वैश्विक ऊर्जा बाजार में उस समय बड़ी राहत देखने को मिली जब अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ अपने सैन्य अभियानों को स्थगित करने का फैसला सामने आया। इस अहम फैसले के तुरंत बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 1% तक की नरमी दर्ज की गई। व्यापारिक विश्लेषकों का मानना है कि सैन्य कार्रवाइयों के थमने से मध्य पूर्व क्षेत्र में लंबे समय से जारी तनाव के कूटनीतिक समाधान की उम्मीदें दोबारा जग उठी हैं। ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला में स्थिरता लौटने की संभावना से वैश्विक बाजारों ने सकारात्मक संकेत दिए हैं।
कच्चे तेल की कीमतों में दर्ज हुई गिरावट
व्यापारिक सत्र के शुरुआती घंटों में 0046 जीएमटी तक अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड वायदा 0.54 डॉलर यानी 0.6% गिरकर 87.82 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया। ठीक इसी दौरान अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड के दामों में भी 0.66 डॉलर यानी 0.8% की कमी आई, जिसके बाद यह 81.95 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता देखा गया। कारोबार की शुरुआत में ही दोनों प्रमुख बेंचमार्क अनुबंध 1% तक की कमजोरी के साथ एक सप्ताह से भी अधिक समय के अपने निचले स्तर को छू चुके थे। इस गिरावट को मुख्य रूप से अमेरिकी कार्रवाई में आए विराम और आपूर्ति बहाल होने की उम्मीदों से जोड़कर देखा जा रहा है।
रोम में आयोजित होगी इज़राइल और लेबनान के बीच वार्ता
कूटनीतिक मोर्चे पर एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम में इज़राइल और लेबनान के बीच नए दौर की वार्ता की तिथियां तय कर दी गई हैं। अमेरिकी विदेश विभाग के आधिकारिक बयानों के अनुसार, दोनों देशों के बीच वार्ता का अगला चरण 4 अगस्त से 6 अगस्त तक इटली की राजधानी रोम में आयोजित किया जाएगा। यह बैठक ऐसे समय में होने जा रही है जब इज़राइली सैन्य बल दक्षिणी लेबनान के दो घोषित पायलट क्षेत्रों से अपनी वापसी की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं। इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी ने सबसे पहले अमेरिकी मध्यस्थता वाली इस वार्ता के खाके का उल्लेख किया था।
इस संबंध में अमेरिकी विदेश विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रोम सम्मेलन में दोनों पक्षों के तकनीकी विशेषज्ञ रूपरेखा समझौते को पूरी तरह लागू करने पर ध्यान केंद्रित करेंगे। वार्ता के मुख्य एजेंडे में पायलट क्षेत्र प्रक्रिया का दायरा बढ़ाना, सीमा से जुड़े सभी लंबित विवादों को सुलझाना और एक टिकाऊ शांति व्यवस्था कायम करना शामिल है। कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह प्रक्रिया सफल रहती है तो सीमावर्ती इलाकों में जारी झड़पों पर विराम लग सकता है।
होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर ईरान का दावा और अमेरिकी प्रस्ताव खारिज
दूसरी तरफ तेहरान ने 27 जुलाई 2026 को अपने रुख को दोहराते हुए स्पष्ट किया कि रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण होर्मुज़ जलडमरूमध्य के व्यापारिक समुद्री मार्ग पर उसका पूर्ण नियंत्रण कायम है। ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी प्रकार की वार्ता दोबारा शुरू करने की संभावना को सीधे तौर पर सिरे से खारिज कर दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने शीर्ष सैन्य सलाहकारों की सिफारिश के आधार पर दो सप्ताह से चलाए जा रहे व्यापक हवाई हमलों के अभियान को अस्थायी रूप से रोक दिया था। हालांकि बमबारी रुकने के बावजूद ईरान ने अमेरिकी शांति वार्ता के प्रस्तावों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
ईरान 28 फरवरी को पश्चिम एशिया में युद्ध की शुरुआत के बाद से ही इस अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग पर अपनी सैन्य उपस्थिति मजबूत बनाए हुए है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य विश्व भर में होने वाले खनिज तेल के समुद्री परिवहन का एक बहुत बड़ा हिस्सा संचालित करता है, जिससे वैश्विक आपूर्ति तंत्र सीधे तौर पर प्रभावित होता है।
सऊदी अरब और ओमान के साथ ईरान की वार्ता
तनाव घटाने के प्रयासों के तहत ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने 28 जुलाई को क्षेत्रीय देशों के साथ कूटनीतिक संवाद स्थापित किया। उन्होंने ओमान के विदेश मंत्री बदर अल-बुसैदी और सऊदी अरब के विदेश मंत्री फ़ैसल बिन फ़रहान के साथ फोन पर अलग-अलग विस्तृत चर्चाएं कीं। बातचीत के दौरान होर्मुज़ जलडमरूमध्य की सुरक्षा, हालिया क्षेत्रीय बदलावों और अमेरिकी सैन्य अभियानों के कारण उत्पन्न हुई असुरक्षा को खत्म करने के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया।
यह कूटनीतिक संपर्क उस घटनाक्रम के ठीक बाद सामने आया जब सऊदी अरब ने इराक की सीमा की ओर से ईरान समर्थित समूहों द्वारा उसकी हवाई सीमा में दागे गए एक सशस्त्र ड्रोन को सफलतापूर्वक मार गिराने का दावा किया था। क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए सभी पक्ष संयुक्त प्रयासों को आगे बढ़ाने पर सहमत हुए हैं।
वॉशिंगटन में डोनाल्ड ट्रंप, बेंजामिन नेतन्याहू और वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की की बैठक
अमेरिकी राजधानी वॉशिंगटन में राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर हैं, जहां राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मंगलवार को इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की की मेजबानी कर रहे हैं। संयुक्त सैन्य अभियानों की शुरुआत के बाद डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू के बीच यह पहली आमने-सामने की मुलाकात है। दोनों ही नेता अपने-अपने देशों में गंभीर आंतरिक राजनीतिक दबावों से जूझ रहे हैं। बेंजामिन नेतन्याहू को आगामी चुनावों के मद्देनजर कूटनीतिक संबंध संभालने की चुनौती है, वहीं डोनाल्ड ट्रंप पर नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से ठीक पहले युद्ध खत्म करने और घरेलू मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने का भारी दबाव है।
व्हाइट हाउस के अधिकारियों के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू के बीच होने वाली वार्ता में इज़राइल-हिज़बुल्लाह संघर्ष से जुड़े समझौते और अब्राहम समझौते के विस्तार पर विशेष ध्यान रहेगा। वहीं दूसरी ओर, यूक्रेन द्वारा हाल के दिनों में रूसी अग्रिम बढ़त को रोकने में मिली सफलता के बाद डोनाल्ड ट्रंप और वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की के बीच संबंधों में सुधार देखा गया है। हालांकि ईरान के मुद्दे पर व्यापक सहमति न बन पाने के कारण व्हाइट हाउस और इज़राइली नेतृत्व के बीच कुछ मतभेद भी बरकरार हैं।
ईरान में मृत्युदंड की कार्रवाई और सीमावर्ती घटनाएं
ईरानी न्यायिक तंत्र से जुड़ी जानकारियों के अनुसार, देश में जनवरी के दौरान हुए व्यापक विरोध प्रदर्शनों के मामले में मंगलवार को दो व्यक्तियों को फांसी दे दी गई। मृत्युदंड पाने वाले व्यक्तियों की पहचान अबोलफज़ल सिपाही बदजानी और अमीरहुसैन सफारी हुसैनआबादी के रूप में हुई है, जिन पर प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षाकर्मियों की हत्या में संलिप्त रहने का दोष सिद्ध हुआ था।
उधर, इज़राइली रक्षा बलों ने 28 जुलाई को जानकारी दी कि उनकी वायुसेना ने जॉर्डन की सीमा के निकट एक संदिग्ध मानवरहित विमान (UAV) को मार गिराया। अधिकारियों के मुताबिक यह ड्रोन इज़राइली हवाई सीमा में प्रवेश करने से पहले ही नष्ट कर दिया गया और इसके स्रोत की जांच की जा रही है। इसके अलावा गाज़ा पट्टी के समीप स्थित किसुफिम इलाके में चेतावनी के सायरन बजे, जिसे बाद में सेना ने पहचान की तकनीकी गफलत के कारण जारी हुआ गलत अलर्ट करार दिया।



















