मध्य प्रदेश के सागर जिले में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां अवैध हथियारों की तलाश में गई पुलिस टीम के हाथ नोटों का बड़ा खजाना लग गया। एक स्थानीय मकान की तलाशी के दौरान पुलिस को बंदूकों या कारतूसों की जगह नोटों से भरे कई बड़े बैग मिले, जिनमें करीब 3 करोड़ रुपए की भारी-भरकम नकदी रखी हुई थी। यह पूरी बरामदगी एक ऑटो चालक के परिवार से जुड़े घर से हुई है। हथियारों की सामान्य जांच के दौरान हुई इतनी बड़ी वित्तीय बरामदगी को देखकर पुलिस अधिकारी और आसपास के इलाके के लोग पूरी तरह हैरान रह गए।
सोशल मीडिया फोटो से मिला सुराग और पड़ा छापा
यह पूरी कार्रवाई रविवार सुबह गोपालगंज थाना पुलिस की एक विशेष टीम द्वारा अंजाम दी गई। पुलिस अधिकारियों को सूचना मिली थी कि सोशल मीडिया पर एक युवक की हथियार के साथ फोटो वायरल हो रही है, जिसमें वह खुलेआम बंदूक का प्रदर्शन करता नजर आ रहा है। इसी सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सौरभ अहिरवार के मकान पर दबिश दी, जिनके पिता का नाम राजेश अहिरवार है। पुलिस का प्राथमिक उद्देश्य घर के भीतर छिपाकर रखे गए उस अवैध असलहे को जब्त करना था, जिसे इंटरनेट पर पोस्ट किया गया था। हालांकि, जब पुलिसकर्मियों ने मकान के कमरों की गहन तलाशी शुरू की, तो वहां कोई हथियार मिलने के बजाय नोटों से ठसाठस भरे कई बैग बरामद हुए।
मशीन से 5 घंटे तक चली नोटों की गिनती
मकान में नोटों के बंडल इतनी बड़ी संख्या में मौजूद थे कि पुलिस कर्मचारियों के लिए उन्हें हाथों से गिन पाना पूरी तरह असंभव था। स्थिति को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने मौके पर ही तुरंत नोट गिनने वाली इलेक्ट्रॉनिक मशीनें मंगवाईं। इसके साथ ही पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता और आधिकारिक रिकॉर्ड बनाए रखने के लिए राजस्व विभाग की टीम को भी तुरंत मौके पर बुलाया गया। पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम को इस पूरी रकम को गिनने में लगभग 5 घंटे का लंबा समय लग गया। गिनती पूरी होने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने खुलासा किया कि बरामद की गई कुल रकम लगभग 3 करोड़ रुपए है। इतने बड़े पैमाने पर अघोषित नकदी मिलने के बाद आयकर विभाग को भी इस मामले की औपचारिक जानकारी दे दी गई है।
भोपाल के सरकारी इंजीनियर से जुड़े तार और पूछताछ जारी
भारी मात्रा में नकदी मिलने के तुरंत बाद पुलिस अधिकारियों ने घर में मौजूद सदस्यों से नकदी के स्रोत को लेकर विस्तार से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान परिजनों ने दावा किया कि यह पैसा उनका नहीं है, बल्कि भोपाल में तैनात उनके एक रिश्तेदार का है, जो सरकारी विभाग में इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। पुलिस अब इस दावे की प्रामाणिकता की गहराई से जांच कर रही है। इस मामले में पुलिस सौरभ अहिरवार और अंकित अहिरवार को हिरासत में लेकर लगातार पूछताछ कर रही है। जांच अधिकारी नकदी से जुड़े कागजात, बैंक खातों के विवरण और पैसों के वास्तविक स्रोत की कड़ियों को जोड़ रहे हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इतनी बड़ी रकम किसी रिहाइशी मकान में क्यों रखी गई थी। इस घटना की खबर पूरे क्षेत्र में फैलते ही स्थानीय लोग भी स्तब्ध हैं।






















