मध्य प्रदेश को कृषि क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर नीतियां और योजनाएं लागू करने का फैसला किया है। ग्वालियर में आयोजित बलराम जयंती महोत्सव और सहकारिता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के किसानों, युवाओं और पशुपालकों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आने वाले ढाई वर्षों में राज्य का सिंचाई दायरा 60 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाया जाएगा, जिससे मध्य प्रदेश कृषि उत्पादन के मामले में पंजाब को भी पीछे छोड़ देगा। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने किसानों पर पुष्प वर्षा की और ऑनलाइन किसान क्रेडिट कार्ड पोर्टल, कृषक कवच योजना, 200 नई पंजीकृत पैक्स समितियों के कार्यालयों तथा अपेक्स बैंक की संभागीय शाखा का औपचारिक शुभारंभ किया।
सिंचाई क्षेत्र का विस्तार और बिजली उत्पादन में ऐतिहासिक वृद्धि
ग्वालियर के भव्य कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य में कृषि आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में उठाए गए कदमों का ब्योरा दिया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में सिंचाई क्षमता को 60 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही राज्य सरकार ने किसानों को दिन के समय भी सिंचाई के लिए निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है, ताकि उन्हें रात में खेतों में काम करने की असुविधा से राहत मिल सके। मुख्यमंत्री ने बिजली उत्पादन के आंकड़ों को प्रस्तुत करते हुए बताया कि स्वतंत्रता के बाद के 55 वर्षों में राज्य की कुल विद्युत उत्पादन क्षमता केवल 5 हजार मेगावॉट थी, जो पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल के अंत तक 25 हजार मेगावॉट तक पहुंची थी। वहीं वर्तमान सरकार के मात्र ढाई वर्षों के कार्यकाल में ही बिजली उत्पादन में 6 हजार मेगावॉट की रिकॉर्ड बढ़ोतरी की गई है, जिससे अब राज्य की कुल उत्पादन क्षमता बढ़कर 31 हजार मेगावॉट हो चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने से राज्य के कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों को सीधे तौर पर नया संबल मिला है। मध्य प्रदेश अब ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शुमार हो चुका है। खेतों में 24 घंटे बिजली देने के साथ-साथ दिन में विशेष सिंचाई फीडर के माध्यम से बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने किसानों से अपनी जमीन न बेचने का आग्रह करते हुए कहा कि राज्य की कृषि प्रणाली इतनी समृद्ध होने जा रही है कि आने वाले समय में मध्य प्रदेश की पहचान देश के सबसे बड़े अन्नदाता राज्य के रूप में होगी।
ऋण अदायगी में बड़ी राहत और सहकारिता नेटवर्क का सुदृढ़ीकरण
सहकारिता क्षेत्र को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए कर्ज चुकाने की प्रक्रिया को बेहद सरल बनाने की घोषणा की। पुरानी व्यवस्था के तहत किसानों को हर छह महीने में अपना बैंक खाता पलटना यानी पूरा कर्ज चुकाकर नया कर्ज लेना पड़ता था, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। राज्य सरकार ने इस बाध्यता को समाप्त कर दिया है। अब किसान वर्ष में अपनी सुविधानुसार किसी भी समय कर्ज की राशि जमा कर सकते हैं। इसके अलावा सहकारिता विभाग के माध्यम से राज्य के किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण प्रदान किया जा रहा है।
संस्थानगत बैंकिंग ढांचे को मजबूत करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्वालियर में अपेक्स बैंक की नई संभागीय शाखा का उद्घाटन किया। इसके साथ ही प्रदेश की 200 नवीन पंजीकृत प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) के कार्यालयों का भी शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि सहकारिता क्षेत्र के 16 बैंकों को वित्तीय संकट और डिफॉल्टर होने की स्थिति से उबारने के लिए राज्य सरकार ने पर्याप्त वित्तीय सहायता प्रदान की है। ऑनलाइन किसान क्रेडिट कार्ड पोर्टल की शुरुआत से अब राज्य के किसान घर बैठे आसानी से क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन कर सकेंगे, जिससे पूरी बैंकिंग प्रक्रिया पारदर्शी और त्वरित हो जाएगी।
उद्यानिकी, गोपालन और सहायक कृषि गतिविधियों को प्रोत्साहन
किसानों की आय बढ़ाने और केवल पारंपरिक खाद्यान्न फसलों पर निर्भरता कम करने के लिए राज्य सरकार उद्यानिकी, पशुपालन और अन्य सहायक कृषि गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण और फलदार वृक्षों के रोपण को प्रोत्साहित करने के लिए 'एक बगिया मां के नाम' योजना शुरू की गई है। इसके तहत किसान अपने खेतों और खाली जमीनों पर फलदार पौधे लगाकर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं।
राज्य में दुग्ध उत्पादन को 20 प्रतिशत तक बढ़ाने के लक्ष्य के साथ नई गोपालन योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत पशुपालकों को वित्तीय सहायता देने का बड़ा प्रावधान किया गया है। 40 लाख रुपये तक का लोन लेने वाले पशुपालकों को राज्य सरकार की ओर से 10 लाख रुपये का सीधा अनुदान दिया जा रहा है। इसके साथ ही किसानों को मत्स्य पालन, कुक्कुट पालन और बकरी पालन जैसी विविध योजनाओं से जोड़ा जा रहा है, ताकि किसी एक फसल के नुकसान की स्थिति में भी किसान की आजीविका सुरक्षित रहे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो सके।
मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, शिक्षा सुधार और रोजगार का नया मॉडल
युवा कल्याण को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार मेधावी विद्यार्थियों को हर संभव प्रोत्साहन दे रही है। माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षाओं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को सरकार की ओर से मुफ्त लैपटॉप वितरित किए गए हैं। शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, गणवेश (ड्रेस) और साइकिलें प्रदान की जा रही हैं। राज्यभर में महर्षि सांदीपनि के नाम पर भव्य और आधुनिक सांदीपनि विद्यालयों का निर्माण किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं का आह्वान किया कि वे उच्च शिक्षा प्राप्त कर डॉक्टर, इंजीनियर और वैज्ञानिक बनें, लेकिन अपनी माटी और खेती से अपना जुड़ाव कभी न तोड़ें। कृषि भारतीय संस्कृति की एक गौरवशाली धरोहर है और इसे आधुनिक तकनीक से जोड़कर लाभकारी व्यवसाय बनाया जा रहा है। राज्य सरकार युवाओं को केवल नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि उद्योग स्थापित कर दूसरों को रोजगार देने वाला उद्यमी बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इसके लिए कौशल विकास और औद्योगिक प्रोत्साहन की कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
सड़क सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और बुनियादी ढांचे का व्यापक विकास
राज्य के बुनियादी ढांचे के विकास का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश में चारों ओर एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय राजमार्ग और ग्रीनफील्ड सड़कों का तेजी से निर्माण किया जा रहा है। विमानन (एविएशन) और रेल कनेक्टिविटी में भी अभूतपूर्व सुधार हुआ है। राज्य में गरीब और जरूरतमंद मरीजों को आपातकालीन स्थिति में अस्पतालों तक पहुंचाने के लिए मुफ्त एयर एम्बुलेंस सेवा संचालित की जा रही है।
सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की जान बचाने के लिए राज्य सरकार ने 'राहवीर योजना' की शुरुआत की है। इस योजना के तहत दुर्घटना में घायल व्यक्ति को तत्काल निकटतम अस्पताल पहुंचाने वाले मददगार नागरिक को सरकार की ओर से 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के लिए हर नागरिक का जीवन अमूल्य है। इसके साथ ही राज्य में 1 लाख 14 हजार करोड़ रुपये की विशाल लागत से रेलवे के विभिन्न विकास कार्य और लाइन दोहरीकरण व आधुनिकीकरण के प्रोजेक्ट तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। देश में सबसे पहले मध्य प्रदेश की पावन धरा पर केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना की ऐतिहासिक शुरुआत भी की गई है।
आर्थिक प्रगति, समान नागरिक संहिता और प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देश की आर्थिक स्थिति और राष्ट्रीय विषयों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत की आर्थिक विकास दर वर्तमान में 7.8 प्रतिशत की गति से आगे बढ़ रही है, जो अमेरिका और जापान जैसी विश्व की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में काफी अधिक है। राज्य सरकार ने मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए इसे पारित कराया है और आगे भी इसी संकल्प के साथ कार्य किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का बेदाग चरित्र और दृढ संकल्प देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है। अनेक वैश्विक और आंतरिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने देश में आशा और विश्वास का वातावरण निर्मित किया है, जिससे वैश्विक मंच पर भारत की साख और सम्मान में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है।
केंद्रीय मंत्री सिंधिया, तोमर और सारंग के महत्वपूर्ण विचार
बलराम जयंती समारोह में केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और सहकारिता आंदोलन से देश भर के किसानों को सीधा लाभ पहुंच रहा है। ग्वालियर-चंबल अंचल की जल संरचनाओं, बांधों और जलाशयों ने क्षेत्र की खेती को समृद्ध बनाया है। श्योपुर क्षेत्र को नैरोगेज रेल लाइन से जोड़ा गया था ताकि स्थानीय किसान आसानी से ग्वालियर की मंडियों में अपना अनाज बेच सकें। इस रेल लाइन को अब ग्वालियर से राजस्थान के कोटा तक विस्तार दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अक्षय ऊर्जा का उपयोग किसानों की समृद्धि का मुख्य आधार बनेगा।
कार्यक्रम में मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि ग्वालियर में बीते लगभग 20 वर्षों से भगवान बलराम जयंती का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर अब इस उत्सव को राज्य के सभी जिलों में आधिकारिक रूप से मनाने की शुरुआत हुई है। उन्होंने कहा कि जब देश का किसान समृद्ध होगा, तभी राष्ट्र समृद्ध बनेगा।
युवा कल्याण एवं सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि राज्य सरकार ने कृषक कल्याण वर्ष मनाने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में किसानों की आय दोगुनी करने के प्रयास जारी हैं। सहकारिता विभाग के माध्यम से शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण देने के साथ-साथ किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य दिलाने और खेती को पूरी तरह से लाभ का जरिया बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।




















