शहरी इलाकों में रहने वाले लोग ताजी और हरी सब्जियों के लिए पूरी तरह बाजार पर निर्भर रहते हैं। जनसंख्या में बढ़ोतरी, मकानों में सीमित जगह और बागवानी के लिए जमीन का अभाव होने के कारण कई लोग घर पर सब्जियां उगाने से वंचित रह जाते हैं। इसके बावजूद यदि आप शहर में निवास करते हैं, तो अपनी छत, बालकनी, आंगन या खिड़की के पास रखे गमलों में कई किस्म की सब्जियां आसानी से पैदा कर सकते हैं। घर में ही सब्जियां तैयार करने का सबसे बड़ा लाभ यह होता है कि जरूरत पड़ने पर आप ताजी सब्जियां तोड़कर तुरंत उपयोग में ला सकते हैं।
गमले में शिमला मिर्च उगाने के आसान तरीके
आप गमले के अंदर शिमला मिर्च के पौधे बहुत ही सरलता से विकसित कर सकते हैं। पौधे की बेहतर बढ़वार के लिए तापमान, धूप और मिट्टी की नमी का विशेष ध्यान रखना आवश्यक होता है। पौधे को हर रोज पांच से सात घंटे की अच्छी धूप मिलनी चाहिए जिससे उसकी ग्रोथ तेजी से हो सके। इसके लिए लगभग बारह से सोलह इंच गहरा गमला उपयुक्त रहता है ताकि पौधे का विकास सुगमता से हो पाए। शिमला मिर्च का उपयोग सब्जी, सलाद, नूडल्स, पिज्जा और विभिन्न प्रकार के व्यंजनों में बड़े पैमाने पर होता है, जिसके चलते इसकी मांग भी हमेशा उच्च बनी रहती है। ऐसे में आप गमले में शिमला मिर्च उगाकर इसे अपने दैनिक आहार में शामिल कर सकते हैं।
घर पर गमले में भिंडी की बंपर पैदावार
गमले के माध्यम से आप बेहद आसान प्रक्रिया के साथ भिंडी का पौधा लगा सकते हैं। एक बार भिंडी का पौधा लगाने के बाद आपको करीब दो से तीन महीने तक लगातार हरी और ताजी भिंडी मिलती रहती है। भिंडी की खेती के लिए बारह से चौदह इंच का गमला इस्तेमाल करना चाहिए। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि एक ही गमले में भिंडी के बहुत अधिक पौधे न लगाए जाएं। भिंडी के पौधों को लगभग छह से आठ घंटे की धूप मिलनी चाहिए जिससे वे पूरी तरह स्वस्थ तरीके से विकसित हो सकें। गमले की मिट्टी को हमेशा भुरभुरा बनाकर रखें और उसमें अतिरिक्त पानी बाहर निकालने की उचित निकासी व्यवस्था का होना भी बहुत जरूरी है। सेहत की दृष्टि से भिंडी हमारे शरीर के लिए बेहद गुणकारी मानी जाती है।
गमले में बैंगन उगाने के जरूरी टिप्स
यदि आप अपने घर के गमले में बैंगन का पौधा रोपकर ताजी सब्जी प्राप्त करना चाहते हैं, तो इसे बहुत ही आसानी से उगाया जा सकता है। इसके लिए लगभग बारह से अट्ठारह इंच गहरा और चौड़ा गमला चुनना चाहिए। गमले के अंदर कंपोस्ट खाद से युक्त उपजाऊ मिट्टी भरनी चाहिए और उसके बाद बैंगन के पौधे लगाए जा सकते हैं। बैंगन के पौधों को पर्याप्त मात्रा में धूप की आवश्यकता होती है, इसलिए यदि इन्हें प्रतिदिन छह से आठ घंटे की धूप मिलती है, तो पौधों की ग्रोथ और फलत दोनों शानदार होती हैं। गमले में बागवानी करते समय मिट्टी की नमी का विशेष रूप से ख्याल रखना चाहिए।
तुरई की बेल उगाने के लिए खास निर्देश
तुरई एक बेल वाली सब्जी की श्रेणी में आती है जिसके पौधे की लताएं बहुत तेजी से फैलती हैं। इसे फैलने के लिए पर्याप्त जगह और ऊपर चढ़ने के लिए किसी सहारे की सख्त जरूरत होती है, इसलिए इसे छोटे गमले में लगाकर बिना किसी सहारे के छोड़ देना बिल्कुल उचित तरीका नहीं है। इसके लिए कम से कम अट्ठारह से चौबीस इंच गहरे और चौड़े गमले की आवश्यकता होती है। तुरई के बीजों को सीधे तौर पर गमले के अंदर ही बोया जाता है। इस पौधे के वास्ते बेहतरीन जल निकासी वाली मिट्टी तैयार करें और बीजों को सही गहराई पर रोपें। तुरई के पौधे को धूप अत्यधिक पसंद है, इसलिए इसे ऐसी जगह पर रखना चाहिए जहां भरपूर रोशनी आती रहे। साथ ही गमले के भीतर नमी को बरकरार रखना भी बहुत जरूरी होता है।
बालकनी या छत पर हरी मिर्च की खेती
भारतीय रसोई घरों में हरी मिर्च का उपयोग सबसे ज्यादा किया जाने वाला अहम हिस्सा है। घर की सीमा के भीतर हरी मिर्च का पौधा लगाना तुलनात्मक रूप से काफी सरल कार्य माना जाता है और इसे अपनी बालकनी, छत या आंगन में आसानी से उगाया जा सकता है। गमले में हरी मिर्च के पौधे स्थापित करने के वास्ते लगभग दस से बारह इंच गहरे और चौड़े गमले का चयन करना चाहिए। हरी मिर्च के पौधे को हमेशा ऐसी जगह पर स्थान देना चाहिए जहां उसे भरपूर धूप मिल सके। आमतौर पर हर रोज पांच से छह घंटे या उससे अधिक समय की धूप पौधे की वृद्धि और उस पर मिर्च लगने की प्रक्रिया में काफी मदद करती है। गमले में ऐसी मिट्टी का प्रयोग करें जिसमें पानी कभी भी रुके नहीं।
गमले में कद्दू की बेल लगाने का तरीका
हरी सब्जियों के रूप में कद्दू को लोगों द्वारा काफी पसंद किया जाता है। कद्दू की बेल स्वभाव से काफी दूर तक फैलती है, लेकिन इसके बावजूद आप इसे अपने घर के गमले में आसानी से उगा सकते हैं। इस काम के लिए आपको लगभग बीस से चौबीस इंच गहरे और चौड़े गमले की जरूरत होगी। चुने हुए गमले में कद्दू के बीज डालने से पहले अच्छी तरह से सड़ी हुई जैविक खाद को मिट्टी में भली-भांति मिला लेना चाहिए। गमले के अंदर पानी की निकासी की व्यवस्था एकदम दुरुस्त होनी चाहिए, क्योंकि यदि गमले में पानी रुक जाता है तो पौधे की जड़ें सड़कर खराब हो सकती हैं। कद्दू को अच्छी धूप की दरकार होती है, इसलिए पौधे को ऐसी जगह पर लगाएं जहां पर्याप्त रोशनी मिल सके।
घर पर गमले में टमाटर उगाने की विधि
टमाटर एक ऐसी लोकप्रिय सब्जी है जिसका इस्तेमाल सलाद, सब्जी, चटनी और अनगिनत अन्य पकवानों में प्रमुखता से किया जाता है। इसे शहर के घरों में गमले के भीतर बहुत सरलता से उगाया जा सकता है। शहरी जीवन जीने वाले लोग अपनी छत या बालकनी में टमाटर के पौधे लगाकर घरेलू बागवानी का भरपूर आनंद उठा सकते हैं। सामान्य आकार की किस्मों के पौधों के वास्ते लगभग बारह से अट्ठारह इंच गहरे और चौड़े गमले की आवश्यकता होती है। टमाटर के पौधे को ऐसी जगह पर व्यवस्थित करें जहां पर्याप्त धूप आती हो। आमतौर पर छह से आठ घंटे की धूप पौधे की मजबूत वृद्धि और अधिक फल लगने में बहुत सहायता करती है। बहुत कम रोशनी मिलने की स्थिति में पौधे की बढ़वार कमजोर पड़ सकती है और उस पर फलों की संख्या भी काफी कम हो सकती है।

















