मंडप की सजावट में नयापन
आज के दौर में शादियों और जनेऊ जैसे आयोजनों में सब कुछ हाईटेक हो गया है। लोग भव्यता के लिए लाखों रुपये खर्च करते हैं, लेकिन अक्सर सजावट में वही पुरानी शैली का मड़वा नजर आता है। अगर आप अपने कार्यक्रम को यादगार बनाना चाहते हैं, तो मड़वा को सजाने के लिए मिथिला पेंटिंग का सहारा ले सकते हैं। यह न केवल कार्यक्रम की खूबसूरती बढ़ाता है, बल्कि आपकी संस्कृति की झलक भी पेश करता है।
मिथिला पेंटिंग और कस्टमाइजेशन
मिथिलांचल क्षेत्र में अब लोग मधुबनी पेंटिंग के माध्यम से मड़वा को एक नया रूप दे रहे हैं। कचनी-भरनी शैली में बनाई गई यह कलाकृति लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचती है। ट्रेंडकिया की टीम ने मधुबनी के कई कलाकारों से बात की, जो मड़वा की सजावट के लिए विशेष पैकेज प्रदान करते हैं।
सजावट के खर्च और विकल्प
रमेश मंडल जैसे कलाकारों के अनुसार, उपनयन संस्कार के सामान्य मड़वा की पेंटिंग का खर्च 8000 से 10000 रुपये के बीच आता है। यदि आप मिट्टी के ढांचे के ऊपर सीमेंट का काम करवाकर पेंटिंग करवाते हैं, तो इसका खर्च 15000 रुपये तक हो सकता है।
कुछ कलाकार घर के मुख्य पूजा स्थल और आसपास की दीवारों को पेंट करने के लिए भी पैकेज देते हैं। यदि काम का दायरा बड़ा हो और पूरी टीम के साथ सजावट की जाए, तो इसमें 10000 से 20000 रुपये तक का खर्च आता है। आमतौर पर एक मड़वा तैयार करने में टीम को 1.5 से 2 दिन का समय लगता है। साधारण पेंटिंग के लिए 6000 से 10000 रुपये का पैकेज उपलब्ध है, जबकि जटिल कचनी शैली और बड़े आकार के मड़वा के लिए लागत बढ़ सकती है। स्थानीय लोग अब मिट्टी के मड़वा को इस आधुनिक टच से सजा रहे हैं, जिससे कलाकारों को भी काम मिल रहा है और शुभ अवसरों की शोभा भी बढ़ रही है।













