त्योहारों की हलचल शुरू होते ही पारंपरिक परिधानों की मांग बढ़ जाती है और हर किसी की ख्वाहिश फिल्मी सितारों की तरह सुरुचिपूर्ण नजर आने की होती है। दिवाली के पावन पर्व पर अक्सर लोग दीपिका पादुकोण, आलिया भट्ट और कियारा आडवाणी जैसी मशहूर अभिनेत्रियों के साड़ी पहनावे से प्रेरणा लेते हैं। हालांकि, बड़े फैशन डिजाइनरों के तैयार किए गए इन कपड़ों की भारी-भरकम कीमत आम बजट के लिहाज से काफी ज्यादा महसूस हो सकती है। असल में, बेहद ऊंचे दामों वाले लेबल खरीदने के बजाय अगर कपड़ों की समझदारी भरी खरीदारी और बुनियादी स्टाइलिंग का सहारा लिया जाए, तो मामूली खर्च में वही आकर्षण हासिल किया जा सकता है।
किफायती कपड़े और विकल्प चुनकर बनाएं फ्लोई लुक
पर्दे और सोशल मीडिया पर दिखने वाली अभिनेत्रियों का फॉल और ड्रेप मुख्य रूप से कपड़े की बनावट पर निर्भर करता है। जब किसी को दीपिका पादुकोण जैसा हल्का और हवादार परिधान तैयार करना हो, तो सिंथेटिक ऑर्गेंजा अथवा सादा जॉर्जेट कपड़ा बेहतरीन विकल्प साबित होता है। स्थानीय खुदरा और थोक बाजारों में ऐसा कपड़ा लगभग 800 से 1500 रुपये की कीमत में सरलता से उपलब्ध हो जाता है। इसके अलावा भारी पारंपरिक साड़ियों के महंगे विकल्प भी बाजार में मौजूद हैं। मिसाल के तौर पर असली और महंगी कांजीवरम या बनारसी साड़ियों के स्थान पर आर्ट सिल्क अथवा चंदेरी कॉटन सिल्क जैसे कपड़े चुने जा सकते हैं, जो देखने में पारंपरिक वैभव दर्शाते हैं और जेब पर भी बोझ नहीं डालते।
ब्लाउज में नए प्रयोग और आधुनिक वेस्टर्न टच
साड़ी के सौंदर्य को निखारने में ब्लाउज की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसके लिए पारंपरिक तरीके से साड़ी के साथ आने वाले कपड़े को ही सिलवाना अनिवार्य नहीं है। किसी भी सादे या बहुत हल्के वजन की साड़ी के साथ बाजार से खरीदा गया भारी सीक्वेंस, वेलवेट या कट-वर्क डिजाइन वाला रेडीमेड ब्लाउज बेहद खूबसूरत कंट्रास्ट बनाता है। इस प्रकार के सिले-सिलाए ब्लाउज खुदरा दुकानों पर काफी किफायती दरों में मिल जाते हैं। इसके साथ ही अलमारी में पहले से मौजूद पुराने लहंगे के चोली या कॉर्सेट टॉप को साड़ी के साथ पहनकर एक नया इंडो-वेस्टर्न फ्यूजन अंदाज भी आसानी से गढ़ा जा सकता है।
गोटा-पत्ती और बॉर्डर का खुद तैयार करें डिजाइन
आलिया भट्ट अक्सर सादी साड़ियों के किनारों पर चौड़े और आकर्षक बॉर्डर वाले परिधानों में दिखाई देती हैं। इस तरह का पहनावा खुद तैयार करना बेहद आसान और सस्ता पड़ता है। किसी भी थोक कपड़े के बाजार अथवा चांदनी चौक जैसे व्यापारिक केंद्रों से लगभग 5.5 मीटर सादा शिफॉन या जॉर्जेट कपड़ा खरीदकर उस पर अपनी पसंद का गोटा-पत्ती, धागे की कढ़ाई या वेलवेट बॉर्डर अलग से सिलवाया जा सकता है। स्थानीय दर्जी से किनारी लगवाकर यह पूरा परिधान 1000 रुपये के भीतर बनकर तैयार हो जाता है, जो किसी भी महंगे डिजाइनर पीस की तरह दिखता है।
आर्टिफिशियल ज्वेलरी और एक्सेसरीज का सही चुनाव
सेलिब्रिटी अक्सर अपने पहनावे के साथ कुंदन अथवा पोलकी आभूषणों का चुनाव करती हैं, जिनकी वास्तविक कीमत लाखों में होती है। इस शाही चमक को कम खर्च में पाने के लिए बेहतरीन फिनिशिंग वाली कृत्रिम ज्वेलरी, अमेरिकन डायमंड (AD/CZ) अथवा ऑक्सीडाइज्ड चोकर सेट इस्तेमाल किए जा सकते हैं। यदि पहनी गई साड़ी पूरी तरह सादी है, तो केवल एक भारी कान की बाली या बड़ा स्टेटमेंट नेकलेस पूरे पहनावे को आकर्षक और आधुनिक स्वरूप प्रदान कर देता है।
घर पर आसान मेकअप और पारंपरिक हेयरस्टाइल
पहनावे के साथ चेहरे की साज-सज्जा और बालों की बनावट पूरी शैली को संपूर्ण बनाती है। इसके लिए महंगे ब्यूटी पार्लर जाने की जरूरत नहीं होती। आलिया और दीपिका के जाने-माने स्टाइल को देखा जाए तो वे अक्सर साफ-सुथरा स्लीक बन यानी जूड़ा बनाकर उस पर ताजे फूलों का गजरा लगाती हैं या फिर बालों को हल्की लहरों के साथ खुला रखती हैं। घर पर ही बुनियादी ड्यूई बेस, न्यूड शेड की लिपस्टिक और आंखों पर एक महीन आईलाइनर लगाकर प्राकृतिक और मनमोहक रूप पाया जा सकता है।
थोक और बजट बाजारों से करें समझदारी भरी खरीदारी
बड़े मॉल्स और महंगे शोरूम्स के बजाय बजट बाजारों में जाना हमेशा फायदेमंद रहता है। दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में सरोजिनी नगर, जनपथ, लाजपत नगर तथा चांदनी चौक की कटरा नील जैसी प्रसिद्ध मार्केट में बड़े डिजाइनरों के परिधानों से मिलते-जुलते विकल्प बहुत ही कम कीमत में बिकते हैं। इन जगहों से खरीदारी करके बिना अधिक धन व्यय किए त्योहार पर सबसे अलग और आकर्षक दिखा जा सकता है।


















