हरियाणा के गुरुग्राम जिले स्थित फर्रुखनगर क्षेत्र में 22 साल के युवा सागर की दर्दनाक हत्या के मामले में पुलिस विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। वारदात से पहले दर्ज कराई गई शिकायत पर उचित कदम न उठाने और लापरवाही बरतने के गंभीर आरोपों के चलते दो पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। इसके साथ ही दोनों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, जिन जवानों पर यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है, उनमें हेड कांस्टेबल अशोक और कांस्टेबल विनोद शामिल हैं। पीड़ित परिवार का स्पष्ट कहना है कि यदि पुलिस समय रहते सतर्कता दिखाती, तो इस पूरे विवाद को बढ़ने से रोका जा सकता था और सागर की जान बच सकती थी।
पुराने विवाद के बाद घर में घुसकर बोला गया हमला
इस खौफनाक घटना की शुरुआत अगस्त महीने के पहले सप्ताह में हुई थी। पुलिस रिकॉर्ड और परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक, सागर के पिता मुन्नीलाल ने 3 अगस्त को स्थानीय पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत में गुरुग्राम के करौला गांव के निवासी सचेत उर्फ मुन्ना के साथ हुए कथित विवाद का जिक्र किया गया था। परिजनों का आरोप है कि इस शिकायत के बावजूद पुलिस ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
इसके बाद 6 अगस्त को सागर, जो कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में नौकरी करता था, अपने गांव स्थित घर लौटा। वह स्थानीय बस स्टैंड पर उतरा, जहां से उसका भाई और अन्य रिश्तेदार उसे साथ लेकर पैदल घर आ रहे थे। वे सभी घर पहुंचे ही थे कि सचेत के नेतृत्व में हथियारों से लैस बदमाशों के एक समूह ने उनके मकान में जबरन घुसपैठ की। हमलावरों ने परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट और गाली-गलौज शुरू कर दी। इसी हाथापाई के दौरान एक आरोपी ने जान से मारने की नीयत से सीधे गोली चला दी, जो सीधे सागर को जा लगी।
अस्पताल में डॉक्टरों ने घोषित किया मृत, पुलिस पर उठे सवाल
गोली लगने से लहूलुहान हुए सागर को आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद फर्रुखनगर थाने में हत्या और अन्य संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। सागर के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और उनका कहना है कि 3 अगस्त की शिकायत पर यदि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की होती, तो बदमाशों के हौसले इतने बुलंद न होते और यह जानलेवा हमला टाला जा सकता था। इसी जनआक्रोश और शुरुआती जांच में पाई गई ढिलाई के आधार पर हेड कांस्टेबल अशोक और कांस्टेबल विनोद को निलंबित किया गया है।
क्राइम ब्रांच का बड़ा एक्शन, रोहतक से दबोचे गए 9 आरोपी
हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए मामले की तफ्तीश क्राइम ब्रांच को सौंपी गई थी। क्राइम ब्रांच की विशेष टीम ने तत्परता दिखाते हुए छापेमारी की और रोहतक जिले के आजादगढ़ इलाके से कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। पकड़े गए आरोपियों में हरियाणा के विभिन्न जिलों के निवासी शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए लोगों में झज्जर जिले के रहने वाले ओम, विनय कुमार और साहिल शामिल हैं। वहीं सोनीपत जिले से छह आरोपियों को पकड़ा गया है, जिनमें गौतम, अश्विनी, मंदीप उर्फ डिप्पी, अनुष उर्फ चिनू तथा सुनील उर्फ अभिषेक उर्फ खोटा के नाम शामिल हैं। इसके अलावा मुख्य आरोपी सचेत उर्फ मुन्ना, जो गुरुग्राम जिले का निवासी है, उसे भी रोहतक से गिरफ्तार कर लिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने दो पुलिसकर्मियों के निलंबन और 9 गिरफ्तारियों की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच तेजी से जारी है।



















