मध्य प्रदेश के भिंड जिले में गोहद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले खितौली गांव में रविवार को पारिवारिक जमीन विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। खेत की जुताई के दौरान हुई कहासुनी के बाद गांव के पूर्व सरपंच शब्बीर खान की गोली मारकर हत्या कर दी गई। ताबड़तोड़ हुई फायरिंग में शब्बीर खान को दो गोलियां लगीं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल ले जाने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया है और पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।
खेत पर हुआ विवाद और अंधाधुंध फायरिंग
प्राप्त जानकारी के अनुसार, खितौली गांव निवासी पूर्व सरपंच शब्बीर खान का अपनी बहन के देवर और भांजे के साथ जमीन पर कब्जे और खेती को लेकर विवाद चला आ रहा था। रविवार को शब्बीर खान अपने खेत में ट्रैक्टर से जुताई कर रहे थे। उसी दौरान उनके रिश्तेदार कुछ अन्य लोगों के साथ वहां पहुंच गए और खेत जोतने का विरोध करने लगे। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच कहासुनी काफी बढ़ गई।
आरोप है कि रिश्तेदारों ने अपने साथियों के साथ मिलकर शब्बीर खान को खेत में ही चारों तरफ से घेर लिया। इसके बाद आरोपियों ने उन पर गोलियां चला दीं। शब्बीर खान को दो गोलियां लगीं और वह वहीं जमीन पर गिर पड़े। गोली चलने की गूंज सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे किसान तुरंत मौके की ओर दौड़े। लोगों को आते देख आरोपी मौके से फरार हो गए। स्थानीय किसानों ने तुरंत इस वारदात की जानकारी गोहद थाना पुलिस को दी।
अस्पताल में बढ़ा तनाव और पुलिस बल तैनात
सूचना मिलते ही गोहद पुलिस की टीम तत्काल खितौली गांव में घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने लहूलुहान हालत में पड़े पूर्व सरपंच शब्बीर खान को तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोहद पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद शब्बीर खान को मृत घोषित कर दिया। पूर्व सरपंच की मौत की खबर सामने आते ही अस्पताल परिसर के बाहर सैकड़ों ग्रामीणों और परिजनों की भारी भीड़ जुट गई।
अस्पताल के बाहर लोगों के आक्रोश और अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा बल तैनात कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने भीड़ को शांत कराया और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।
6 आरोपियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज, दबिश जारी
मृतक शब्बीर खान के परिजनों की शिकायत के आधार पर गोहद पुलिस ने 6 आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। नामजद आरोपियों में मृतक के रिश्ते में जीजा, भांजा और अन्य सहयोगी शामिल हैं। एसडीओपी रविंद्र वास्कले के मार्गदर्शन में पुलिस की कई टीमें फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
शुरुआती जांच में स्पष्ट हुआ है कि खेत पर कब्जे और जुताई को लेकर चला आ रहा पुराना पारिवारिक विवाद ही इस वारदात का मुख्य कारण बना। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और चश्मदीदों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जल्द ही सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।



















