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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, स्कूल बंद और कई बस्तियों में भरा पानीमध्य प्रदेश
10 अग॰ 2026, 12:22 pm (80 दिन पहले)· 1

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, स्कूल बंद और कई बस्तियों में भरा पानी

भोपाल में लगातार बारह घंटों की बारिश के बाद निचले इलाकों में जलभराव हो गया है, जिससे कई घरों में पानी घुस गया है और प्रशासन ने एहतियातन सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है।

मध्य प्रदेश के सबसे प्रमुख शहरों में शुमार भोपाल में करीब बारह घंटे तक लगातार हुई भारी बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। लगातार बरस रहे पानी के कारण शहर के कई हिस्सों में जलभराव की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है, जिससे आम नागरिकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। हालात इतने विकट हो चुके हैं कि कई निचले इलाकों की सड़कों और गलियों में जलमाफिया जैसी स्थिति बन गई है और पानी रिहायशी इलाकों में भी दाखिल हो गया है। बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए जिला प्रशासन ने सभी शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश की घोषणा कर दी है।

निशातपुरा के कई इलाकों में बिगड़े हालात

निशातपुरा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शिव नगर और गीता नगर जैसे इलाकों में स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक बनी हुई है। इन बस्तियों में कई जगहों पर पानी का स्तर बढ़कर कमर तक पहुंच चुका है, जिसके कारण स्थानीय निवासियों का अपने घरों से बाहर निकलना भी दूभर हो गया है। प्रभावित लोगों का आरोप है कि केवल बारिश का पानी ही नहीं, बल्कि नालों का गंदा पानी भी उफनकर उनके घरों के भीतर घुस रहा है। इससे घरों में रखा जरूरी सामान, राशन और अन्य घरेलू उपयोग की वस्तुएं पूरी तरह से पानी की चपेट में आ गई हैं, जिससे लोगों को भारी आर्थिक और मानसिक क्षति का अंदेशा सता रहा है।

प्रशासन की कार्रवाई और स्कूल बंद

प्रभावी ढंग से जल निकासी न हो पाने के कारण निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को जलभराव के बीच से ही होकर अपनी दैनिक आवाजाही करनी पड़ रही है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से तुरंत मोटर पंप लगाने और युद्धस्तर पर जल निकासी के प्रबंध करने की पुरजोर मांग उठाई है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए भोपाल कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से कड़े कदम उठाते हुए जिले के भीतर संचालित होने वाले सभी शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त विद्यालयों में नर्सरी से लेकर बारहवीं कक्षा तक के छात्र-छात्राओं के लिए एक दिन का अवकाश घोषित कर दिया है। इन स्कूलों में एमपीबीएसई, सीबीएसई, आईसीएससी और अन्य सभी बोर्डों के संस्थान शामिल हैं।

मौसम विभाग की पहले ही दी गई थी चेतावनी

बारिश के इस भारी दौर से ठीक पहले मौसम विज्ञान केंद्र की तरफ से चेतावनी जारी करते हुए एक विशेष अलर्ट साझा किया गया था। इस पूर्वानुमान के अनुसार, मध्य प्रदेश के कुल ग्यारह जिलों में तीव्र बौछारें पड़ने की पूरी संभावना जताई गई थी। इन चिन्हित जिलों में राजधानी भोपाल के साथ-साथ रायसेन, राजगढ़, शाजापुर, आगर, सीहोर, देवास, इंदौर, उज्जैन, मंदसौर और रतलाम जैसे इलाके प्रमुख रूप से शामिल थे। विभाग ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि लगातार बरस रहे पानी के कारण निचले भूभागों में जलजमाव का संकट पैदा हो सकता है और जलस्रोतों का जलस्तर तेजी से ऊपर उठ सकता है।

सुरक्षा के लिहाज से जारी किए गए निर्देश

मौसम विभाग ने अपनी चेतावनी में यह भी अंदेशा जताया था कि इस भारी बारिश से कच्चे और कमजोर मकानों की संरचनाओं को गंभीर क्षति पहुंच सकती है, साथ ही कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अनावश्यक यात्रा करने से बचें ताकि अप्रिय घटनाओं से सुरक्षित रहा जा सके। नागरिकों को खासतौर पर नदी, नालों और पुल-पुलियों के आसपास जाने से सख्ती से मना किया गया है। आकाशीय बिजली चमकने के दौरान खुले आसमान के नीचे खड़े रहने से बचने, कम दृश्यता वाली सड़कों पर वाहन चलाते समय अत्यधिक सावधानी बरतने और फिसलन भरे रास्तों पर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

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सवाल-जवाब

भोपाल में लगातार कितने घंटे बारिश हुई?
राजधानी भोपाल में लगातार करीब 12 घंटे तक भारी बारिश दर्ज की गई।
किन इलाकों में सबसे ज्यादा जलभराव हुआ है?
भोपाल के निशातपुरा इलाके के शिव नगर और गीता नगर में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं जहां कमर तक पानी भर गया है।
स्कूलों की छुट्टी का आदेश किसने और किसके लिए दिया है?
भोपाल कलेक्टर ने जिले के सभी शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त स्कूलों में नर्सरी से 12वीं तक के छात्रों के लिए छुट्टी घोषित की है।
मध्य प्रदेश के कितने जिलों में बारिश का अनुमान जताया गया था?
मौसम विभाग के अलर्ट के मुताबिक भोपाल सहित कुल 11 जिलों में तेज बारिश की संभावना जताई गई थी।
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