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ताइवान की उड़ानों पर पाकिस्तान ने लगाया हवाई प्रतिबंध, बीजिंग की वन चाइना नीति के समर्थन में उठाया कदमपाकिस्तान
29 अक्तू॰ 2026, 8:26 am (6 मिनट पहले)· 0

ताइवान की उड़ानों पर पाकिस्तान ने लगाया हवाई प्रतिबंध, बीजिंग की वन चाइना नीति के समर्थन में उठाया कदम

पाकिस्तान ने ताइवान की कमर्शियल उड़ानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है, जिससे एयरलाइंस को यूरोप जाने के लिए लंबे रूसी हवाई मार्ग का सहारा लेना पड़ रहा है।

इस्लामाबाद प्रशासन ने ताइवान के वाणिज्यिक यात्री और मालवाहक विमानों के अपने आसमान से गुजरने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद पाकिस्तान दुनिया का ऐसा पहला देश बन गया है, जिसने बीजिंग की वन चाइना नीति के औपचारिक समर्थन के आधार पर नागरिक उड्डयन मार्गों को अवरुद्ध किया है। इस अप्रत्याशित पाबंदी के कारण एशिया और यूरोप के बीच चलने वाली उड़ानों को नए और लंबे रास्तों पर मोड़ा जा रहा है, जिससे वैश्विक विमानन उद्योग में हलचल तेज हो गई है।

नागरिक उड्डयन में वन चाइना नीति का हवाला

इस प्रतिबंध की पुष्टि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के एक बयान से हुई है। ख्वाजा आसिफ ने स्पष्ट किया कि देश का विमानन विभाग बीजिंग की वन चाइना नीति का सख्ती से अनुपालन करता है और केवल मेनलैंड चीन को ही उड़ान संचालन की अनुमति दी गई है। उनके अनुसार, केवल चीनी एयरलाइंस को ही पाकिस्तान के ऊपर से गुजरने की वैधानिक मंजूरी हासिल है। इस घोषणा ने स्पष्ट कर दिया है कि द्विपक्षीय कूटनीतिक रुख को अब अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन के संचालन पर भी लागू किया जा रहा है।

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विमान कंपनियों के बदले रूट और रूसी हवाई क्षेत्र का उपयोग

हवाई यातायात पर नजर रखने वाले उड़ान ट्रैकिंग डेटा से पता चलता है कि ताइवान की दो प्रमुख विमानन कंपनियां, चाइना एयरलाइंस लिमिटेड और ईवीए एयरवेज कॉर्पोरेशन, 25 अक्टूबर की सुबह से ही पाकिस्तान के हवाई गलियारों से पूरी तरह नदारद हैं। इन एयरलाइंस के विमानों को अब पाकिस्तान के पारंपरिक मार्ग के बजाय रूस के लंबे हवाई क्षेत्र से होकर गुजरना पड़ रहा है।

ताइवान के नागरिक उड्डयन प्रशासन ने इस मसले पर कोई औपचारिक टिप्पणी करने से परहेज किया है, लेकिन उसने यह स्पष्ट किया है कि ताइवानी विमानों पर रूस के हवाई क्षेत्र से उड़ान भरने को लेकर कोई कानूनी रोक नहीं है। मार्ग में इस अप्रत्याशित बदलाव के कारण न केवल उड़ान का समय काफी बढ़ गया है, बल्कि अतिरिक्त ईंधन की खपत ने विमानन कंपनियों की परिचालन लागत में भी भारी इजाफा किया है।

ताइवान को लेकर कूटनीतिक रुख और रणनीतिक पृष्ठभूमि

पाकिस्तान का यह कदम उसकी पुरानी आधिकारिक कूटनीति के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ यह दोहराते रहे हैं कि ताइवान को वे चीन का अभिन्न हिस्सा मानते हैं और दो चीन की किसी भी अवधारणा को सिरे से खारिज करते हैं। इससे पहले भी पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों, जैसे विश्व स्वास्थ्य संगठन की वार्षिक सभा में ताइवान को शामिल न करने के प्रयासों में चीन का सहयोग करता रहा है।

नागरिक उड्डयन के बुनियादी ढांचे का इस्तेमाल भू-राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किए जाने से सुरक्षा विश्लेषक इसे ताइवान स्ट्रेट के आसपास जारी कूटनीतिक और रणनीतिक गतिविधियों से जोड़कर देख रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ताइवान की उपस्थिति को सीमित करने के प्रयासों के बीच कमर्शियल एयरस्पेस पर पाबंदी लगाना एक नया और बेहद असामान्य कदम है।

क्षेत्रीय भू-राजनीति और भविष्य के प्रभाव

इस फैसले ने एशियाई क्षेत्र में कूटनीतिक विभाजनों को और अधिक उजागर किया है। एक ओर अमेरिका और उसके सहयोगी पश्चिमी देश ताइवान के अंतरराष्ट्रीय अधिकारों और खुले संपर्कों के पक्षधर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर चीन के साथ मजबूत वित्तीय और सामरिक रिश्ते रखने वाले देश बीजिंग के राजनीतिक रुख को प्राथमिकता दे रहे हैं।

विमानन क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि राजनीतिक निष्ठा प्रदर्शित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड़ानों के पारंपरिक हवाई रास्तों को बंद करना वैश्विक यात्रा नियमों के लिए एक नया उदाहरण बन सकता है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वैश्विक उड्डयन संस्थाएं और प्रभावित एयरलाइंस इस हवाई प्रतिबंध पर क्या औपचारिक रुख अपनाती हैं।

सवाल-जवाब

पाकिस्तान ने ताइवान की उड़ानों पर क्या पाबंदी लगाई है?
पाकिस्तान ने ताइवान की सभी कमर्शियल उड़ानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र पूरी तरह से बंद कर दिया है।
यह एयरस्पेस प्रतिबंध कब से प्रभावी हुआ है?
फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, ताइवान की एयरलाइंस 25 अक्टूबर की सुबह से पाकिस्तान के आसमान से हट गई हैं।
इस प्रतिबंध से ताइवान की कौन सी एयरलाइंस सीधे प्रभावित हुई हैं?
ताइवान की दो प्रमुख विमानन कंपनियां, चाइना एयरलाइंस लिमिटेड और ईवीए एयरवेज कॉर्पोरेशन, इस फैसले से सीधे प्रभावित हुई हैं।
पाकिस्तान सरकार की ओर से इस प्रतिबंध पर क्या कहा गया है?
रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने पुष्टि की कि देश वन चाइना नीति का पालन करता है और केवल मेनलैंड चीनी एयरलाइंस को उड़ान की इजाजत है।
उड़ानों का रास्ता बदलने से एयरलाइंस किस मार्ग का उपयोग कर रही हैं?
ताइवान की एयरलाइंस पाकिस्तान के रास्ते को छोड़कर रूस के हवाई क्षेत्र से होकर लंबी उड़ानें भर रही हैं।
क्या ताइवानी एयरलाइंस पर रूस के हवाई क्षेत्र में उड़ने पर कोई रोक है?
ताइवान के नागरिक उड्डयन प्रशासन के अनुसार, ताइवानी एयरलाइंस के लिए रूस के ऊपर से उड़ान भरने पर कोई प्रतिबंध नहीं है।
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