पानी पीने की बोतल को केवल बाहर से धो लेना या उसमें पानी भरकर एक-दो बार हिला देना उसकी पूर्ण सफाई के लिए पर्याप्त नहीं होता है। दैनिक उपयोग में आने वाली बोतलों के आंतरिक हिस्सों और छोटे-छोटे जोड़ों में अक्सर बैक्टीरिया, नमी और गंदगी जमा हो जाती है, जो धीरे-धीरे दुर्गंध का कारण बनती है। यदि समय पर इनकी सही तरीके से सफाई न की जाए तो यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है। किसी भी बोतल को पूरी तरह स्वच्छ बनाने के लिए उसकी बनावट, उसमें इस्तेमाल की गई सामग्री और उसके सभी अलग होने वाले पुर्जों का विशेष ध्यान रखना आवश्यक होता है।
पानी की बोतल में किन जगहों पर जमा होती है सबसे ज्यादा गंदगी
बोतल को साफ करते समय अक्सर लोग केवल अंदरूनी दीवारों पर ध्यान देते हैं और बाकी हिस्सों को नजरअंदाज कर देते हैं। वास्तव में ढक्कन के अंदरूनी हिस्से, पीने वाले मुख, रबर की सील और पानी पीने वाली नली यानी स्ट्रॉ जैसी जगहों पर सबसे ज्यादा नमी और गंदगी एकत्र होती है। बाहर से देखने पर बोतल भले ही चमकदार दिखे, लेकिन ढक्कन की थ्रेड्स और रबर सील के नीचे पानी की छोटी-छोटी बूंदें फंसी रह जाती हैं। नमी बनी रहने के कारण इन स्थानों पर फफूंद और दुर्गंध पनपने लगती है। इसलिए जब भी सफाई करें, तब बोतल के जितने भी पुर्जे अलग हो सकते हों, उन्हें निकालकर अलग-अलग धोना चाहिए।
केवल पानी से धोने की गलती क्यों भारी पड़ सकती है
बहुत से लोग मानते हैं कि यदि बोतल में सिर्फ सादा पानी ही भरा जाता है, तो उसे रोज साबुन से धोने की जरूरत नहीं है। हालांकि यह धारणा गलत है क्योंकि पानी की पतली परत भी समय के साथ दीवारों पर चिपचिपाहट छोड़ देती है। इसके अलावा यदि आप बोतल में जूस, प्रोटीन शेक, मीठे ड्रिंक्स या फ्लेवर्ड पानी रखते हैं, तो सफाई में थोड़ी सी भी ढिलाई नुकसानदेह साबित हो सकती है। इन पेयों के अवशेष ढक्कन, सील और दीवारों पर चिपक जाते हैं जो सामान्य पानी से हिलाने पर बाहर नहीं निकलते। पेय पदार्थ खत्म होते ही बोतल को खाली करके तुरंत धो लेना सबसे सही रहता है।
रोजाना सफाई और संकरे मुंह वाली बोतल साफ करने के आसान तरीके
साधारण और नियमित सफाई के लिए हल्के तरल साबुन यानी लिक्विड सोप और गुनगुने पानी का प्रयोग सबसे अच्छा माना जाता है। यदि बोतल का मुंह संकरा है और हाथ अंदर तक नहीं पहुंच पाता, तो लंबे हैंडल वाले बोतल ब्रश की मदद लेनी चाहिए। इस ब्रश को अंदर डालकर हल्के हाथों से दीवारों और तली की रगड़ाई करें ताकि सारा जमाव छूट जाए। इसके बाद साफ पानी से कई बार खंगाल लें। ढक्कन और रबर की सील को अलग करके साबुन वाले पानी से धोएं। अगर बोतल में स्ट्रॉ लगा है, तो पतले स्ट्रॉ ब्रश का इस्तेमाल करके उसके अंदर की सफाई सुनिश्चित करें।
नमक, सिरके और कच्चे चावल का असरदार घरेलू नुस्खा
यदि बोतल के अंदर पुरानी चिकनाई, जिद्दी दाग या हल्की बदबू बस गई हो, तो एक बहुत ही प्रभावी घरेलू उपाय आजमाया जा सकता है। इसके लिए बोतल में एक छोटा चम्मच नमक, एक छोटा चम्मच सफेद सिरका और एक छोटा चम्मच कच्चे चावल के दाने डालें। इसके बाद उसमें थोड़ा सा पानी मिलाकर ढक्कन को अच्छी तरह बंद कर दें। अब इस बोतल को लगभग दो मिनट तक तेजी से हिलाएं। जब चावल के दाने अंदर तेजी से घूमते हैं, तो वे एक प्राकृतिक स्क्रबर की तरह काम करते हैं और अंदर जमी गंदगी को छुड़ा देते हैं। इसके बाद मिश्रण को बाहर फेंककर बोतल को ताजे पानी से तीन-चार बार अच्छी तरह धो लें।
स्टेनलेस स्टील और पीतल की बोतल साफ करते समय रखें ये सावधानियां
हर धातु की बोतल की देखभाल का तरीका अलग होता है, इसलिए सफाई से पहले बोतल के प्रकार पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। स्टेनलेस स्टील की बोतल को साफ करते समय कभी भी लोहे के या बहुत सख्त स्क्रबर का उपयोग न करें, क्योंकि इससे स्टील की सतह पर खरोंच आ सकती है। इसके लिए स्पंज या मुलायम ब्रश ही पर्याप्त रहता है। वहीं दूसरी ओर, पीतल की बोतलों में अंदर की तरफ खास कोटिंग हो सकती है। यदि पीतल की बोतल में एसिडिक चीजें जैसे सिरका या नींबू का प्रयोग बिना सोचे-समझे किया जाए, तो उसकी अंदरूनी कोटिंग खराब हो सकती है। इसलिए पीतल या अन्य विशेष धातुओं की सफाई से पहले निर्माता द्वारा दिए गए निर्देशों को जरूर पढ़ें।
धोने के बाद सुखाने और रखने का सही तरीका
सफाई प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण चरण धोने के बाद बोतल को सुखाना है। गीली या हल्की नम बोतल को तुरंत बंद करके अलमारी में रख देने से उसमें तुरंत सीलन और बदबू पैदा हो जाती है। धोने के बाद बोतल और उसके ढक्कन व रबर सील को अलग-अलग करके किसी हवादार जगह पर उल्टा करके रख दें ताकि पूरी नमी सूख जाए। जब बोतल अंदर से पूरी तरह सूख जाए, तभी उसे बंद करके रखें। रोजाना इस्तेमाल होने वाली बोतलों की नियमित रूप से सफाई करना और समय-समय पर उनकी सील को गहराई से साफ करना एक सेहतमंद आदत है।



















