अमेरिका में भावी सत्ता परिवर्तन की आशंका के बीच नेतन्याहू ने भारत संग कूटनीति पर दिया जोररामायण में साई पल्लवी को सीता बनाने की असल वजह, यश और रणबीर कपूर ने खोले राजसर्दियों में तुलसी के पौधे को सूखने और गलने से बचाने के अचूक उपाय, जानिए क्या कहती है बोकारो के एक्सपर्ट की सलाहनजफगढ़ चाकूबाजी में घायल महिला की इलाज के दौरान मौत, दोनों पक्षों के खिलाफ मामले दर्जसंयुक्त राष्ट्र में क्यूबा प्रतिबंधों पर मतदान से पहले अमेरिका और हवाना के बीच बढ़ा कूटनीतिक तनावऐमजॉन पर भारी डिस्काउंट, 46mm ऐपल वॉच सीरीज 10 पर मिल रही है 120 डॉलर की छूटपालघर में कार के पैसों के विवाद में बेटे ने ग्राइंडर से की पिता की हत्या, गुजरात से धरा गया आरोपीओल्ड राजेंद्र नगर में यूपीएससी अभ्यर्थी का शव फंदे पर मिला, कमरे से मिला सुसाइड नोटकोलकाता के दुर्गा पंडालों में महानवमी पर उमड़ी भारी भीड़, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 9 IPS अफसरों को कमान सौंपीगौतम गंभीर और विराट कोहली के बीच संवाद सुधारने की जिम्मेदारी क्या प्रज्ञान ओझा को मिली थी? बीसीसीआई के नए कदम पर चर्चा
सर्दियों में तुलसी के पौधे को सूखने और गलने से बचाने के अचूक उपाय, जानिए क्या कहती है बोकारो के एक्सपर्ट की सलाहजीवनशैली
20 अक्तू॰ 2026, 2:31 am (32 मिनट पहले)· 0

सर्दियों में तुलसी के पौधे को सूखने और गलने से बचाने के अचूक उपाय, जानिए क्या कहती है बोकारो के एक्सपर्ट की सलाह

सर्दियों के मौसम में तुलसी के पौधे की पत्तियां पीली पड़ने, झड़ने और पौधे के सूखने की समस्या आम हो जाती है। बोकारो के एक विशेषज्ञ ने इस दौरान तुलसी की सही देखभाल, पानी की मात्रा, खाद के इस्तेमाल और कीड़ों से बचाने के आसान तरीके बताए हैं।

हिंदू परिवारों में तुलसी के पौधे को धार्मिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है, लेकिन सर्दियों की शुरुआत होते ही इसके स्वास्थ्य पर असर दिखने लगता है। इस मौसम में अक्सर तुलसी की पत्तियां पीली होकर गिरने लगती हैं और कई बार पौधे के मुड़ने या पूरी तरह सूखने की शिकायत सामने आती है। अत्यधिक ठंड, पाले का प्रकोप और जरूरत से ज्यादा पानी देना इसके मुख्य कारण हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए बोकारो स्थित ठाकुर नर्सरी के विशेषज्ञ अभिषेक ने सर्दियों के दौरान तुलसी की देखभाल से जुड़ी जरूरी बातें साझा की हैं।

विशेषज्ञ अभिषेक के अनुसार, साल के बाकी महीनों की तुलना में सर्दियों में तुलसी को सबसे ज्यादा ध्यान और देखभाल की जरूरत होती है। ठंड और पाला पड़ने के कारण पौधे की पत्तियां कमजोर होकर पीली पड़ने लगती हैं और झड़ने लगती हैं। इसके साथ ही, पौधे में जरूरत से अधिक पानी डालना और गमले के नीचे पानी निकलने की उचित व्यवस्था न होना जड़ों को भारी नुकसान पहुंचाता है, जिससे पौधे के सड़ने का खतरा काफी बढ़ जाता है। इसलिए हमेशा ऐसे गमले का चुनाव करना चाहिए जिसमें पानी निकासी के लिए पर्याप्त छेद हों ताकि मिट्टी में नमी ज्यादा देर तक टिके नहीं।

ये भी पढ़ें

पौधे को पोषण देने के लिए केवल प्राकृतिक गोबर की खाद का ही प्रयोग करना चाहिए और किसी भी प्रकार के केमिकल उर्वरक से पूरी तरह परहेज करना चाहिए। मिट्टी की उपजाऊ क्षमता बरकरार रखने और पौधे की बेहतर वृद्धि के लिए समय-समय पर ऊपरी सतह की मिट्टी को निकालकर उसकी जगह नई मिट्टी डालना फायदेमंद साबित होता है। अभिषेक ने स्पष्ट किया कि तुलसी पर किसी भी तरह के रासायनिक कीटनाशकों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

सर्दियों के दिनों में तुलसी के पौधे पर अक्सर लंबे और हरे रंग के कीड़े हमला कर देते हैं जो पत्तियों को कुतरकर भारी नुकसान पहुंचाते हैं। इन कीड़ों की वजह से पत्तियां कटने लगती हैं और पौधे का विकास रुक जाता है। अभिषेक का सुझाव है कि यदि ऐसे कीट नजर आएं तो उन्हें हाथों से या किसी लकड़ी की मदद से चुनकर तुरंत हटा देना चाहिए। पत्तियों की नियमित निगरानी करने से कीड़ों का समय रहते पता चल जाता है और पौधे को बड़े नुकसान से बचाया जा सकता है।

कई बार ऐसा देखा गया है कि तुलसी का पौधा केवल लंबाई में ऊपर की तरफ बढ़ता जाता है लेकिन उसमें नई शाखाएं और घनी पत्तियां नहीं निकलती हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए पौधे की पिंचिंग करना बेहद लाभकारी होता है। पिंचिंग के दौरान पौधे के सबसे ऊपरी बढ़ते हुए हिस्से को हल्के हाथों से अलग कर दिया जाता है, जिससे नई शाखाओं के फूटने में मदद मिलती है। इसके अलावा पौधे पर जमी सूखी और खराब पत्तियों को समय-समय पर काट कर हटाते रहना चाहिए। इन छोटे और आसान उपायों को अपनाकर ठंड के मौसम में भी तुलसी के पौधे को हरा-भरा और स्वस्थ रखा जा सकता है।

सवाल-जवाब

सर्दियों में तुलसी के पत्ते क्यों पीले होकर झड़ते हैं?
अत्यधिक ठंड, पाला पड़ने और जरूरत से ज्यादा पानी देने के कारण तुलसी के पत्ते पीले होकर झड़ने लगते हैं।
तुलसी के पौधे को किस प्रकार की खाद देनी चाहिए?
तुलसी में केवल गोबर की खाद का इस्तेमाल करना चाहिए और किसी भी तरह के केमिकल उर्वरक से बचना चाहिए।
तुलसी के पौधे में लगने वाले कीड़ों से कैसे बचाएं?
पौधे पर दिखने वाले लंबे हरे कीड़ों को हाथ या साफ लकड़ी की मदद से चुनकर हटा देना चाहिए।
पिंचिंग प्रक्रिया क्या होती है और यह क्यों जरूरी है?
पिंचिंग में पौधे के ऊपरी सिरे को हल्का सा हटाया जाता है, जिससे नई शाखाओं के निकलने को प्रोत्साहन मिलता है।
गमले में पानी की निकासी क्यों जरूरी है?
गमले में उचित जल निकासी न होने पर मिट्टी में पानी जमा रहता है, जिससे पौधे की जड़ें सड़ने लगती हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp