राजस्थान में स्थानीय नगर निकाय चुनावों के दूसरे चरण का मतदान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक मुस्तैदी के साथ जारी है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में सुबह से ही पोलिंग बूथों पर नागरिकों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। शुरुआती घंटों में कुछ स्थानों पर ईवीएम में खराबी, राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच हल्की झड़पें और फर्जी वोटिंग के प्रयास सामने आए, लेकिन पुलिस और चुनाव अधिकारियों ने तुरंत मोर्चा संभालकर स्थिति को नियंत्रण में रखा। विभिन्न निकायों में सुबह 10 बजे तक का मतदान प्रतिशत सामने आ चुका है, जिसमें श्रीगंगानगर जिले का गजसिंहपुर 42.51 प्रतिशत वोटिंग के साथ सबसे आगे चल रहा है।
विभिन्न जिलों में सुबह 10 बजे तक मतदान के आंकड़े
प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार मतदान की गति में लगातार तेजी आ रही है। श्रीगंगानगर जिले के गजसिंहपुर में सुबह 10 बजे तक सबसे ज्यादा 42.51 फीसदी वोट पड़े। इसी जिले के अन्य निकायों में केसरीसिंहपुर में 29.77 प्रतिशत, श्रीकरणपुर में 31.82 प्रतिशत, पदमपुर में 30.34 प्रतिशत, सादुलशहर में 31.70 प्रतिशत और श्रीगंगानगर शहर में 20.91 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
टोंक जिले में कुल औसत मतदान 24.55 प्रतिशत दर्ज किया गया है। टोंक के लाम्बाहरिसिंह में सबसे अधिक 31.91 प्रतिशत और टोंक शहर में सबसे कम 22.45 प्रतिशत वोट पड़े हैं। इसके अलावा डिग्गी में 30.37 प्रतिशत, मालपुरा में 25.82 प्रतिशत और टोडारायसिंह में 28.18 प्रतिशत वोटिंग हुई। दौसा जिले में सुबह 10 बजे तक लगभग 22 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने वोट के अधिकार का उपयोग किया।
अजमेर जिले की बात करें तो कुल औसत मतदान 15.92 प्रतिशत दर्ज हुआ है, जिसमें अजमेर नगर निगम में 14.58 प्रतिशत, किशनगढ़ में 19.33 प्रतिशत और पुष्कर में 24.63 प्रतिशत मतदान शामिल है। अजमेर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में 14.57 प्रतिशत वोटिंग हुई। पाली जिले में पाली नगर निगम में 19.14 प्रतिशत, बाली में 23.61 प्रतिशत, तखतगढ़ में 32.17 प्रतिशत, सुमेरपुर में 26.23 प्रतिशत, फालना में 26.78 प्रतिशत और सादड़ी में 26.89 प्रतिशत मतदान हुआ। जालोर जिले के सांचौर के 35 वार्डों में 28.80 प्रतिशत और भीनमाल के 38 वार्डों में 27.10 प्रतिशत वोट पड़े हैं। प्रतापगढ़ जिले की छोटी सादड़ी में 23.01 प्रतिशत और धरियावद में 29.74 प्रतिशत मतदान रिकॉर्ड किया गया है।
बूथों पर झड़प, फर्जी मतदान का प्रयास और पुलिस की कार्रवाई
मतदान के दौरान कई केंद्रों से अव्यवस्था और विवाद की खबरें भी आईं। दौसा के पीजी कॉलेज केंद्र पर नकली मतदाता बनकर पहुंची कुछ महिलाओं को पकड़ा गया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। इसके साथ ही फर्जी वोट डालने की नियत से घूम रहे 15 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई। दौसा के ही मतदान केंद्र संख्या 78 (जिला परिषद) पर अफवाह फैलने के बाद भीड़ के जबरन घुसने से अफरा-तफरी मच गई और कांग्रेस उम्मीदवार के साथ हाथापाई की खबर आई। बीएलओ की सूचना पर पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित और अपर पुलिस अधीक्षक शंकर लाल मीणा पुलिस बल के साथ पहुंचे। चुनावी दल के कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि कोई फर्जी वोटर अंदर नहीं जा सका है।
श्रीगंगानगर के सादुलशहर में कृषि उपज मंडी समिति स्थित बूथ के बाहर समर्थकों के बीच हाथापाई हुई, जिसे पुलिस और स्थानीय लोगों ने शांत कराया। पदमपुर के वार्ड 9 में भी भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में तीखी बहस के बाद भारी पुलिस बल तैनात किया गया। सिरोही के वार्ड 18 में भाजपा प्रत्याशी हेमलता रावल के पुत्र चिराग रावल पर मतदाताओं को प्रलोभन देने का आरोप लगा, जिसका वीडियो कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र राणा ने बनाया। वीडियो सामने आने के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी रोहिताश सिंह तोमर ने निष्पक्ष जांच की बात कही।
झुंझुनूं जिले के चिड़ावा में वार्ड 15 के केंद्र पर उस समय हंगामा हुआ जब एक कैमरामैन पर घूंघट और बुर्का हटाकर महिलाओं के फोटो-वीडियो लेने का आरोप लगा। पुलिस ने आरोपी कैमरामैन का मेमोरी कार्ड जब्त किया और उम्मीदवारों के बीच समझाइश के बाद कार्ड वापस कर मामला शांत कराया। बीकानेर के नोखा में वार्ड 32 से उम्मीदवार संतोष झंवर (नारायण झंवर की पत्नी) के केंद्र पर दो गुटों में बहस हुई, जिसे पुलिस निरीक्षक ईश्वर जांगिड़ और पूर्व विधायक बिहारी बिश्नोई की मौजूदगी में शांत कराया गया।
ईवीएम में तकनीकी खामी और त्वरित समाधान
कुछ मतदान केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में खराबी के कारण मतदान प्रक्रिया बाधित हुई। बाड़मेर जिले की चौहटन नगर पालिका के बूथ संख्या 19 पर ईवीएम में खराबी आने से कुछ देर के लिए वोटिंग रोकनी पड़ी। तकनीकी विशेषज्ञों की टीम को तुरंत मौके पर भेजकर मशीन ठीक करने का काम शुरू किया गया।
इसी तरह प्रतापगढ़ की छोटी सादड़ी नगर पालिका के वार्ड 16 में वोटिंग शुरू होने के थोड़ी देर बाद ही मशीन बंद हो गई। सेक्टर मजिस्ट्रेट और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने त्वरित निर्णय लेते हुए खराब ईवीएम को बदला और नई मशीन से मतदान दोबारा शुरू कराया।
दिग्गजों की सहभागिता और लोकतंत्र की प्रेरक तस्वीरें
चुनावी माहौल के बीच कई प्रमुख हस्तियों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपनी पत्नी गीता शर्मा के साथ द्वितीय चरण के मतदान में हिस्सा लिया। मतदान के बाद मुख्यमंत्री ने बालाजी टॉवर स्थित शिव मंदिर में दर्शन-पूजन किया और बगरू विधायक कैलाश वर्मा की उपस्थिति में प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक मतदान की अपील करते हुए बच्चों के साथ तस्वीरें खिंचवाईं। टोंक में विधायक राजेंद्र गुर्जर ने घंटाघर चौराहे के पास आम नागरिक की तरह कतार में खड़े होकर वोट डाला। पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया ने भी टोंक पहुंचकर चुनावी चर्चा की।
अलवर के राजगढ़ में कुल 31,702 मतदाताओं के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए, जहां अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रियंका रघुवंशी, उपाधीक्षक अंगद शर्मा और राजगढ़ डीएसपी देशराज कुलदीप ने वार्ड 21 का निरीक्षण किया। यहां दिव्यांग मतदाता हीरालाल सैनी और पहली बार वोट दे रहे युवाओं में उत्साह देखा गया। अजमेर के लाखन कोटड़ी स्थित वार्ड 12 में किन्नर समाज के सदस्यों ने वोट डालकर सामाजिक संदेश दिया। वहीं श्रीगंगानगर में 106 वर्ष की बुजुर्ग महिला ने स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के बावजूद व्हीलचेयर पर बूथ संख्या 83 पहुंचकर मतदान किया। बाड़मेर के चौहटन में 20 वार्डों के 64 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करने के लिए महिलाएं बालिका शिक्षा और विकास को मुद्दा बनाकर भारी संख्या में मतदान केंद्र पहुंचीं।


















