होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास एक व्यावसायिक पोत पर हमले और तेहरान द्वारा इस समुद्री मार्ग को अनिश्चित काल के लिए बंद करने के ऐलान के बाद, क्षेत्र में संघर्ष एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। इस घटनाक्रम के जवाब में, अमेरिकी बलों ने ईरान के भीतर व्यापक सैन्य कार्रवाई की है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने शनिवार देर रात जानकारी दी कि उन्होंने ईरान के 140 से अधिक सैन्य ठिकानों पर हमले पूरे कर लिए हैं। इन हमलों में मिसाइल साइटों, ड्रोन अड्डों, नौसैनिक संपत्तियों, गोला-बारूद के जखीरों और संचार केंद्रों को निशाना बनाया गया है।
होर्मुज़ में तनाव और सैन्य जवाबी कार्रवाई
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने रविवार (12 जुलाई, 2026) को पुष्टि की कि उसने उस जहाज पर प्रहार कर उसे निष्क्रिय कर दिया जो बार-बार चेतावनी के बावजूद निर्धारित शिपिंग गलियारे का पालन नहीं कर रहा था। इसके तुरंत बाद, ओमान तट के पास GFS गैलेक्सी नामक जहाज के चालक दल को सुरक्षा के लिए पोत छोड़ना पड़ा। ओमान के समुद्री सुरक्षा केंद्र के अनुसार, 23 सदस्यों को बचा लिया गया है और एक की तलाश जारी है। वहीं, अमेरिका ने दावा किया है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य पूरी तरह खुला है और नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए अमेरिकी बल तैनात हैं। ईरान के जलमार्ग बंद करने के दावे को अमेरिका ने पूरी तरह नकार दिया है।
खाड़ी देशों में मिसाइल हमलों की गूँज
ईरान ने अपने ऊपर हुए अमेरिकी हमलों के जवाब में खाड़ी के पड़ोसी देशों को निशाना बनाया है। संयुक्त अरब अमीरात ने मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी जारी की, जबकि कतर के अल उदीद हवाई अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का दावा किया गया। IRGC ने यह भी दावा किया कि उन्होंने इस अड्डे पर स्थित कमांड-एंड-कंट्रोल केंद्रों को नष्ट कर दिया है। कुवैत की सेना ने भी पुष्टि की कि उनकी वायु रक्षा प्रणालियों ने दुश्मन के ड्रोनों को हवा में ही नाकाम किया। जॉर्डन की सीमा में भी तीन मिसाइलें गिरीं, हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ। ओमान ने अपने क्षेत्र पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है और ईरानी राजदूत को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया है।
कूटनीतिक हलचल और वैश्विक चिंता
इस बढ़ते तनाव के बीच, पाकिस्तान और सऊदी अरब ने गहरा खेद जताया है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के विशेष प्रयासों के बाद, उप प्रधानमंत्री इसहाक डार ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची से फोन पर बात कर तनाव कम करने का आग्रह किया। लेबनान में भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है, जहाँ एक अमेरिकी सैन्य प्रतिनिधिमंडल बेरूत पहुँचा है ताकि इज़राइल की वापसी के लिए 'पायलट ज़ोन' तंत्र पर चर्चा हो सके। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेश ने दोनों देशों से तत्काल युद्धविराम की मांग की है। उधर, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि होर्मुज़ हमलों के जवाब में अमेरिका ने ईरान पर बहुत जोरदार प्रहार किया है। ईरान के सर्वोच्च नेता के सलाहकार मोहसिन रज़ाई ने होर्मुज़ को दर्जनों परमाणु बमों से अधिक महत्वपूर्ण बताते हुए इसकी रक्षा का संकल्प दोहराया है।
इज़राइल का आगामी चुनावी कार्यक्रम
क्षेत्रीय अनिश्चितताओं के बीच, इज़राइल की नेसेट ने 27 अक्टूबर, 2026 को आम चुनाव कराने की आधिकारिक घोषणा की है। यह दशकों में पहली बार होगा जब कोई सरकार अपना पूरा कार्यकाल पूरा करेगी। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व पर यह चुनाव एक बड़ा जनमत संग्रह साबित हो सकता है। इराक के प्रधानमंत्री भी ऊर्जा समझौतों को मजबूत करने के लिए सोमवार को वॉशिंगटन का दौरा करेंगे, ताकि वैकल्पिक निर्यात मार्गों के जरिए होर्मुज़ पर निर्भरता को कम किया जा सके।



















