मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के सेंधवा में शादी का सपना दिखाकर एक 25 साल की चार्टर्ड अकाउंटेंट युवती से करीब 3 लाख रुपये ठग लिए गए। पुलिस ने छानबीन में एक अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उत्तराखंड से दो महिलाओं को दबोच लिया है।
कैसे हुआ गिरोह का खुलासा
सेंधवा सिटी थाना पुलिस और बड़वानी की साइबर सेल ने मिलकर इस मामले की तह तक जाने की कोशिश की। जांच में पकड़ी गई दोनों महिलाओं के नाम रेखा और निदा बताए गए हैं। दोनों उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के बाजपुर कस्बे में रहती हैं। पुलिस को पता चला कि बाजपुर के ही रहने वाले शोभित जाटव नाम के शख्स ने इन दोनों महिलाओं को अपने बैंक खाते ठगी के लिए किराए पर देने को राजी किया था। उसने महिलाओं से कहा था कि उनके खातों में ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ी रकम आएगी और इसके बदले हर महिला को 5-5 हजार रुपये कमीशन दिया जाएगा। बाद में यही खाते ठगी के पैसे को आगे खिसकाने के काम आए। पुलिस ने दोनों महिलाओं के खातों में जमा करीब 95 हजार रुपये सीज कर लिए हैं, जबकि गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश अब भी जारी है।
शादी डॉट कॉम पर हुई मुलाकात
ठगी का शिकार बनी युवती सेंधवा की रहने वाली है और बेंगलुरु की एक कंपनी में घर से ही नौकरी करती है। शादी लायक उम्र होने पर उसने खुद को शादी डॉट कॉम पर रजिस्टर किया था। इसी प्लेटफॉर्म पर उसकी बातचीत एक ऐसे शख्स से शुरू हुई, जिसने अपना ठिकाना इंग्लैंड बताया। कुछ दिनों की बातचीत के बाद उस शख्स ने शादी का वादा कर दिया और भरोसा दिलाया कि वह युवती के लिए करीब 15 लाख रुपये कीमत के महंगे तोहफे भेज रहा है।
कूरियर और कस्टम ड्यूटी के बहाने वसूली
युवती का यकीन पक्का करने के लिए आरोपी ने व्हाट्सएप पर इंग्लैंड की एक कूरियर कंपनी की रसीद जैसी दिखने वाली एक फर्जी स्लिप भेजी। इसके तुरंत बाद उसने कूरियर चार्ज और कस्टम ड्यूटी चुकाने के नाम पर किश्तों में पैसे मांगने शुरू कर दिए। जब भी युवती हिचकिचाती, आरोपी भावुक बातें कर उस पर दबाव बना देता। इसी दबाव में आकर उसने अलग-अलग बैंक खातों में कुल मिलाकर लगभग 3 लाख रुपये भेज दिए। इसके लिए उसने अपनी जमा पूंजी खर्च की, दोस्तों और रिश्तेदारों से उधार लिया और अपनी कंपनी से सैलरी एडवांस तक ले लिया।
भोपाल के छात्रों तक पहुंचा पैसा, आगे की जांच जारी
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ठगी की रकम का एक हिस्सा भोपाल में पढ़ने वाले दो मेडिकल छात्रों के बैंक खातों में भी ट्रांसफर हुआ था। हालांकि पूछताछ में इन छात्रों की ठगी में कोई सीधी भूमिका सामने नहीं आई। फिलहाल पुलिस गिरोह से जुड़े बाकी लोगों को पकड़ने में जुटी है, ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।



















