मध्य प्रदेश में मानसून की गतिविधियों में एक बार फिर तेजी आ गई है, जिसके चलते राज्य के विभिन्न इलाकों में झमाझम पानी बरस रहा है। भारत के मौसम विज्ञान विभाग ने 10 अगस्त यानी सोमवार को राज्य के 11 प्रमुख जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, आने वाले चौबीस घंटों में प्रदेश के तमाम हिस्सों में तेज गरज और चमक के साथ बारिश हो सकती है, साथ ही तीस से चालीस किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं। खराब मौसम को देखते हुए नागरिकों को केवल जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकलने की हिदायत दी गई है। इस मौसमी बदलाव के पीछे एक मजबूत मानसूनी सिस्टम और कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय होना मुख्य वजह बताई जा रही है।
इन ग्यारह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, सूबे की राजधानी भोपाल के अलावा रायसेन, राजगढ़, शाजापुर, आगर, सीहोर, देवास, इंदौर, उज्जैन, मंदसौर और रतलाम में मौसम के तेवर कड़े रहने वाले हैं। इन सभी ग्यारह जिलों में बारिश का दौर तेज रहने की संभावना है, जहां कुछ स्थानों पर भारी तो कुछ जगहों पर बेहद भारी बरसात हो सकती है। इन तमाम क्षेत्रों के लिए मौसम विभाग ने गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है ताकि स्थानीय लोग और प्रशासन पहले से सतर्क रह सकें।
डिंडौरी और भोपाल में शिक्षण संस्थानों में अवकाश
डिंडौरी जिले में लगातार बरस रहे पानी और विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए स्थानीय प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने 10 अगस्त 2026 यानी सोमवार को जिले के सभी स्कूलों में एक दिन का अवकाश रखने के आदेश जारी किए हैं। इसके अलावा छोटे बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर तमाम आंगनवाड़ी केंद्रों को भी उस दिन बंद रखने का निर्णय लिया गया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
श्यामपुर में जलभराव और जनजीवन प्रभावित
सीहोर जिले में मानसून इस बार काफी भारी पड़ता नजर आ रहा है। जिले की श्यामपुर तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में पिछली रात हुई मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। भारी जल जमाव की वजह से दर्जनों दुकानों और मकानों के अंदर कई फीट तक पानी भर गया, जिसके कारण स्थानीय निवासियों और व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। पूरी रात हुई इस तेज बरसात की वजह से इलाके की छोटी नदियां और बरसाती नाले उफान पर आ गए हैं। पानी का स्तर बढ़ने से कई मुख्य मार्ग पानी में डूब गए हैं और यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। श्यामपुर के अलावा अहमदपुर, डोरा और चारनाल जैसे प्रमुख ग्रामीण क्षेत्रों का जिला तथा तहसील मुख्यालय से सड़क संपर्क पूरी तरह कट गया है।
इन इलाकों में मध्यम बारिश का येलो अलर्ट
एक तरफ जहां कुछ जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है, वहीं दूसरी तरफ मौसम विभाग ने कई अन्य इलाकों में मध्यम बारिश की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट भी जारी किया है। शिवपुरी, निवाड़ी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, नीमच, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और सागर में सुबह के वक्त हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने की उम्मीद जताई गई है।
संभावित असर और एहतियाती निर्देश
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भरने की बड़ी समस्या उत्पन्न हो सकती है। इसके साथ ही नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ने का खतरा भी बना हुआ है, और कच्चे तथा कमजोर मकानों की दीवारों या छतों को नुकसान पहुंच सकता है। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं होने की भी आशंका जताई गई है। इन तमाम खतरों को ध्यान में रखते हुए मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अनावश्यक यात्रा करने से बचें। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे नदी, नालों और पुलों के आसपास जाने से पूरी तरह परहेज करें। आकाशीय बिजली कड़कने के दौरान खुले आसमान के नीचे बिल्कुल न रुकें, और कम दृश्यता तथा फिसलन भरे रास्तों पर वाहन चलाते समय अत्यधिक सावधानी बरतें।



















