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प्रशासनिक लापरवाही पर मोहन यादव का कड़ा रुख, बड़वानी में डिप्टी कलेक्टर समेत 7 कर्मचारी निलंबितमध्य प्रदेश
15 अग॰ 2026, 11:20 am (1 घंटे पहले)· 2

प्रशासनिक लापरवाही पर मोहन यादव का कड़ा रुख, बड़वानी में डिप्टी कलेक्टर समेत 7 कर्मचारी निलंबित

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बड़वानी में जन विश्वास अभियान के तहत सीएम हेल्पलाइन शिकायतों की समीक्षा करते हुए 7 अधिकारियों को निलंबित करने का निर्देश दिया और एक वरिष्ठ अधिकारी को नोटिस जारी किया।

मध्य प्रदेश में जन-समस्याओं के समाधान और प्रशासनिक कार्यशैली को दुरुस्त करने के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सख्त रुख अख्तियार किया है। बड़वानी जिला कलेक्टर कार्यालय में आयोजित मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत समाधान कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक सुस्ती और शिकायतों के निवारण में हो रही देरी पर मुख्यमंत्री ने गहरा असंतोष व्यक्त किया। सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज मामलों की गहन समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों से लंबित प्रकरणों पर जवाब मांगा। काम में लापरवाही और अनियमितता की पुष्टि होने पर मुख्यमंत्री ने तत्काल प्रभाव से एक डिप्टी कलेक्टर समेत 7 अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित करने का सख्त निर्देश जारी किया।

पीएम किसान सम्मान निधि में सुस्ती पर गिरी गाज

समीक्षा बैठक के दौरान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के क्रियान्वयन में सामने आई कमियों पर मुख्यमंत्री ने बेहद कड़ा संज्ञान लिया। योजना के तहत किसानों के पंजीकरण और वित्तीय सहायता के वितरण में अनावश्यक विलंब करने के आरोप में अधिकारियों पर कार्रवाई की गई। घटनाक्रम के समय तहसीलदार के पद पर कार्यरत रहीं और वर्तमान में धार जिले में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर आशा परमार को निलंबित करने का आदेश दिया गया। इसके साथ ही इस प्रक्रिया में लापरवाही बरतने के दोषी पाए गए दो पटवारियों मांगीलाल नरगावे और ललित बोरसे को भी सस्पेंड कर दिया गया है।

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प्रधानमंत्री आवास योजना और शहरी विकास में लापरवाही

नगरीय क्षेत्रों में जन कल्याणकारी योजनाओं के संचालन में ढिलाई बरतने वाले अफसरों को भी मुख्यमंत्री के तेवरों का सामना करना पड़ा। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के निष्पादन में ढिलाई और हितग्राहियों की शिकायतों को अनदेखा करने के कारण मुख्य नगरपालिका अधिकारी मायाराम सोलंकी और जगदीश धनगर को निलंबित करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त राजपुर में तैनात सहायक यंत्री राजू डावर को भी कार्य में शिथिलता के चलते सस्पेंड कर दिया गया। वहीं नगरीय प्रशासन की योजनाओं के समुचित पर्यवेक्षण में विफल रहने पर इंदौर में पदस्थ नगरीय प्रशासन के संयुक्त संचालक एस.के. सिन्हा को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।

संबल योजना में देरी पर पंचायत अधिकारी पर कार्रवाई

सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं में आम जनता को राहत पहुंचाने के बजाय देरी करने वाले अधिकारियों पर भी मुख्यमंत्री का डंडा चला है। संबल योजना के अंतर्गत दिए जाने वाले अंतिम संस्कार एवं अनुग्रह सहायता राशि के भुगतान में अकारण विलंब करने पर कड़ी कार्रवाई की गई। पानसेमल जनपद पंचायत के पूर्व मुख्य कार्यपालन अधिकारी और वर्तमान में मुरैना में जिला समन्वयक के रूप में कार्यरत सौरभ सिंह राठौर को सस्पेंड करने का आदेश दिया गया।

जवाबदेह शासन और जन-विश्वास अभियान का उद्देश्य

राज्य सरकार ने प्रदेश के नागरिकों की समस्याओं का उनके द्वार पर ही निराकरण करने के उद्देश्य से 7 अगस्त से जन-विश्वास अभियान का शुभारंभ किया था। इस अभियान के तहत बड़वानी पहुंचे मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सीधे आम जनता की अर्जियां सुनीं और मौके पर ही विभागीय अधिकारियों को तलब कर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए। एक साथ सात प्रशासनिक अधिकारियों पर हुई इस बड़ी कार्रवाई से समूचे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि आम जनता से जुड़ी योजनाओं और शिकायतों के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सवाल-जवाब

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बड़वानी में कितने अधिकारियों को निलंबित किया?
मुख्यमंत्री ने बड़वानी में जन-विश्वास अभियान की समीक्षा के दौरान लापरवाही बरतने पर 7 अधिकारी-कर्मचारियों को निलंबित करने का आदेश दिया।
किन योजनाओं में लापरवाही के कारण अधिकारियों पर कार्रवाई हुई?
पीएम किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) और संबल योजना में देरी तथा लापरवाही के कारण यह कार्रवाई की गई।
पीएम किसान सम्मान निधि मामले में किस डिप्टी कलेक्टर पर कार्रवाई हुई?
धार में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर आशा परमार को निलंबित किया गया, जो अनियमितताओं के समय बड़वानी में तहसीलदार थीं।
मध्य प्रदेश में जन-विश्वास अभियान कब शुरू किया गया था?
मध्य प्रदेश सरकार ने 7 अगस्त से राज्य भर में जन-विश्वास अभियान की शुरुआत की थी।
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