पन्ना-हरे रंग की बनारसी साड़ी और विशेष रूप से तैयार किए गए कीमती हीरों व पन्नों के नेकलेस में बेहद गरिमामय नजर आईं। इस पूरे पहनावे का मुख्य आकर्षण उनके गले में सजी भगवान गणेश की अनूठी आकृति वाला पेंडेंट रहा, जिसने भारतीय आस्था और राजसी ठाठ-बाठ को एक साथ खूबसूरती से दर्शाया।

चांदी की नक्काशीदार ब्रोकेड साड़ी का आकर्षण

इस अवसर पर पहनी गई गहरे पन्ना-हरे रंग की साड़ी बनारसी ब्रोकेड सिल्क से तैयार की गई थी। वस्त्र पर चांदी के धागों से बारीक और कलात्मक मोटिफ्स बुने गए थे, जो गहरे हरे रंग की पृष्ठभूमि पर बेहद खिलकर उभर रहे थे। साड़ी का किनारा यानी बॉर्डर पूरी तरह से पारंपरिक भारतीय बुनाई शैली में रखा गया था, जबकि पल्लू के हिस्से पर घनी और समृद्ध कारीगरी की गई थी। इस भारी पल्लू ने साड़ी को एक शाही बनावट प्रदान की।

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साड़ी के साथ उन्होंने उसी पन्ना-हरे रंग का मैचिंग ब्लाउज पहना, जिससे एक संपूर्ण और सुव्यवस्थित संयोजन तैयार हुआ। पूरे वस्त्र पर प्रचुर मात्रा में की गई पारंपरिक जरदोजी और ब्रोकेड की बनावट के बाद भी यह पहनावा देखने में अत्यंत शालीन लगा। इसमें किसी भी तरह का भड़कीलापन नहीं था, बल्कि परिधान का समग्र प्रभाव बेहद संयमित, सौम्य और सुरुचिपूर्ण बना रहा।

भगवान गणेश के स्वरूप में तराशा गया भव्य पेंडेंट

इस राजसी शृंगार का केंद्र बिंदु नीता अंबानी का अनूठा हार साबित हुआ। कीमती हीरों और चमकदार पन्नों की बारीक जड़ाई से बने इस नेकलेस के मध्य में एक विशाल पन्ना स्थापित किया गया था, जिसे बेहद कुशलता से विघ्नहर्ता भगवान गणेश का आकार दिया गया था। इस केंद्रीय पेंडेंट की रूपरेखा को चमचमाते हीरों और छोटे-छोटे हरे रत्नों की दोहरी बनावट से अलंकृत किया गया था।

नेकलेस की मुख्य लड़ियों और चेन में भी नियमित अंतराल पर छोटे आकार के तराशे हुए हीरे और पन्ने जड़े गए थे। आभूषण का यह उत्कृष्ट नमूना न केवल भारतीय धार्मिक प्रतीकों के प्रति आदर प्रकट करता है, बल्कि भारतीय रत्न तराशने की समृद्ध परंपरा को भी दर्शाता है। पेंडेंट की भव्यता ऐसी थी कि देखने वालों की नजर सहज रूप से इसी कलाकृति पर जाकर ठहर जाती है।

अन्य आभूषणों और सहायक शृंगार का संतुलन

जब गले का हार इतना भारी और विशिष्ट हो, तब अन्य आभूषणों का चयन अत्यंत सोच-समझकर करना होता है ताकि वे मुख्य आभूषण के प्रभाव को दबा न दें। नीता अंबानी ने इस संतुलन का पूरा ध्यान रखा। उन्होंने कानों में लटकने वाले ड्रॉप ईयररिंग्स चुने, जिनमें लगे पन्ने सीधे तौर पर उनके हार की बनावट से मेल खा रहे थे।

कलाई के शृंगार के लिए उन्होंने एक अनोखा पारंपरिक तालमेल बनाया। हाथों में हरी कांच की साधारण चूड़ियों के साथ कीमती डायमंड कड़े पहने गए थे। कांच की चूड़ियों की सादगी और हीरों की चमक का यह संयोजन उनके पारंपारिक लुक को और गहरा बना रहा था। इस सधे हुए चयन से उनके मुख्य गणेश पेंडेंट का आकर्षण अक्षुण्ण बना रहा और कहीं भी अतिरिक्त सजावट का अहसास नहीं हुआ।

पारंपरिक हेयरस्टाइल और सधा हुआ प्रसाधन

अपने पूरे रूप को पूर्णता देने के लिए उन्होंने केश विन्यास में क्लासिक लो बन चुना, जिसमें बालों को गर्दन के पीछे करीने से बांधा गया था। इस जुड़े को ताजा सफेद फूलों से बने पारंपरिक गजरे से सजाया गया, जो हरी साड़ी के साथ एक मनमोहक दृश्य प्रस्तुत कर रहा था। भारतीय उत्सवों के परिधान में मोगरे या चमेली का गजरा हमेशा से सौम्यता का प्रतीक माना जाता है।

चेहरे का सौंदर्य प्रसाधन भी बेहद सटल और प्राकृतिक रखा गया था। आँखों को काजल और लाइनर की मदद से स्पष्ट उभार दिया गया, भौंहों को संतुलित आकार में संवारा गया, और होंठों के लिए सौम्य न्यूड शेड की लिपस्टिक का प्रयोग हुआ। चेहरे के मेकअप को सीमित रखने से सारा ध्यान सीधे तौर पर साड़ी के बारीक काम और बहुमूल्य रत्नों पर केंद्रित रहा। यह संपूर्ण शैली दिखाती है कि किस तरह पारंपरिक वस्त्रों और ऐतिहासिक धरोहर वाले आभूषणों को बिना किसी अतिशयोक्ति के आधुनिक समय में शान से पहना जा सकता है।

सवाल-जवाब

नीता अंबानी ने इस अवसर पर किस प्रकार की साड़ी पहनी थी?
उन्होंने पन्ना-हरे रंग की बनारसी ब्रोकेड सिल्क साड़ी पहनी थी, जिस पर बारीक चांदी के मोटिफ्स और पारंपरिक पल्लू का काम किया गया था।
उनके हार का मुख्य आकर्षण क्या था?
उनके हीरे और पन्ने के हार का मुख्य आकर्षण बीच में लगा बड़ा पन्ना था, जिसे भगवान गणेश के स्वरूप में तराशा गया था।
उन्होंने साड़ी के साथ किस तरह के आभूषण और चूड़ियाँ पहनी थीं?
उन्होंने कानों में पन्ने के ड्रॉप ईयररिंग्स और हाथों में हरी कांच की चूड़ियों के साथ डायमंड कड़े पहने थे।
इस लुक के लिए उन्होंने कौन सा हेयरस्टाइल चुना था?
उन्होंने बालों को पीछे एक सलीकेदार लो बन में बांधा था और उस पर ताजे सफेद फूलों का गजरा सजाया था।
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