हरियाणा के गुरुग्राम में गोल्फ कोर्स रोड पर एक महिला बाइक राइडर को टक्कर मारने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी कल्याण बैंसला को राजस्थान के दौसा से गिरफ्तार कर लिया है। फरार होने के दौरान उसकी मदद करने वाले उसके एक रिश्तेदार लवनीश गुर्जर को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। पुलिस दोनों आरोपियों को राजस्थान से वापस लाकर पूछताछ कर रही है। दोनों ही आरोपी पलवल के रहने वाले बताए जा रहे हैं। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए जांच को तेज कर दिया है और कानूनी शिकंजा कसने के लिए कोर्ट से दोनों की दो दिन की पुलिस रिमांड की मांग करने की तैयारी की है।
फरार आरोपी को पुलिस ने कैसे दबोचा?
घटना के बाद आरोपी कल्याण बैंसला मौके पर रुकने के बजाय तुरंत अपनी गाड़ी लेकर वहां से भाग निकला। उसने अपनी कार को सोहना रोड के पास एक सुनसान जगह पर छोड़ दिया और पहचान छुपाने की कोशिश की। इसके बाद उसने अपने मोबाइल फोन को भी बंद कर दिया ताकि पुलिस उसकी लोकेशन ट्रैक न कर सके। सोहना रोड पर कार छोड़ने के बाद वह अपने साथी और रिश्तेदार लवनीश गुर्जर के साथ दूसरी गाड़ी में सवार होकर राजस्थान की ओर भाग गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने खुद इस पर संज्ञान लिया और आरोपियों की धरपकड़ के लिए कई विशेष टीमों का गठन किया।
जांच के दौरान पुलिस टीम ने गुरुग्राम से लेकर राजस्थान की सीमा तक जाने वाले रास्तों पर लगे एक दर्जन से अधिक सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाले। इन फुटेज के गहन विश्लेषण और जमीनी स्तर से मिले सुरागों की मदद से पुलिस को पता चला कि आरोपी राजस्थान के दौसा में छिपा हुआ है। सूचना की पुष्टि होते ही पुलिस की एक टीम तुरंत दौसा पहुंची और घेराबंदी करके कल्याण बैंसला और लवनीश को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को अब गुरुग्राम लाया जा रहा है जहां उनसे वारदात और भागने की साजिश के बारे में विस्तार से पूछताछ की जाएगी।
पीड़ित महिला बाइकर सिया की आपबीती
इस खौफनाक हादसे का शिकार हुईं महिला बाइक राइडर सिया ने अपना बयान जारी करते हुए दिल्ली और गुरुग्राम की सड़कों पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। सिया ने बताया कि उस दिन की घटना के बाद उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि वह इस इलाके की सड़कों पर बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं हैं। सिया ने पूरी घटना को विस्तार से बताते हुए कहा कि जब वह अंडरपास पर थीं, तब वह गाड़ी उनकी साइड से बेहद तेज रफ्तार में गुजरी। इसके बाद गाड़ी की रफ्तार थोड़ी धीमी हुई और वह हल्का सा पीछे की तरफ आई, लेकिन शुरुआत में उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया।
सिया ने आगे बताया कि कार सवार युवक ने अपनी गाड़ी का शीशा नीचे किया और उनकी तरफ थम्ब्स अप का इशारा किया। जब गाड़ी उनकी बाइक के ज्यादा करीब आने लगी, तो उन्होंने घबराकर उससे दूर रहने के लिए कहा। कार के सभी शीशे पूरी तरह से काले किए गए थे। सिया ने बताया कि उन्हें डर लग रहा था कि कार चालक उनकी बाइक को आगे से आकर टक्कर न मार दे, इसलिए उन्होंने अपनी बाइक की रफ्तार बढ़ाकर आगे निकलने की कोशिश की। सिया का आरोप है कि यह केवल एक साधारण सड़क हादसा नहीं बल्कि सीधे तौर पर हत्या के प्रयास और हिट एंड रन का मामला है, जो पुरुष अहंकार (Male Ego) की वजह से हुआ। उन्होंने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि आरोपी को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई ऐसी हरकत करने की हिम्मत न करे।
मुकदमे में जुड़ी हत्या के प्रयास की धारा
सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद गुरुग्राम पुलिस ने स्वतः संज्ञान लिया था। पुलिस ने थाना सेक्टर-56 में दर्ज इस मामले की जांच के दौरान सड़कों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज का बहुत बारीकी से अध्ययन किया। वीडियो और फुटेज के मजबूत साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ दर्ज मामले में भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 109 (हत्या का प्रयास) जोड़ दी है। इस गंभीर कानूनी धारा के तहत दोषी पाए जाने पर अधिकतम 10 साल तक की कैद की सजा का कानूनी प्रावधान है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए पुलिस प्रतिबद्ध है।
गुरुग्राम पुलिस के तीन अधिकारियों की एक टीम पीड़ित महिला सिया के बयान को दर्ज करने के लिए उनके घर भी पहुंची। बयान दर्ज करने की प्रक्रिया के दौरान घर के अंदर मौजूद मीडियाकर्मियों को पुलिस ने बाहर भेज दिया ताकि पीड़ित का बयान बिना किसी व्यवधान के शांतिपूर्वक दर्ज किया जा सके। इस बीच, पुलिस की इस पूरी कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी के संबंध में डीसीपी (DCP) ईस्ट दोपहर ढाई बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विस्तृत जानकारी साझा करेंगे।
राजनीतिक और बचाव पक्ष की प्रतिक्रियाएं
इस मामले पर उत्तर प्रदेश महिला आयोग की चेयरपर्सन बबिता सिंह चौहान ने भी अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है और आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की वकालत की है। बबिता सिंह चौहान ने कहा कि पीड़ित परिवार द्वारा लगाए जा रहे आरोपों में निश्चित तौर पर सच्चाई दिखाई देती है। वायरल वीडियो को देखकर ऐसा स्पष्ट तौर पर लगता है कि युवक ने जानबूझकर महिला बाइक राइडर को निशाना बनाया और रोकने के इशारे के बावजूद उसकी बाइक में टक्कर मार दी। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी (CCTV) फुटेज के जरिए पूरी स्थिति साफ हो जाएगी कि कौन किसका पीछा कर रहा था और टक्कर कैसे हुई।
दूसरी तरफ, हरियाणा सरकार में राज्य मंत्री और पलवल के विधायक गौरव गौतम ने इस मामले पर बात करते हुए कहा कि कानून पूरी निष्पक्षता से अपना काम कर रहा है। उन्होंने साफ किया कि दोषी चाहे उनके परिवार का ही क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा और कानून के दायरे में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कुछ लोग इस मामले को लेकर उनसे मिलने भी आए थे, लेकिन उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि जो भी गुनहगार होगा, उसे कानून का सामना करना पड़ेगा।
वहीं, आरोपी कल्याण बैंसला के वकील नवीन बैंसला ने अपने क्लाइंट का बचाव करते हुए एक अलग पक्ष पेश किया है। वकील का कहना है कि सोशल मीडिया पर जो वीडियो प्रसारित किया जा रहा है, वह पूरी तरह से एडिटेड है और उनके क्लाइंट की इसमें कोई गलती नहीं है। उनके अनुसार, दोनों ही गाड़ियां काफी तेज गति में थीं और अचानक आपस में टकरा गईं। टक्कर होने के बाद कल्याण घबरा गया था और इसी घबराहट की वजह से वह मौके से भाग खड़ा हुआ। वकील ने कहा कि इस पूरे मामले में उनका क्लाइंट वाकई दोषी है या नहीं, यह गहन जांच के बाद ही साबित होगा और पुलिस फिलहाल मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है।



















