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लाइव: अमेरिका और सऊदी अरब की सेनाओं ने इराक में ईरान समर्थित लड़ाकों के ठिकानों पर किया हमला — 29 जुलाई 2026लाइव
29 जुल॰ 2026, 7:39 am (45 दिन पहले)· 1

लाइव: अमेरिका और सऊदी अरब की सेनाओं ने इराक में ईरान समर्थित लड़ाकों के ठिकानों पर किया हमला — 29 जुलाई 2026

पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सख्त कदम उठाने की चेतावनी दी है। इस बीच, तेहरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य के संयुक्त प्रबंधन से जुड़े ओमान के सुझाव को खारिज कर दिया है।

पश्चिम एशिया में कई दिनों की अस्थाई शांति के बाद सैन्य संघर्ष एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। मंगलवार (28 जुलाई) और बुधवार (29 जुलाई 2026) के दौरान हुए सिलसिलेवार सैन्य अभियानों में अमेरिकी और सऊदी वायुसेना ने इराक में मौजूद ईरान समर्थित लड़ाकों के रणनीतिक अड्डों पर भीषण हवाई हमले किए हैं। इस संयुक्त सैन्य कार्रवाई के जवाब में ईरान ने जॉर्डन स्थिति अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिन्हें जॉर्डन के वायु रक्षा तंत्र ने हवा में ही मार गिराया। वहीं दूसरी ओर, होर्मुज़ जलडमरूमध्य में ईरानी नौसेना द्वारा तीन तेल टैंकरों को रोके जाने और यमन के हूती गुट द्वारा नए समुद्री शुल्क वसूलने की योजनाओं की खबरों ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को संकट में डाल दिया है। इस चौतरफा सैन्य तनाव के तुरंत बाद अंतरराष्ट्रीय और भारतीय कमोडिटी बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में 3 प्रतिशत से अधिक की भारी तेजी दर्ज की गई है।

इराक में अमेरिका और सऊदी अरब की संयुक्त कार्रवाई, भीषण बमबारी में भारी नुकसान

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, अमेरिकी और सऊदी अरब के युद्धक विमानों ने इराक में सक्रिय ईरान समर्थित उग्रवादी गुटों के खिलाफ मंगलवार को व्यापक सैन्य अभियान चलाया। CENTCOM का कहना है कि यह हमला उन लड़ाकों को निशाना बनाकर किया गया था जिन्हें इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा अमेरिकी सुरक्षा बलों और सऊदी अरब के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर लगातार हमले करने के निर्देश मिल रहे थे। अमेरिकी सेना के आंकड़ों के अनुसार, इन उग्रवादियों ने पिछले कुछ ही दिनों के भीतर 24 से अधिक घातक ड्रोन हमले अंजाम दिए थे, जिसके बाद यह जवाबी कार्रवाई अनिवार्य हो गई थी।

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दूसरी तरफ, इराक में काम कर रहे ईरान समर्थक पूर्व अर्धसैनिक बलों के संगठन Popular Mobilization Forces (PMF) यानी हशद अल-शाबी ने बयान जारी कर पुष्टि की है कि अमेरिकी और सऊदी बमबारी में उनके कई सैन्य परिसरों को भारी नुकसान पहुंचा है। संगठन ने बताया कि हमले के कारण कई इमारतें और सैन्य संपत्तियां पूरी तरह तबाह हो गईं तथा उनके अनेक कर्मियों की मौत हो गई। स्वतंत्र सैन्य सूत्रों के अनुसार, इस हमले में PMF के निनवे प्रांत स्थित ठिकाने पर सबसे घातक मार पड़ी, जहां कम से कम 10 लड़ाकों की मौके पर ही मौत हो गई। इसके अलावा अन्य प्रांतों में हुए हमलों में कम से कम 20 लड़ाके मारे गए और छह ईरानी सैन्य सलाहकारों की भी जान चली गई, जबकि दर्जनों अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

होर्मुज़ जलडमरूमध्य में टैंकर जब्ती और ओमान के प्रबंधन प्रस्ताव का खारिज होना

जलमार्गों पर बढ़ते तनाव के बीच ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की नौसेना ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज़ जलडमरूमध्य में कार्रवाई करते हुए तीन अंतरराष्ट्रीय तेल टैंकरों को रोककर अपने कब्जे में ले लिया है। तस्नीम न्यूज एजेंसी द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, गार्ड्स की नौसेना ने दावा किया कि इन व्यापारिक जहाजों ने बार-बार दी गई चेतावनियों की अनदेखी की, समुद्री सुरक्षा नियमों का उल्लंघन किया और गैर-कानूनी व असुरक्षित रास्तों से गुजरने का प्रयास किया, जिसके कारण उन्हें बलपूर्वक रोका गया।

इसी बीच, राजनयिक मोर्चे पर भी गतिरोध गहरा गया है। ईरान के एक उच्च पदस्थ अधिकारी ने बुधवार (29 जुलाई 2026) को स्पष्ट किया कि तेहरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य के क्षेत्रीय और साझा प्रबंधन से जुड़े ओमान के शांति प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है। अधिकारी का कहना है कि ओमान की इस योजना के सफल होने की कोई संभावना नहीं है क्योंकि अमेरिका और सऊदी अरब इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर अपनी अवास्तविक योजनाओं को थोपने के लिए ओमान पर लगातार दबाव बना रहे हैं।

लाल सागर में हूती गुट की टैक्स योजना और चीन के साथ गुप्त वार्ता

यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के सूचना मंत्री मोअम्मर अल-इरियानी ने एक गंभीर खुलासा करते हुए बताया है कि ईरान के मार्गदर्शन में हूती विद्रोही लाल सागर और बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी व्यापारिक जहाजों से मनमाना शुल्क वसूलने की नई व्यवस्था तैयार कर रहे हैं। मंत्री ने इस कदम को एक खतरनाक दुस्साहस करार देते हुए कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य दुनिया के सबसे प्रमुख समुद्री व्यापारिक रास्तों में से एक को हूती गुट की आतंकवादी और सैन्य गतिविधियों की फंडिंग का स्थायी जरिया बनाना है।

उल्लेखनीय है कि हूती गुट ने 20 जुलाई को ही सऊदी बंदरगाहों की ओर जाने वाले जहाजों पर नाकाबंदी की घोषणा की थी, जिससे लाल सागर का क्षेत्र युद्ध के नए केंद्र में बदल गया है। हालांकि, घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले छह स्वतंत्र सूत्रों के अनुसार, चीन ने अपने तेल टैंकरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यमन के हूती नेतृत्व से सीधी बातचीत की है। बीजिंग ने हूती कमान से स्पष्ट आश्वासन मांगा है कि दक्षिणी लाल सागर से गुजरने वाले चीनी जहाजों पर कोई हमला न किया जाए ताकि उनके ईंधन आपूर्ति मार्ग सुरक्षित रह सकें।

जॉर्डन द्वारा ईरानी मिसाइलों का इंटरसेप्शन और ईरानी सीमा पर अमेरिकी एयरस्ट्राइक

बुधवार (29 जुलाई) तड़के जॉर्डन की सीमा पर भी सैन्य कार्रवाई देखने को मिली। जॉर्डन की सेना के प्रवक्ता ने बताया कि उनके उन्नत वायु रक्षा प्रणाली ने ईरान की तरफ से राज्य के हवाई क्षेत्र में घुसी पांच बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही सफलतापूर्वक ध्वस्त कर दिया। दूसरी ओर, ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की एयरोस्पेस फोर्स का बयान जारी करते हुए स्वीकार किया कि उन्होंने जॉर्डन में स्थित मुवफ्फक साल्टी एयर बेस और अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुख्यालय को निशाना बनाकर ये बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं।

इसी दौरान, ईरान के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में भी अमेरिकी हमले की खबर सामने आई है। ईरान के सरकारी टेलीविजन और फ़ार्स न्यूज एजेंसी ने बताया कि अमेरिकी वायुसेना ने इराक सीमा के पास स्थित पश्चिम अज़रबैजान प्रांत के पिरानशहर सीमावर्ती इलाके में एक मिसाइल हमला किया। हालांकि, स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मिसाइल एक निर्जन इलाके में गिरी, जिससे किसी भी तरह की जनहानि या संपत्ति का नुकसान नहीं हुआ।

लेबनान सीमा पर युद्धविराम का उल्लंघन और इजराइली रक्षा बल की रिपोर्ट

दक्षिणी लेबनान में भी स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। इजराइली रक्षा बल (IDF) ने बुधवार को हिज़बुल्लाह पर युद्धविराम के गंभीर उल्लंघन का आरोप लगाया। इजराइली सैन्य बयान के अनुसार, रात के समय हिज़बुल्लाह ने सुरक्षा क्षेत्र के भीतर अली अल-ताहेर रिज इलाके में गश्त कर रहे IDF के एक इंजीनियरिंग वाहन को निशाना बनाकर एक विस्फोटक ड्रोन दागा। यद्यपि इस हमले में कोई भी इजराइली सैनिक घायल नहीं हुआ, लेकिन IDF ने इसे शांति समझौते का सीधा उल्लंघन माना है।

संयुक्त राष्ट्र में भारत की कड़ी प्रतिक्रिया और राजनयिक आह्वान

पश्चिम एशिया में भड़के इस बहुपक्षीय संघर्ष पर भारत ने गहरी चिंता व्यक्त की है। संयुक्त राष्ट्र (UN) में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पर्वथानेनी हरीश ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य और लाल सागर में व्यापारिक पोतों पर हुए हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा और व्यापारिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र है, और वहां संक्षिप्त शांति के बाद दोबारा हिंसा भड़कना अत्यंत चिंताजनक है।

राजदूत पर्वथानेनी हरीश ने सभी पक्षों से संयम बरतने का आग्रह करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा में जहाजों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही को तुरंत बहाल करने की मांग की। इसके साथ ही भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार प्रक्रिया को गति देने पर जोर दिया और कहा कि संकीर्ण स्वार्थों के कारण बहुपक्षीय वार्ताओं में आ रही रुकावटों को दूर किया जाना चाहिए। वहीं, ईरान के विदेश मंत्रालय ने इराक में हुए अमेरिकी-सऊदी हमलों की निंदा करते हुए इसे UN चार्टर का उल्लंघन और इजराइली-अमेरिकी हितों को बढ़ावा देने वाला कदम बताया है।

डोनाल्ड ट्रंप का कड़ा चेतावनी संदेश और नए आर्थिक प्रतिबंधों की तैयारी

जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर हुए मिसाइल हमलों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना अपने जवानों की सुरक्षा के लिए कड़ा और निर्णायक पलटवार करेगी। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिकी संसद से मांग की है कि रूस पर प्रतिबंध लगाने से जुड़े विधेयक में ईरान पर भी भारी शुल्क (टैरिफ) लगाने के नए कानूनी प्रावधान जोड़े जाएं। उल्लेखनीय है कि इस विधेयक को हाल ही में दिवंगत हुए अमेरिकी सेनेटर लिंडसे ग्राहम द्वारा आगे बढ़ाया जा रहा था।

वैश्विक कमोडिटी बाजार पर असर: कच्चे तेल की कीमतों में 3% से ज्यादा की तेजी

पश्चिम एशिया में सप्लाई चेन बाधित होने की आशंका से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में हड़कंप मच गया है। बुधवार तड़के एशियाई कारोबार के दौरान अमेरिकी Benchmark West Texas Intermediate (WTI) क्रूड 3.67% की बढ़त के साथ $82.17 प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि North Sea Brent क्रूड 3.39% बढ़कर $86.94 प्रति बैरल हो गया।

भारतीय बाजारों की बात करें तो Multi Commodity Exchange (MCX) पर अगस्त महीने की डिलीवरी वाला क्रूड वायदा ₹242 यानी 3.18% की मजबूती के साथ ₹7,845 प्रति बैरल दर्ज किया गया। चॉइस ब्रोकिंग के कमोडिटी विश्लेषक आमिर माकडा के अनुसार, सप्लाई बाधित होने के डर से कारोबार की शुरुआत में ही क्रूड ₹7,650 के करीब मजबूत होकर खुला था। वहीं कोटक नियो के कमोडिटी रिसर्च प्रमुख अनिंद्य बनर्जी ने विश्लेषणात्मक रिपोर्ट में बताया कि ईरान और अमेरिकी-सऊदी बलों के बीच एक-दूसरे के ठिकानों पर की गई सैन्य कार्रवाइयों ने बाजार में भू-राजनीतिक जोखिम प्रीमियम को बढ़ा दिया है, जिससे पिछले तीन दिनों से जारी मंदी का सिलसिला खत्म हो गया है।

सामरिक विश्लेषण और भविष्य के खतरे

वरिष्ठ रक्षा विश्लेषक स्टेनली जॉनी के अनुसार, इस पूरे संकट में यमन के हूती विद्रोहियों का कूदना और ईरान के साथ उनका रणनीतिक समन्वय इस युद्ध को पूरे पश्चिम एशिया में फैलाने का काम कर रहा है। अमेरिका के सामने सबसे बड़ी चुनौती उसके उन्नत रक्षा हथियारों और मिसाइल रक्षा तंत्रों के तेजी से घटते स्टॉक को लेकर है, जो उसके अपने क्षेत्रीय अड्डों और सहयोगियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक हैं। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी घरेलू राजनीति में भी इस युद्ध को लंबा खींचने का विरोध बढ़ रहा है। यदि यह सैन्य गतिरोध जल्द नहीं थमा, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा को अपूरणीय क्षति पहुंच सकती है।

समाप्त

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  1. रूस प्रतिबंध कानून में ईरान पर शुल्क लगाने का अधिकार चाहते हैं डोनाल्ड ट्रंप

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह चाहते हैं कि रूस पर प्रतिबंध से जुड़े कानून में ईरान पर भी शुल्क लगाने का प्रावधान जोड़ा जाए। इस विधेयक को हाल ही में दिवंगत हुए सेनेटर लिंडसे ग्राहम द्वारा आगे बढ़ाया जा रहा था।
  2. डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को चेतावनी, अमेरिका करेगा जोरदार पलटवार

    जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हुए हमलों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर कड़ा पलटवार करने की कसम खाई है। इसके साथ ही पश्चिम एशिया में युद्ध एक बार फिर भड़क उठा है और इसमें इस्लामिक गणराज्य के प्रॉक्सी समूह दोबारा शामिल हो गए हैं। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब संघर्ष में आई एक अस्थायी कमी—जिसने बातचीत फिर से शुरू होने की उम्मीदें जगाई थीं—समाप्त होती दिख रही है। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति में बाधा आने की आशंका से वैश्विक तेल कीमतों में 5 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया।
  3. ईरान के विदेश मंत्रालय ने इराक में अमेरिका और सऊदी अरब के हमलों की कड़ी निंदा की

    ईरान के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को इराक में अमेरिका और सऊदी अरब द्वारा किए गए सैन्य हमलों की तीखी आलोचना की। ईरानी पक्ष ने कहा कि ये कार्रवाइयां क्षेत्र में युद्ध को फैलाने की अमेरिकी और इजराइली कोशिशों का हिस्सा हैं। मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि यह हमला पश्चिम एशियाई क्षेत्र में संघर्ष और युद्ध का दायरा बढ़ाने की अमेरिका तथा ज़ायोनी शासन की इच्छाओं के अनुकूल है। इसके साथ ही ईरान ने इन हमलों को UN चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का गंभीर उल्लंघन बताया।
  4. ईरान ने फिर शुरू किए मिसाइल हमले; अमेरिका और सऊदी अरब ने इराक में तेहरान समर्थित गुटों पर बोला धावा

    बुधवार (29 जुलाई) की सुबह ईरान ने पश्चिम एशिया में तैनात अमेरिकी बलों को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ कई मिसाइलें दागीं। इसी दौरान, अमेरिका ने पड़ोसी देश इराक में तेहरान समर्थित लड़ाकों पर हमले के लिए सऊदी अरब के साथ हाथ मिलाया, जिसमें कम से कम 20 चरमपंथी मारे गए। एपी को इराक के दो उग्रवादी अधिकारियों ने जानकारी दी कि अमेरिका और सऊदी अरब के साझा हमले में छह ईरानी सलाहकार भी मारे गए। हालांकि, तुरंत यह साफ नहीं हो सका कि इन छह सलाहकारों की गिनती मृत लड़ाकों में ही शामिल है या नहीं। अधिकारियों ने अपनी पहचान उजागर न करने की शर्त पर यह बात कही क्योंकि वे सार्वजनिक रूप से बयान देने के लिए अधिकृत नहीं थे। कई मोर्चों पर भड़की यह नई हिंसा, कुछ दिनों की शांति के बाद फिर से एक पूर्ण युद्ध की आशंका पैदा कर रही है। इससे पांच महीने से जारी इस संघर्ष को खत्म करने की जटिलता भी उजागर हुई है, जिसने वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख दिया है और जिसे अमेरिकी जनता का समर्थन भी हासिल नहीं है। इसके अलावा, इस नए सैन्य तनाव से अमेरिका के उन आधुनिक हथियारों के घटते स्टॉक पर चिंता और बढ़ने की संभावना है, जो उसके अपने सैन्य अड्डों और सहयोगियों की सुरक्षा के लिए बेहद अहम हैं।
  5. हूती विद्रोही लाल सागर से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने की योजना बना रहे हैं: यमन सरकार

    यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के एक मंत्री ने बुधवार (29 जुलाई) को बताया कि देश के हूती विद्रोही ईरानी मार्गदर्शन में काम कर रहे हैं ताकि लाल सागर और बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क वसूलने की व्यवस्था बनाई जा सके। सूचना मंत्री मोअम्मर अल-इरियानी ने इस कदम को एक खतरनाक दुस्साहस बताया और कहा कि इसका मकसद दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक को इस लड़ाके समूह की सैन्य और आतंकवादी गतिविधियों के लिए फंडिंग का स्थायी जरिया बनाना है।
  6. इजरायली सेना ने हिज़बुल्लाह पर युद्धविराम उल्लंघन का लगाया आरोप, दक्षिण लेबनान में ड्रोन हमले का दावा

    इजरायली सेना ने बुधवार (29 जुलाई) को हिज़बुल्लाह पर युद्धविराम के स्पष्ट उल्लंघन का आरोप लगाया। सेना का कहना है कि ईरान समर्थित इस चरमपंथी समूह ने दक्षिणी लेबनान में रात के समय एक इजरायली वाहन को निशाना बनाकर ड्रोन हमला किया। सेना ने एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया, "रात के समय (बुधवार) हिज़बुल्लाह ने सुरक्षा क्षेत्र के भीतर अली अल-ताहेर रिज इलाके में IDF के एक इंजीनियरिंग वाहन की तरफ एक विस्फोटक ड्रोन दागा।" बयान में आगे कहा गया कि यह घटना युद्धविराम का सीधा उल्लंघन है, हालांकि इसमें किसी भी इजरायली सैनिक के घायल होने की खबर नहीं है।
  7. ईरान के सरकारी टीवी का दावा: अमेरिका ने इराकी सीमा के पास किया हवाई हमला

    ईरान के सरकारी टेलीविजन ने बुधवार (29 जुलाई) को जानकारी दी कि अमेरिकी सेना ने इराक सीमा से लगे देश के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र के एक शहर पर हमला किया है। सरकारी चैनल ने अपनी रिपोर्ट में बताया, "कुछ ही मिनट पहले दुश्मन अमेरिका ने पिरानशहर सीमावर्ती इलाके में हवाई हमला किया।" इससे पूर्व, फ़ार्स समाचार एजेंसी ने पश्चिम अज़रबैजान प्रांत के एक प्रशासनिक अधिकारी के हवाले से बताया था कि एक मिसाइल निर्जन इलाके में गिरी, जिससे किसी भी प्रकार का जानमाल का नुकसान नहीं हुआ।
  8. पश्चिम एशिया में गहराते संघर्ष के बीच अमेरिकी और सऊदी सेना ने इराक में उग्रवादी गठबंधन पर किया हमला

    अमेरिकी और सऊदी सैन्य बलों ने बुधवार (29 जुलाई) को इराक के एक उग्रवादी संगठन पर हवाई हमले करने की पुष्टि की। इसके साथ ही पश्चिम एशिया का यह युद्ध ईरान के अलावा उससे जुड़े सहयोगी समूहों तक भी फैलने लगा है। ईरान में स्थित ठिकानों पर अमेरिकी हमलों में आई अस्थाई कमी के तुरंत बाद यह नई कार्रवाई देखने को मिली है, जबकि यमन और अन्य इलाकों में मौजूद तेहरान के सहयोगी लगातार इस जंग की ओर खिंचे चले आ रहे हैं। दूसरी ओर, अमेरिका के साथ जारी संघर्ष विराम के बाद से पहली बार क्षेत्रीय हमला करते हुए ईरान ने जॉर्डन की तरफ मिसाइलें दागीं।
  9. लाल सागर से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए यमन के हूथी गुट से संपर्क में चीन: सूत्र

    मामले की जानकारी रखने वाले छह सूत्रों के अनुसार, चीन ने यमन के हूथी आंदोलन के साथ सीधी बातचीत की है ताकि उसके तेल टैंकरों पर हमले न हों और वे दक्षिणी लाल सागर से सुरक्षित गुजर सकें। यह कदम ईरान समर्थित लड़ाकों द्वारा सऊदी अरब के बंदरगाहों तक पहुंच रोकने के ऐलान के बाद उठाया गया है। हूथी गुट ने 20 जुलाई को अपनी नाकाबंदी की घोषणा की थी, जिससे ईरान युद्ध में अमेरिका और उसके सहयोगियों के खिलाफ एक नया मोर्चा खुल गया। इसके साथ ही पश्चिम एशिया से बाहर के बाजारों में ईंधन और अन्य सामग्री ले जाने वाले टैंकरों पर हमले बढ़ा दिए गए। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी समेत सूत्रों के मुताबिक, बीजिंग ने सीधे तौर पर हूथी नेतृत्व से अपने टैंकरों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने का वादा मांगा है।
  10. इराक में लड़ाकों पर अमेरिकी कार्रवाई के बीच जॉर्डन ने दागी गई ईरानी मिसाइलों को किया ढेर

    जॉर्डन के सैन्य तंत्र ने बुधवार (29 जुलाई) तड़के ईरान की तरफ से दागी गई पांच मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। यह कार्रवाई अमेरिकी सेना द्वारा पश्चिम एशिया में अपने ठिकानों की ओर आ रही ईरानी मिसाइलों की बौछार को नाकाम करने के कुछ ही घंटों बाद हुई, जिससे दोनों पक्षों के बीच बना संक्षिप्त संघर्ष-विराम टूट गया। जॉर्डन की सेना ने बताया कि सभी मिसाइलों को "रोककर नष्ट कर दिया गया।" दूसरी ओर, ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने पैरामिलिट्री रिवोल्यूशनरी गार्ड का बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि गार्ड्स की एयरोस्पेस फोर्स ने जॉर्डन में स्थित मुवफ्फक साल्टी एयर बेस और अमेरिकी सैन्य सेंट्रल कमांड के मुख्यालय पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं।
  11. होर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाजों पर हुए हमलों की भारत ने की कड़े शब्दों में निंदा

    पश्चिम एशिया में सैन्य संघर्ष के दोबारा बढ़ने पर चिंता जताते हुए भारत ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य में व्यापारिक पोतों पर हुए हालिया हमलों की कड़े शब्दों में भर्त्सना की है। नई दिल्ली ने इस महत्वपूर्ण समुद्री क्षेत्र में बिना किसी रुकावट के व्यापार और जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को तुरंत बहाल करने का आह्वान किया है। संयुक्त राष्ट्र (UN) में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पर्वथानेनी हरीश ने पश्चिम एशिया को भारत के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र करार दिया। उन्होंने कहा कि संघर्ष में आई थोड़ी देर की शांति के बाद दोबारा हमले और तनाव बढ़ना बेहद चिंताजनक है, तथा भारत स्थिति को शांत करने के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह करता है। इसके साथ ही भारत ने जोर देकर कहा कि कुछ संकीर्ण और विभाजनकारी हितों के कारण UNSC में सुधार प्रक्रिया बाधित नहीं होनी चाहिए, और बहुपक्षीय वार्ताओं में ठोस प्रगति की आवश्यकता है।
  12. सैन्य तनाव बढ़ने से आपूर्ति की चिंता गहराने पर कच्चे तेल का वायदा भाव 3% से ज्यादा उछला

    पश्चिम एशिया में दोबारा सैन्य तनाव बढ़ने के कारण अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क में मजबूती आई, जिससे बुधवार (29 जुलाई, 2026) को कच्चे तेल के वायदा भाव में 3% से अधिक का उछाल आया और यह ₹7,845 प्रति बैरल पर पहुंच गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अगस्त महीने की डिलीवरी वाला क्रूड वायदा ₹242 या 3.18% की बढ़त लेकर ₹7,845 प्रति बैरल दर्ज हुआ, जिससे पिछले तीन सत्रों से जारी मंदी का रुख समाप्त हो गया। चॉइस ब्रोकिंग में टेक्निकल रिसर्च के कमोडिटी एवं करेंसी विश्लेषक आमिर माकडा के अनुसार, सप्लाई बाधित होने की ताजा आशंकाओं के चलते बुधवार सुबह के कारोबार में MCX का अगस्त क्रूड कॉन्ट्रैक्ट ₹7,650 के करीब बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा था। कोटक नियो (पूर्व में कोटक सिक्योरिटीज) के कमोडिटी और करेंसी रिसर्च प्रमुख अनिंद्य बनर्जी ने बताया कि ईरान द्वारा क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले करने के बाद कच्चे तेल के दामों में तेजी लौटी, जिसके जवाब में अमेरिकी और सऊदी सैन्य बलों ने इराक में तेहरान समर्थित ठिकानों पर कार्रवाई की। - PTI
  13. इन फोकस पॉडकास्ट: पश्चिम एशिया के युद्ध में हूथियों के कूदने की क्या है वजह?

    इस पॉडकास्ट में, स्टेनली जॉनी पश्चिम एशिया के मौजूदा संकट में हूथी विद्रोहियों की भूमिका, ईरान के साथ उनके रणनीतिक संबंधों और इस संघर्ष के व्यापक युद्ध में बदलने के खतरों का विश्लेषण कर रहे हैं।
  14. इराक में अमेरिका-सऊदी हवाई हमले: PMF के कम से कम 10 लड़ाकों की मौत, कई घायल

    एएफपी को पूर्व इराकी अर्धसैनिक गठबंधन के दो सूत्रों ने बताया कि इराक में स्थित उनके सैन्य ठिकानों पर अमेरिका और सऊदी अरब द्वारा किए गए हवाई हमलों में उनके कम से कम 10 सदस्य मारे गए। एक अधिकारी ने जानकारी दी कि इन हमलों ने कई प्रांतों में हशद अल-शाबी यानी पॉपुलस मोबिलाइजेशन फोर्सेज (PMF) के ठिकानों को निशाना बनाया। सबसे घातक हमला निनवे प्रांत में हुआ, जहां कम से कम 10 सदस्यों की जान चली गई। उन्होंने यह भी कहा कि मृतक संख्या बढ़ने की आशंका है। अधिकारी ने आगे बताया कि अन्य प्रांतों में भी कई लोग घायल हुए हैं। एक अन्य अधिकारी ने भी इस शुरुआती हताहत आंकड़े की पुष्टि की।
  15. जॉर्डन की सेना ने दागी गई पांच ईरानी मिसाइलों को हवा में ही किया ध्वस्त

    जॉर्डन की सेना ने बुधवार (29 जुलाई 2026) को बताया कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच अल्पविराम के बाद दोबारा भड़की हिंसा के दौरान उसने पांच ईरानी मिसाइलों को हवा में ही रोककर गिरा दिया। जॉर्डन के सैन्य प्रवक्ता ने बयान जारी कर बताया कि बुधवार सुबह उनके वायु रक्षा तंत्र ने ईरान की दिशा से राज्य के क्षेत्र की ओर आ रही पांच मिसाइलों का सफलतापूर्वक सामना किया और उन्हें रास्ते में ही ध्वस्त कर नीचे गिरा दिया।
  16. ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य के साझा प्रबंधन के ओमान के प्रस्ताव को ठुकराया

    ईरान के एक उच्च पदस्थ अधिकारी ने बुधवार (29 जुलाई 2026) को रॉयटर्स को बताया कि तेहरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य के क्षेत्रीय संयुक्त प्रबंधन के संबंध में ओमान द्वारा रखे गए प्रस्ताव को खारिज कर दिया है और कहा है कि इस योजना के सफल होने का कोई मौका नहीं है। अधिकारी ने यह भी कहा कि अमेरिका और सऊदी अरब इस महत्वपूर्ण जलमार्ग के बारे में अपनी अवास्तविक योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए ओमान पर लगातार दबाव बना रहे हैं।
  17. इराक में अमेरिकी-सऊदी सैन्य हमलों में कई लोगों की मौत, अनेक घायल

    इराक में काम कर रहे ईरान समर्थक पूर्व अर्धसैनिक बलों के एक संगठन ने पुष्टि की है कि देश के भीतर अमेरिकी और सऊदी सैन्य बमबारी में कई लोग मारे गए हैं तथा कई अन्य घायल हुए हैं। वॉशिंगटन और रियाद का कहना है कि यह सैन्य कार्रवाई अमेरिकी सुरक्षा बलों एवं सऊदी अरब के तेल ठिकानों पर किए गए हमलों के प्रतिशोध में इराक स्थित ईरान-समर्थित लड़ाकों के खिलाफ की गई थी। अरबी भाषा में हशद अल-शाबी के नाम से पहचाने जाने वाले पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज (PMF) ने एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया, "इन हमलों के परिणामस्वरूप हमारे अनेक कर्मियों की शहादत हुई है और कई लोग जख्मी हुए हैं, इसके अलावा कई इमारतों एवं संपत्तियों को भी बड़ा नुकसान पहुंचा है।"
  18. ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य में 3 तेल टैंकरों को रोका: मीडिया रिपोर्ट

    ईरानी मीडिया ने बुधवार को बताया कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच जंग में आई कुछ राहत के बावजूद, देश के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य में तीन तेल टैंकरों को निशाना बनाकर उन्हें रोक दिया। तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, गार्ड्स की नौसेना ने कहा कि तीन नियम तोड़ने वाले तेल टैंकरों को चेतावनी का पालन न करने और अवैध व असुरक्षित मार्ग से गुजरने के कारण निशाना बनाया गया और उन्हें रुकने के लिए मजबूर किया गया।
  19. ईरानी मिसाइल हमलों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में 3% से ज्यादा का उछाल

    अमेरिकी सेना द्वारा ईरान की ओर से दागी गई कई मिसाइलों को हवा में मार गिराने की खबर के बाद बुधवार तड़के एशियाई व्यापार में कच्चे तेल के भाव 3% से अधिक चढ़ गए। जीएमटी समय अनुसार सुबह 0015 बजे तक, अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 3.67% की बढ़त के साथ $82.17 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि नॉर्थ सी ब्रेंट क्रूड 3.39% बढ़कर $86.94 प्रति बैरल पर पहुंच गया।
  20. अमेरिका और सऊदी अरब ने इराक में ईरान समर्थित उग्रवादियों पर किए हवाई हमले

    अमेरिकी सेना के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में 24 से अधिक ड्रोन हमले करने वाले इराक में मौजूद ईरान समर्थित उग्रवादियों के खिलाफ मंगलवार (28 जुलाई) को अमेरिकी और सऊदी युद्धक विमानों ने बमबारी की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि यह कार्रवाई "ईरान समर्थित उन आतंकवादियों पर की गई जिन्हें इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा अमेरिकी सैनिकों और सऊदी अरब के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमला करने का निर्देश मिला था।"

सवाल-जवाब

अमेरिका और सऊदी अरब ने इराक में किस संगठन पर हवाई हमला किया?
अमेरिका और सऊदी अरब की वायुसेना ने इराक में मौजूद ईरान समर्थित उग्रवादी समूह Popular Mobilization Forces (हशद अल-शाबी) के ठिकानों पर हमला किया, जिसमें कम से कम 10 से 20 लड़ाके और 6 ईरानी सलाहकार मारे गए।
होर्मुज़ जलडमरूमध्य में ईरान ने क्या कार्रवाई की है?
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की नौसेना ने समुद्री सुरक्षा नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए होर्मुज़ जलडमरूमध्य में तीन तेल टैंकरों को रोककर अपने कब्जे में ले लिया है।
सैन्य हमलों के बाद कच्चे तेल की कीमतों पर क्या असर पड़ा?
हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में WTI क्रूड 3.67% बढ़कर $82.17 और ब्रेंट क्रूड 3.39% बढ़कर $86.94 प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि भारत के MCX पर अगस्त क्रूड ₹7,845 प्रति बैरल दर्ज किया गया।
जॉर्डन की सेना ने क्या कार्रवाई की?
जॉर्डन के वायु रक्षा तंत्र ने ईरान की ओर से दागी गई पांच बैलिस्टिक मिसाइलों को अपने क्षेत्र में प्रवेश करते ही हवा में ही ध्वस्त कर गिरा दिया।
चीन और हूती विद्रोहियों के बीच क्या बातचीत हुई है?
चीन ने यमन के हूती नेतृत्व से सीधी बातचीत करके लाल सागर और बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य से गुजरने वाले अपने तेल टैंकरों की सुरक्षित आवाजाही का आश्वासन मांगा है।
संयुक्त राष्ट्र में भारत ने इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाया?
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पर्वथानेनी हरीश ने व्यापारिक पोतों पर हमलों की निंदा करते हुए होर्मुज़ जलडमरूमध्य में सुरक्षित और निर्बाध समुद्री व्यापार की तत्काल बहाली की अपील की।
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