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लाइव: दिग्गज फिल्म हस्ती के. भाग्यराज का चेन्नई में निधन, राजनीतिक नेताओं और सिनेमा जगत ने जताया शोक — 27 जून 2026लाइव
27 जून 2026, 11:21 am (45 दिन पहले)· 4

लाइव: दिग्गज फिल्म हस्ती के. भाग्यराज का चेन्नई में निधन, राजनीतिक नेताओं और सिनेमा जगत ने जताया शोक — 27 जून 2026

तमिल सिनेमा के दिग्गज अभिनेता एवं निर्देशक के. भाग्यराज को रविवार, 28 जून को पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। फिल्म जगत और राजनीति की अनेक हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनका पार्थिव शरीर बेसेंट नगर श्मशान घाट ले जाया गया। अपनी बेहतरीन तमिल फिल्मों के लिए मशहूर भाग्यराज ने हिंदी सिनेमा में भी अमिताभ बच्चन और अनिल कपूर के साथ काम किया था।

तमिल सिनेमा के बहुमुखी प्रतिभा के धनी अभिनेता, निर्देशक, लेखक और पटकथा विशेषज्ञ के. भाग्यराज अब हमारे बीच नहीं रहे। चेन्नई में उनका निधन कार्डियोपल्मोनरी अरेस्ट के कारण हुआ। अपनी अनूठी कहानी कहने की कला के लिए प्रसिद्ध, भाग्यराज ने फिल्म निर्माण का ऐसा खाका तैयार किया था जिसने कई पीढ़ियों को दिशा दिखाई।

राज्यपाल और राजनीतिक जगत की संवेदनाएं

तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने इस क्षति पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने भाग्यराज की रचनात्मकता और तमिल सिनेमा में उनके अद्वितीय योगदान को याद करते हुए उन्हें एक विशेष दर्जा दिया। राज्यपाल ने कहा कि उनकी विरासत आने वाले समय में भी फिल्म जगत को प्रेरित करती रहेगी।

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AIADMK के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने उन्हें अद्वितीय पटकथा लेखक बताया। उन्होंने एम.जी. रामचंद्रन और भाग्यराज के बीच के आत्मीय संबंधों का उल्लेख किया। वहीं, DMK की MP कनिमोझी ने उन्हें 'पटकथा का राजा' करार दिया और उनके पांच दशकों के करियर को श्रद्धांजलि दी।

फिल्म जगत में शोक की लहर

अभिनेता चिरंजीवी ने इस खबर को अविश्वसनीय बताया। उन्होंने बताया कि मात्र दो दिन पहले वे गोवा में खुशबू की बेटी की शादी में एक साथ थे। वेंकटेश डग्गुबाती ने 'सुंदराकांडा' और 'अब्बाईगारू' के साथ उनके जुड़ाव को याद किया।

अभिनेत्री सुहासिनी ने उनके अंतिम पलों का विवरण साझा किया। उन्होंने बताया कि अपनी नियमित सैर से लौटने के बाद भाग्यराज ने छाती में दर्द की शिकायत की थी, जिसके बाद अस्पताल में उनका निधन हुआ। इसके अलावा, कमल हासन, रजनीकांत, ममूटी, नयनतारा, त्रिशा और कीर्ति सुरेश समेत कई सितारों ने उनके आवास पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।

सांस्कृतिक और राजनीतिक धरोहर

मुख्यमंत्री सी. जोसफ विजय ने उनके निधन को तमिल सिनेमा के लिए अपूरणीय क्षति बताया। सरकार ने उनकी अंतिम यात्रा को राजकीय सम्मान देने की घोषणा की। उदयनिधि स्टालिन और कई राज्य मंत्रियों ने अंतिम संस्कार में भाग लिया।

भाग्यराज ने 'अवसर पुलिस 100' जैसी फिल्मों के माध्यम से एम.जी. रामचंद्रन की अधूरी इच्छाओं को पूरा किया था। उनकी मौलिकता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि डेविड धवन ने उनकी फिल्मों 'रासुकुट्टी', 'सुंदरा कांडम' और 'थाइकुलामे थाइकुलामे' को हिंदी में 'राजा बाबू', 'अंदाज़' और 'घरवाली बाहरवाली' के रूप में रूपांतरित किया। उन्होंने स्वयं भी अमिताभ बच्चन और अनिल कपूर के साथ हिंदी फिल्में निर्देशित कीं।

एक बेमिसाल पटकथाकार

सीमान और थिरुमावलवन जैसे नेताओं ने उन्हें पटकथा का विश्वकोश बताया। उनकी शुरुआती फिल्मों की सफलता का रहस्य आम आदमी के संघर्ष और परिस्थितियों का हास्यपूर्ण चित्रण था। उन्होंने नायक की उस परंपरागत छवि को तोड़ा जो दर्शकों के मन में बसी थी, जिससे वे 'आम आदमी' के नायक बन गए।

रविवार, 28 जून को उनका अंतिम संस्कार पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ संपन्न हुआ। उनके जाने से जो खालीपन आया है, वह भारतीय सिनेमा में एक ऐसे युग का अंत है जिसने पटकथा लेखन को एक नया नजरिया दिया था।

समाप्त

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  1. भाग्यराज के पार्थिव शरीर को दिया गया पूर्ण राजकीय सम्मान

    रविवार, 28 जून को सुप्रसिद्ध अभिनेता एवं फिल्मकार के. भाग्यराज के पार्थिव शरीर को विधिवत पूर्ण राजकीय सम्मान प्रदान किया गया।
  2. भाग्यराज के अंतिम संस्कार में राज्य मंत्रियों ने दी उपस्थिति

    जल संसाधन एवं ग्रामीण विकास मंत्री एन. आनंद तथा स्कूली शिक्षा, तमिल विकास एवं सूचना-प्रचार मंत्री राजमोहन दोनों अंतिम संस्कार की पूरी प्रक्रिया के दौरान वहाँ मौजूद रहे।
  3. सेलेब्रिटीज और नेताओं का श्रद्धांजलि देने का सिलसिला जारी रहा

    कल रात से लेकर आज सुबह तक मनोरंजन जगत और राजनीति की जानी-मानी हस्तियां लगातार भाग्यराज को श्रद्धांजलि अर्पित करती रहीं। इनमें केंद्रीय पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस एवं पर्यटन राज्यमंत्री सुरेश गोपी, निर्देशक एटली, वेत्रिमारन और लिंगुसामी तथा अभिनेता-अभिनेत्री मम्मूटी, नयनतारा, त्रिशा, कीर्ति सुरेश और सूरी शामिल थे।
  4. भाग्यराज की अंतिम यात्रा श्मशान घाट के लिए हुई रवाना

    दिग्गज अभिनेता एवं निर्देशक के. भाग्यराज की अंतिम यात्रा आरंभ हो चुकी है। उनका पार्थिव शरीर बेसेंट नगर श्मशान घाट की ओर ले जाया जा रहा है।
  5. जब भाग्यराज ने अमिताभ बच्चन और अनिल कपूर के साथ बनाईं हिंदी फिल्में

    उनकी तमिल फिल्मों की मौलिकता इतनी जबरदस्त थी कि उन्हें बार-बार हिंदी में ढाला गया। डेविड धवन ने रासुकुट्टी से राजा बाबू (1994), सुंदर कांडम से अंदाज़ (1994) और थाईकुलमे थाईकुलमे से घरवाली बाहरवाली (1998) बनाई। इन रीमेक के अलावा, भाग्यराज ने खुद भी तीन हिंदी फिल्मों का निर्देशन किया और उनमें से दो में अमिताभ बच्चन तथा अनिल कपूर के साथ काम किया।
  6. जब के. भाग्यराज ने अमिताभ बच्चन और अनिल कपूर के साथ काम किया था

    अपने अनूठे और नए विषयों के कारण, उनकी तमिल फिल्मों को अक्सर हिंदी में रूपांतरित किया जाता था। इसी सिलसिले में डेविड धवन ने उनकी फिल्मों 'रासकुट्टी', 'सुंदरा कांडम' और 'थाइकुलामे थाइकुलामे' पर क्रमशः 'राजा बाबू' (1994), 'अंदाज़' (1994) और 'घरवाली बाहरवाली' (1998) जैसी फिल्मों का निर्देशन किया। इन रीमेक के अलावा, भाग्यराज ने स्वयं भी तीन हिंदी फिल्मों का निर्देशन किया था, जिनमें से दो में उन्होंने हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेताओं अमिताभ बच्चन और अनिल कपूर के साथ काम किया।
  7. जब के. भाग्यराज ने अमिताभ बच्चन और अनिल कपूर के साथ काम किया

    भाग्यराज की तमिल फिल्मों की मौलिकता बॉलीवुड को बार-बार आकर्षित करती रही और डेविड धवन ने उनकी तीन फिल्मों को हिंदी में ढाला — रासुकुट्टी से राजा बाबू (1994), सुंदर कांडम से अंदाज़ (1994) और थाइकुलामे थाइकुलामे से घरवाली बाहरवाली (1998) तैयार की। इन रीमेक से परे, भाग्यराज ने खुद भी हिंदी सिनेमा में कदम रखा और तीन हिंदी फिल्मों का निर्देशन किया, जिनमें से दो में उन्होंने अमिताभ बच्चन और अनिल कपूर के साथ काम किया।
  8. जब के. भाग्यराज ने MGR की अधूरी फिल्म को नया रूप दिया: 'अवसर पुलिस 100' की उत्पत्ति

    1990 की तमिल फिल्म 'अवसर पुलिस 100' का एम.जी. रामचंद्रन (MGR) से एक विशेष नाता है — और यह नाता महज उनकी परदे पर उपस्थिति से कहीं आगे जाता है। 27 जून 2026 को 73 वर्ष की आयु में दुनिया छोड़ने वाले के. भाग्यराज ने इस फिल्म की पटकथा लिखी और निर्देशन भी किया था। दरअसल, इस फिल्म की प्रेरणा MGR के उस अधूरे प्रोजेक्ट से ली गई थी जो कभी रिलीज़ नहीं हो सका था।
  9. उपराष्ट्रपति बोले — भाग्यराज का जाना भारतीय सिनेमा की अपूरणीय क्षति

    उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने भाग्यराज के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भाग्यराज ने अपनी यादगार फिल्मों, अलग पहचान वाली कहानीकारी और बेजोड़ पटकथा-लेखन के ज़रिए भारतीय सिनेमा में असाधारण योगदान दिया। जटिल कथाओं को सरल और आकर्षक ढंग से प्रस्तुत करने की उनकी अनूठी तकनीक ने उन्हें देश के सर्वश्रेष्ठ पटकथाकारों की पंक्ति में ला खड़ा किया। इसके साथ ही उन्होंने कई उभरते फिल्मकारों को प्रशिक्षित और प्रेरित भी किया, जिससे सिनेमा की दुनिया पीढ़ियों तक समृद्ध होती रही। X पर अपनी भावनाएं साझा करते हुए उन्होंने लिखा कि भाग्यराज का निधन भारतीय सिनेमा के लिए एक ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई कभी नहीं होगी, लेकिन उनकी चिरस्थायी विरासत आने वाली पीढ़ियों के कलाकारों और सिनेमा-प्रेमियों को निरंतर प्रेरित करती रहेगी।
  10. उदयनिधि स्टालिन ने भाग्यराज को दी अंतिम श्रद्धांजलि

    विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन भाग्यराज के आवास पर पहुँचे और दिवंगत फिल्मकार को श्रद्धापूर्वक अंतिम विदाई दी।
  11. सारथकुमार बोले — भाग्यराज एक विरले कलाकार थे जो हंसाते भी थे और सोचने पर भी मजबूर करते थे

    अभिनेता सारथकुमार ने इस खबर को गहरे सदमे के रूप में बयान किया और कहा कि मात्र दो दिन पहले वे खुशबू की बेटी की शादी में के. भाग्यराज से बातें कर रहे थे। एक करीबी पारिवारिक मित्र के इस तरह चले जाने ने उन्हें और उनके परिवार को बेहद दुखी कर दिया है। 'पटकथा के बादशाह' के नाम से विख्यात भाग्यराज ने अपनी अनगिनत कालजयी फिल्मों के ज़रिए दर्शकों के दिलों में स्थायी जगह बना ली थी। सारथकुमार के अनुसार, हास्य और भावना के अनूठे संगम से आम लोगों की ज़िंदगी, पारिवारिक बंधनों और सामाजिक सच्चाइयों को उन्होंने जिस तरह परदे पर उतारा, वह उन्हें एक दुर्लभ फनकार साबित करता है — ऐसा फनकार जो दर्शकों को खिलखिलाता भी था और सोचने पर विवश भी करता था। सारथकुमार ने कहा कि भाग्यराज की फिल्में, उनका अलहदा पटकथा-लेखन और उनके अमर संवाद दर्शकों के जेहन में हमेशा ज़िंदा रहेंगे।
  12. के. भाग्यराज: तमिल सिनेमा में पटकथा और कहानीकारी के उस्ताद

    के. मुरलीधरन लिखते हैं कि भाग्यराज की शुरुआती हिट फिल्मों की सफलता के पीछे एक बेहद सादा मगर कारगर फॉर्मूला था। इन फिल्मों की नींव आम लोगों की ज़िंदगी में उठने वाले निजी या परिस्थितिजन्य द्वंद्व पर टिकी होती थी जिससे दर्शक खुद को आसानी से जोड़ पाते थे। पटकथा की पूरी यात्रा उसी द्वंद्व के हल की दिशा में आगे बढ़ती रहती थी, और इसके साथ मधुर गाने तथा फिल्म में भरपूर परिस्थितिजन्य हास्य दर्शकों को शुरू से अंत तक बाँधे रखता था।
  13. 'पटकथा के विश्वकोश थे भाग्यराज' — सीमान और थिरुमावलवन ने दी श्रद्धांजलि

    NTK के मुख्य समन्वयक सीमान ने दिवंगत फ़िल्मकार के बारे में कहा: "भाग्यराज पटकथा के विश्वकोश थे। उन्होंने जो विषय चुने और जिस तरह उन्हें पर्दे पर उतारा, उनकी पटकथाओं को दर्शकों ने हमेशा खुले दिल से अपनाया।" सीमान ने बताया कि भाग्यराज दिग्गज निर्देशक के. भारतीराजा के पहले शिष्य थे और उन्होंने तमिल सिनेमा को कई शानदार फ़िल्में देकर अभूतपूर्व ऊंचाइयां हासिल कीं। उनका इस तरह चले जाना एक बड़ा धक्का है। विदुथलई चिरुथाइगल कट्ची के संस्थापक अध्यक्ष थोल. थिरुमावलवन ने भी गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भाग्यराज को के. भारतीराजा का अग्रणी शिष्य होने का गर्व था और वे फ़िल्म जगत की एक विशाल शख्सियत थे। थिरुमावलवन ने यह भी याद दिलाया कि AIADMK के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री एम.जी. रामचंद्रन ने उन्हें अपना 'फ़िल्मी उत्तराधिकारी' — तमिल में कलई उलग वारिसु — कहा था। सर्वश्रेष्ठ पटकथा लेखकों में उनकी गिनती होती थी और दर्शक उनकी हर नई फ़िल्म का बेसब्री से इंतज़ार करते थे।
  14. फ़िल्म जगत की हस्तियां भाग्यराज के आवास पर, अंतिम विदाई दी

    अभिनेता रजनीकांत, भाग्यराज के आवास पहुंचकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। निर्देशक मणि रत्नम और अभिनेता-अभिनेत्री राधिका, प्रभु, गौंडामणि, रामराजन, अर्जुन तथा जयराम भी दिवंगत फ़िल्मकार के पार्थिव शरीर को नमन करने पहुंचे। अभिनेता ममूटी ने X पर एक भावभीना संदेश लिखकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। आवास से आई तस्वीरों में रजनीकांत व अन्य फ़िल्मी हस्तियों के साथ AIPTMMK प्रमुख वी.के. शशिकला भी नज़र आईं। अभिनेता नासर और सत्यराज के साथ-साथ निर्देशक लोकेश कनगराज भी अपनी श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
  15. दुर्लभ तस्वीरें: भाग्यराज — तमिल सिनेमा का एक बेमिसाल कहानीकार

    तमिल सिनेमा में भाग्यराज ने अपनी अनूठी और अपरंपरागत पटकथाओं से एक खास जगह बनाई। कहानी बुनने का उनका अपना अलग तरीका तमिल फ़िल्म जगत की पूरी एक पीढ़ी के फ़िल्मकारों के लिए प्रेरणास्रोत बना। इस महान कहानीकार को श्रद्धांजलि स्वरूप उनके यादगार सफ़र की कुछ दुर्लभ तस्वीरें साझा की गई हैं।
  16. के. भाग्यराज: जिन्होंने चश्मे के साथ तमिल सिनेमा के नायक की परिभाषा बदल दी

    चश्मा पहने एक साधारण नायक के रूप में, भाग्यराज ने इस प्रचलित धारणा को तोड़ा कि पर्दे का हीरो कैसा दिखना चाहिए। उन्होंने फ़िल्मी सितारे की उस परंपरागत छवि को चुनौती दी जो दशकों से दर्शकों के ज़हन में बैठी थी। फ़िल्म समीक्षक के.सी. विजयकुमार ने लिखा है कि कैसे भाग्यराज तमिल सिनेमा के सबसे जाने-माने 'आम आदमी' नायक बन गए।
  17. तमिल मनीला कांग्रेस प्रमुख जी.के. वासन ने भाग्यराज को दी श्रद्धांजलि

    तमिल मनीला कांग्रेस के अध्यक्ष जी.के. वासन ने वयोवृद्ध फिल्मकार और अभिनेता के. भाग्यराज के निधन पर गहरा दुख जताया है। अपने शोक संदेश में वासन ने भाग्यराज के बहुआयामी करियर को सराहते हुए कहा कि निर्देशन, अभिनय, पटकथा लेखन, साहित्य सृजन, निर्माण, संगीत रचना, पत्रकारिता और राजनीति — हर क्षेत्र में उनकी छाप अनूठी थी। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भाग्यराज की मौलिक कथा-शैली और तमिल सिनेमा पर उनके स्थायी प्रभाव ने उन्हें व्यापक प्रशंसा का पात्र बनाया। वासन ने दिवंगत के परिवार, फिल्म बिरादरी और उनके चाहने वालों के प्रति हार्दिक संवेदनाएं भी व्यक्त कीं।
  18. 'भाग्यराज की पटकथाएं रीमेक के जरिए कई भाषाओं तक पहुंचीं' — TFAPA

    तमिल फिल्म एक्टिव प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन ने महान फिल्मकार, पटकथा लेखक और अभिनेता के. भाग्यराज के निधन पर गहरी पीड़ा व्यक्त की है और कहा है कि भारतीय सिनेमा में उनका अभूतपूर्व योगदान पीढ़ियों तक अमर रहेगा। संगठन ने उन्हें 'पटकथा सम्राट' की उपाधि देते हुए बताया कि उनके लिखे किस्से रीमेक के जरिए तमाम भाषाओं की सीमाएं पार कर गए। अपनी बेजोड़ कल्पनाशक्ति, पैनी बुद्धि और मानवीय संवेदनाओं की गहरी समझ से उन्होंने पटकथा लेखन की दुनिया को नए आयाम दिए। उनकी फिल्मों ने दशकों तक दर्शकों को मनोरंजन से सराबोर किया और अनगिनत निर्माताओं व लेखकों को एक ताजा, बौद्धिक नजरिए से कहानियां गढ़ने की प्रेरणा दी। TFAPA ने उनके जाने को फिल्म जगत के लिए एक न भर सकने वाला घाव करार दिया और उनके परिवार, मित्रों, सहयोगियों तथा दुनियाभर के असंख्य प्रशंसकों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
  19. 'एक ही महीने में दो राजाओं को खोया' — कमल हासन का भावुक बयान

    अभिनेता और मक्कल नीधि मइयम के प्रमुख कमल हासन ने के. भाग्यराज को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा: "के. भाग्यराज नाम के वो राजा, जिनसे मेरा परिचय 50 साल पहले हुआ था, आज हमारे बीच नहीं रहे। तमिल सिनेमा ने एक ही महीने के दरम्यान दो राजाओं को अलविदा कह दिया।"
  20. मुख्यमंत्री विजय ने भाग्यराज को दी अंतिम श्रद्धांजलि, राजकीय सम्मान की पुष्टि

    तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसफ विजय ने दिवंगत फिल्मकार के. भाग्यराज के पार्थिव शरीर के पास पहुंचकर उन्हें अंतिम श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री कार्यालय ने इससे पहले घोषणा की थी: "थिरु. के. भाग्यराज के फिल्म जगत में अतुलनीय योगदान के सम्मान में और उनके प्रति गहरी श्रद्धा व्यक्त करने के उद्देश्य से, उनकी अंतिम यात्रा राजकीय सम्मान के साथ संपन्न की जाएगी।" मुख्यमंत्री सी. जोसफ विजय दिवंगत फिल्मकार को श्रद्धांजलि देते हुए देखे गए।
  21. "के. भाग्यराज ने तमिल सिनेमा में कहानी कहने के अंदाज को नया रूप दिया": वी.डी. सतीशन

    केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने अनुभवी तमिल अभिनेता, निर्देशक और पटकथा लेखक के. भाग्यराज के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्हें "पटकथा का राजा" बताते हुए सतीशन ने कहा कि उन्होंने अपनी अद्वितीय रचनात्मक सोच और यादगार अभिनय से तमिल सिनेमा में कहानी कहने के तरीके को एक नई परिभाषा दी। उन्होंने मलयालम सिनेमा के साथ उनके विशेष जुड़ाव का भी जिक्र किया और फिल्म 'मिस्टर मरुमगन' में उनकी यादगार भूमिका को याद किया, जिसे केरल के प्रशंसक आज भी बड़े चाव से याद करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि भारतीय सिनेमा में उनका भारी योगदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने उनके परिवार, सहकर्मियों और अनगिनत प्रशंसकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। केरल में विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने भी प्रसिद्ध निर्देशक, अभिनेता और पटकथा लेखक के. भाग्यराज के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भाग्यराज ने तमिल फिल्म जगत में अपनी एक अलग छाप छोड़ी और अपने बेहतरीन काम के जरिए मलयाली लोगों का प्यार हासिल किया। विजयन ने उनके निधन को फिल्म उद्योग और सांस्कृतिक क्षेत्र के लिए एक ऐसी क्षति बताया जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती। AMMK के महासचिव टी.टी.वी. दिनकरन ने भी फिल्म जगत में भाग्यराज के योगदान को याद किया और कहा कि वे कई युवा निर्देशकों के मार्गदर्शक और गुरु थे।
  22. के. भाग्यराज की असाधारण प्रतिभा अमर है: कार्तिक कुमार

    अभिनेता, स्टैंड-अप कॉमेडियन और फिल्म निर्माता कार्तिक कुमार, जिन्होंने 2022 की कॉमेडी-ड्रामा फिल्म 'सुपर सीनियर हीरोज' में के. भाग्यराज के साथ काम किया था, ने दिवंगत अभिनेता-लेखक-निर्देशक के साथ काम करने के अपने अनुभवों को भावुकता से साझा किया और कहा कि के. भाग्यराज की असाधारण प्रतिभा हमेशा अमर रहेगी।
  23. भाग्यराज पटकथा के राजा थे: कनिमोझी

    DMK की उप महासचिव और MP कनिमोझी ने तमिल सिनेमा के एक प्रमुख स्तंभ श्री भाग्यराज के निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि अपनी कलाकृतियों के माध्यम से उन्होंने एक अमिट छाप छोड़ी और पांच दशकों तक तमिल फिल्म उद्योग में महत्वपूर्ण योगदान दिया। अपनी पटकथाओं में मानव मन के मनोविज्ञान को सबसे आगे रखकर, उन्होंने कई ऐसी प्रशंसित फिल्में दीं जिन्हें लोगों की भरपूर सराहना मिली और इसी वजह से उन्हें "पटकथा का राजा" का खिताब मिला। उन्होंने उनके परिवार, मित्रों और पूरे फिल्म जगत के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।
  24. "उनकी कलात्मक यात्रा भविष्य के फिल्म निर्माताओं के लिए मार्गदर्शक का काम करेगी"

    BJP के नैनार नागेंद्रन, जो तमिलनाडु के पूर्व परिवहन विभाग मंत्री रह चुके हैं, ने तमिल सिनेमा में "पटकथा के राजा" के रूप में सम्मानित निर्देशक श्री पी. भारतीराजा के निधन की खबर पर गहरा दुख और पीड़ा व्यक्त की। नागेंद्रन ने कहा कि उनकी फिल्में आज भी इस बात का बेहतरीन उदाहरण हैं कि किसी फिल्म की पटकथा को कैसे तैयार किया जाना चाहिए। अपनी अनूठी शैली में सरल कहानियों, हास्य, पारिवारिक भावनाओं और आकर्षक पटकथाओं का सहज मिश्रण करके उन्होंने तमिल सिनेमा को ऐसी सदाबहार फिल्में दी हैं जो कई पीढ़ियों तक जीवित रहेंगी। उनकी फिल्में हमेशा तमिल सिनेमा प्रेमियों के दिलों में बसी रहेंगी और उनकी कलात्मक यात्रा तथा उपलब्धियां भविष्य के निर्देशकों और पटकथा लेखकों का हमेशा मार्गदर्शन करेंगी। DMDK की महासचिव और विरुधाचलम की MLA प्रेमलता विजयकांत ने कहा कि श्री के. भाग्यराज के निधन की खबर से गहरा धक्का लगा है और बेहद दुख हुआ है। उन्होंने उल्लेख किया कि तमिल सिनेमा को अनगिनत गुणवत्तापूर्ण फिल्में देने के बाद, उन्होंने अपनी अनूठी पटकथा संरचना, संवाद शैली और सहज अभिनय के माध्यम से दर्शकों के दिलों में एक स्थायी जगह बनाई थी। उनका निधन तमिल फिल्म जगत के लिए एक अपूरणीय और बहुत बड़ी क्षति है। दिवंगत के. भाग्यराज और हमारी पार्टी के संस्थापक-अध्यक्ष कैप्टन विजयकांत के बीच लंबे समय से प्यार और दोस्ती का रिश्ता था। उन्होंने विशेष रूप से फिल्म 'सोकथंगम' में दोनों के साथ काम करने की अनूठी यादों को ताजा किया और कहा कि कैप्टन की कलात्मक यात्रा में भाग्यराज की दोस्ती और योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।
  25. भाग्यराज की अंतिम यात्रा को राजकीय सम्मान दिया जाएगा: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय

    तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के कार्यालय ने X पर एक पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने तमिल सिनेमा के उत्कृष्ट निर्देशक, अभिनेता, पटकथा लेखक, संवाद लेखक और संगीतकार थिरु के. भाग्यराज के निधन पर गहरा धक्का और शोक व्यक्त किया, जिन्होंने अपनी बहुमुखी प्रतिभा के जरिए एक अमिट छाप छोड़ी। मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि भाग्यराज ने अपनी अनूठी कहानी, हास्य से भरे अभिनय और ग्रामीण जीवन तथा पारिवारिक रिश्तों की गहरी भावनाओं को दर्शाने वाली फिल्मों के जरिए तमिल लोगों के दिलों में एक स्थायी जगह बनाई। उन्होंने तमिल फिल्म जगत में उनके योगदान को अतुलनीय बताया। विजय ने कहा कि उनकी हर एक रचना सदाबहार यादों के रूप में हमेशा जीवित रहेगी, जो मनोरंजन करने के साथ-साथ मानवता और सामाजिक मूल्यों की बात करती है। इस निधन को तमिल सिनेमा के लिए एक अपूरणीय क्षति बताते हुए उन्होंने शोक संतप्त परिवार, रिश्तेदारों, दोस्तों, फिल्म उद्योग के सदस्यों और प्रशंसकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना और सहानुभूति व्यक्त की और प्रार्थना की कि उनकी आत्मा को ईश्वर के चरणों में शांति मिले। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि थिरु के. भाग्यराज के फिल्म उद्योग में योगदान के सम्मान में और उनके प्रति आदर प्रकट करने के लिए, उनकी अंतिम यात्रा पूरे राजकीय सम्मान के साथ निकाली जाएगी।
  26. "तमिल सिनेमा ने अपने सबसे बेहतरीन रचनात्मक दिमागों में से एक को खो दिया है"

    अभिनेता चिरंजीवी ने गहरा धक्का और दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उनके पास शब्द नहीं हैं। उन्होंने याद किया कि अभी परसों ही वे दोनों गोवा में खुश की शादी में एक साथ थे, जहां उन्होंने खूब हंसी-मजाक किया और तस्वीरें खिंचवाई थीं। उन्होंने बताया कि भाग्यराज गारू जीवन और खुशियों से भरपूर थे, इसलिए आज सुबह उनके निधन की खबर सुनना पूरी तरह से अविश्वसनीय और स्तब्ध करने वाला है। चिरंजीवी ने उन्हें एक शानदार फिल्म निर्माता, असाधारण पटकथा लेखक और बेहतरीन अभिनेता बताया, जिनके भारतीय सिनेमा में योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने पूर्णिमा जी, शांतनु और पूरे परिवार के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त की और ईश्वर से इस अपूरणीय क्षति को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की। उन्होंने आगे कहा, "मेरे प्यारे दोस्त, तुम्हारी आत्मा को शांति मिले। तुम्हारी बहुत याद आएगी।" अभिनेत्री सिमरन ने कहा कि के. भाग्यराज सर के निधन की खबर वास्तव में दिल तोड़ने वाली है। उन्होंने उन्हें एक दूरदर्शी फिल्म निर्माता, बेहतरीन कहानीकार और असाधारण अभिनेता बताया, जिन्होंने अपने काम के माध्यम से हंसी, गर्मजोशी और सार्थक सामाजिक संदेश दिए। उन्होंने कहा कि तमिल सिनेमा ने अपने सबसे बेहतरीन रचनात्मक दिमागों में से एक को खो दिया है। DMK की MP थमिझाची थंगापंडियन ने कहा कि तमिल सिनेमा के सबसे बेहतरीन पटकथा लेखक, निर्देशक, लेखक, अभिनेता और बहुमुखी प्रतिभा के धनी के. भाग्यराज का निधन गहरा धक्का और दुख लेकर आया है। उन्होंने रेखांकित किया कि 'मुंधानई मुदिचू', 'इधु नम्मा आलू', 'थावनी कानावुगल' और 'थूरल निन्नू पोचू' जैसी विभिन्न कृतियों के माध्यम से भाग्यराज ने तमिल सिनेमा में अपना एक अलग मुकाम बनाया था और उनका निधन तमिल सिनेमा के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
  27. फिल्म निर्माता के निधन पर सोशल मीडिया श्रद्धांजलि संदेशों से भरा

    केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और संसदीय कार्य राज्य मंत्री एल मुरुगन ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि तमिल फिल्म जगत के अग्रणी निर्देशक, उत्कृष्ट अभिनेता, अद्वितीय पटकथा लेखक और लेखक श्री के. भाग्यराज का निधन अत्यंत दुखद है। उन्होंने उल्लेख किया कि भाग्यराज ने हाल ही में फिल्म उद्योग में अपनी यात्रा के 50 वर्ष पूरे किए थे और फिल्म जगत के सदस्यों तथा प्रशंसकों द्वारा उन्हें विशेष रूप से सराहा गया था, जिससे उनका निधन तमिल फिल्म उद्योग के लिए एक अपूरणीय क्षति बन गया है। राजनेता के. अन्नामलाई ने X पर लिखा कि बीमारी के कारण महान निर्देशक, अभिनेता और भारत के सबसे महान पटकथा लेखकों में से एक श्री के. भाग्यराज के निधन की खबर बेहद चौंकाने वाली और दुखद है। उन्होंने बताया कि भाग्यराज ने अपनी फिल्मों के माध्यम से तमिलनाडु के लोगों का प्यार जीता था और वे एक सरल और दयालु व्यक्ति थे। अन्नामलाई ने उनके परिवार और रिश्तेदारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। ऑल इंडिया पुरैची थलाइवर मक्कल मुनेत्र कड़गम (AIPTMMK) की महासचिव वी.के. शशिकला ने अपने संदेश में याद दिलाया कि भाग्यराज को लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार और "फिल्मफेयर" पुरस्कार सहित कई पुरस्कार मिले थे। शशिकला ने बताया कि एम.जी. रामचंद्रन के "कट्टर प्रशंसक" होने के अलावा भाग्यराज के मन में जयललिता के लिए भी गहरा सम्मान था। उन्होंने उस दौर को याद किया जब वे और भाग्यराज एक साथ राजनीति में सक्रिय थे। MP डी. रविकुमार ने दिल का दौरा पड़ने के कारण अभिनेता और निर्देशक भाग्यराज के निधन की खबर पर गहरा आश्चर्य व्यक्त किया। उन्होंने रेखांकित किया कि मुख्य रूप से व्यावसायिक मनोरंजन के लिए बनाई गई फिल्मों में भी उन्होंने लगातार ऐसे विचारों को व्यक्त किया जो सामाजिक सुधार को बढ़ावा देते थे। रविकुमार ने दुख व्यक्त किया कि मृत्यु ने उन्हें अचानक हमसे छीन लिया और तमिल सिनेमा में उनके जाने से जो खालीपन आया है, उसे कभी भरा नहीं जा सकेगा।
  28. भाग्यराज तमिलनाडु का एक अभिन्न अंग हैं: तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन

    श्री स्टालिन ने कहा कि भाग्यराज ने अधूरी पटकथाओं के सम्राट, सभी का दिल जीतने वाले यथार्थवादी नायक, संक्षिप्त संवादों के माध्यम से जटिल परिस्थितियों को संभालने की क्षमता रखने वाले लेखक और हर क्षेत्र में सफलता पाने वाले एक असाधारण निर्देशक के रूप में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने आगे कहा कि उनके पास अपने जैसे कई अन्य लोगों को निर्देशकों के रूप में तैयार करने का गौरवपूर्ण श्रेय है। उन्होंने याद किया कि कुछ महीने पहले ही उन्होंने फिल्म उद्योग में भाग्यराज के 50 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया था, जहां उन्होंने न केवल मुख्यमंत्री के रूप में बल्कि उनके एक प्रशंसक के रूप में भी अपनी बात रखी थी। पूरे परिवार और दोस्तों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए स्टालिन ने कहा कि अपनी रचनाओं के माध्यम से भाग्यराज तमिलनाडु के लोगों के एक अभिन्न अंग के रूप में हमेशा जीवित रहेंगे।
  29. भाग्यराज के निधन पर शोक व्यक्त किया गया

    कन्याकुमारी के MP विजय वसंत ने पोस्ट किया कि तमिल सिनेमा के एक उत्कृष्ट निर्देशक, अभिनेता, पटकथा लेखक और संवाद लेखक श्री भाग्यराज का निधन, जिन्होंने अपनी बहुमुखी प्रतिभा के माध्यम से लाखों लोगों के दिलों में एक अमिट स्थान हासिल किया था, गहरा दुख पहुंचाता है। इस दुखद घड़ी में उन्होंने भाग्यराज के परिवार और दोस्तों के प्रति अपनी गहरी संवेदना और सहानुभूति व्यक्त की। अभिनेत्री रोहिणी मोलेटी ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि भारत के महान पटकथा लेखक, निर्देशक और अभिनेता भाग्यराज का निधन हो गया है। उन्होंने उन्हें अपनी हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने प्यार से याद किया कि जब भी वे मिलते थे, वह उन्हें "पावुणु" कहकर बुलाते थे, और उन्होंने सवाल किया कि हमें फिर कभी उनके जैसा कहानीकार देखने को मिलेगा। अभिनेता हरीश कल्याण ने कहा कि भाग्यराज की फिल्में और उनका लेखन हमारे दिलों में हमेशा जीवित रहेगा, और उनकी शानदार फिल्मों तथा अविस्मरणीय अभिनय की विरासत हमेशा हमारा मार्गदर्शन और प्रेरणा करती रहेगी। अभिनेत्री सुहासिनी ने उनके अंतिम समय के बारे में जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने गोवा में अभिनेत्री खुशबू की बेटी की शादी में खुशी-खुशी शिरकत की थी और वे बेहद खुश थे। उन्होंने बताया कि आज सुबह अपनी नियमित सैर से घर लौटने के बाद उन्होंने छाती में हल्के दर्द की शिकायत की, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनका निधन हो गया।
  30. फिल्म जगत ने के. भाग्यराज को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

    दुख व्यक्त करते हुए अभिनेता वेंकटेश डग्गुबाती ने कहा कि वह भाग्यराज सर के निधन से बेहद दुखी हैं। उन्होंने कहा कि उनका काम भाषाओं की सीमाओं से परे था और इसने लाखों लोगों के दिलों को छुआ। वेंकटेश ने खुद को बेहद भाग्यशाली बताया कि वह 'सुंदराकांडा' और 'अब्बाईगारू' जैसी बेहतरीन फिल्मों का हिस्सा रहे, जो उनकी अद्भुत कहानी कला से ही बनी थीं। भारतीय सिनेमा ने अपने सबसे बेहतरीन फिल्म निर्माताओं में से एक को आज खो दिया है। मेरी हार्दिक संवेदनाएं उनके परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों के साथ हैं। फिल्म निर्माता जी. धनंजयन ने कहा: "महान पटकथा लेखक और निर्देशक के. भाग्यराज सर के अचानक निधन की खबर से मुझे गहरा सदमा लगा है। वह फिल्म उद्योग में कई वर्षों तक मेरे एक बेहतरीन दोस्त और बड़े मददगार रहे। मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि यह सब इतनी जल्दी हो गया।" कोरियोग्राफर, अभिनेता और निर्देशक राघव लॉरेंस ने कहा कि निर्देशक भाग्यराज के चले जाने से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने कहा, "सिनेमा जगत में उनका योगदान कभी न भूलने वाला है, और उनके उत्कृष्ट कार्यों ने कई पीढ़ियों को प्रेरित किया है। यह पूरी फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है।" अभिनेता सिबी सत्यराज ने कहा कि पटकथा के बेताज बादशाह अब हमारे बीच नहीं रहे। उन्होंने X पर लिखा, "के. भाग्यराज सर के आकस्मिक निधन की बात सुनकर बेहद दुखी हूं। यह फिल्म जगत के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है। मेरी गहरी संवेदनाएं उनके परिवार, मित्रों और प्रशंसकों के साथ हैं।"
  31. AIADMK महासचिव ने निधन पर जताया दुख

    दिग्गज निर्देशक और अभिनेता के निधन पर गहरा दुख और झटका व्यक्त करते हुए, AIADMK के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने उन्हें एक बहुमुखी प्रतिभा और अद्वितीय पटकथा लेखक के रूप में सराहा। उन्होंने याद किया कि AIADMK के संस्थापक व पूर्व मुख्यमंत्री एम.जी. रामचंद्रन और भाग्यराज के बीच का संबंध आपसी स्नेह और गहरे लगाव पर आधारित था।
  32. तमिलनाडु के राज्यपाल आर्लेकर ने जताया शोक

    तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने लोकप्रिय अभिनेता और निर्देशक के. भाग्यराज के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि तमिल सिनेमा के इस अनुभवी निर्देशक और लेखक का जाना फिल्म जगत के लिए एक बहुत बड़ा नुकसान है। राज्यपाल ने कहा, "उनकी अनूठी कहानी शैली, रचनात्मक कौशल और तमिल फिल्मों में उनके अपार योगदान ने उन्हें दर्शकों के दिलों में एक विशेष स्थान दिलाया है। उनकी विरासत आने वाले समय में फिल्म निर्माताओं और सिनेमा के प्रशंसकों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी।" उन्होंने आगे कहा, "मैं उनके परिवार, प्रियजनों और अनगिनत प्रशंसकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।"
  33. मशहूर अभिनेता और निर्देशक के. भाग्यराज का निधन

    अभिनेता, निर्देशक, लेखक और पटकथा लेखक के. भाग्यराज का आज निधन हो गया। पटकथा लेखन में उनकी महारत का हर कोई लोहा मानता था और वह कहानी कहने का एक ऐसा फॉर्मूला विकसित करने के लिए प्रसिद्ध थे जिसने फिल्म निर्माताओं की कई पीढ़ियों का मार्गदर्शन किया। पूरी रिपोर्ट पढ़ें: दिग्गज तमिल अभिनेता-निर्देशक के. भाग्यराज का कार्डियोपल्मोनरी अरेस्ट के कारण चेन्नई में निधन

सवाल-जवाब

के. भाग्यराज का निधन कैसे हुआ?
दिग्गज अभिनेता और निर्देशक के. भाग्यराज का कार्डियोपल्मोनरी अरेस्ट के कारण निधन हो गया।
क्या के. भाग्यराज को राजकीय सम्मान दिया गया?
हां, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसफ विजय ने घोषणा की थी कि उनके फिल्म जगत में योगदान के लिए उन्हें पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी।
भाग्यराज का हिंदी सिनेमा से क्या संबंध था?
उनकी कई तमिल फिल्मों का डेविड धवन ने हिंदी में रीमेक बनाया था, और उन्होंने खुद अमिताभ बच्चन तथा अमिताभ बच्चन और अनिल कपूर के साथ मिलकर तीन हिंदी फिल्मों का निर्देशन भी किया था।
भाग्यराज ने फिल्म उद्योग में कितने साल पूरे किए थे?
निधन से कुछ समय पहले ही उन्होंने फिल्म उद्योग में अपने करियर के 50 वर्ष पूरे किए थे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

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