देश भर में नशे के बढ़ते कारोबार और युवा पीढ़ी पर इसके खतरनाक असर को लेकर दो बड़े घटनाक्रम सामने आए हैं। हैदराबाद में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने युवाओं को नशीले पदार्थों से दूर रहने की नसीहत देते हुए पुनर्वास और कानूनी सहायता की पेशकश की है। वहीं दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल के साउथ दिनाजपुर में सीमापार तस्करी कर लाए गए 20 करोड़ रुपये मूल्य के अवैध कफ सिरप को रोड रोलर से पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। दोनों ही मामले यह दर्शाते हैं कि समाज और प्रशासन स्तर पर नशे के खिलाफ कार्रवाई किस तरह तेजी से आगे बढ़ रही है।
हैदराबाद में असदुद्दीन ओवैसी का नशामुक्ति संकल्प
हैदराबाद में आयोजित एक बड़े जनसे को संबोधित करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने बाजार में आ रहे नए और बेहद घातक सिंथेटिक ड्रग्स के प्रति चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी जिस तेजी से नशे के जाल में फंस रही है, वह पूरे देश के भविष्य के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुका है। युवाओं को जागरूक करते हुए उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति इस लत को छोड़ना चाहता है, उसके इलाज का पूरा प्रबंध कराया जाएगा और उसकी पहचान को पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा ताकि समाज में उसे किसी तरह की शर्मिंदगी का सामना न करना पड़े।
इसके साथ ही ओवैसी ने उन युवाओं को भी एक अवसर देने की घोषणा की जो अनजाने में या परिस्थितियों के दबाव में ड्रग्स रैकेट का हिस्सा बन गए थे। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे युवा गलत रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में वापस लौटना चाहते हैं, तो उन्हें अदालत में लंबित पुराने मुकदमों से राहत दिलाने के लिए मुफ्त कानूनी सहायता दी जाएगी। अपने संबोधन के दौरान ओवैसी ने अपना निजी उदाहरण भी साझा किया। उन्होंने स्वीकार किया कि अतीत में उनमें भी कुछ खराब आदतें थीं, लेकिन मजबूत इच्छाशक्ति के बल पर उन्होंने उन सभी आदतों को हमेशा के लिए त्याग दिया। आज वह हर प्रकार के व्यसन से पूरी तरह मुक्त हैं।
दक्षिण दिनाजपुर में 20 करोड़ रुपये के अवैध सिरप पर चला रोड रोलर
दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल में नशीले पदार्थों की अवैध खरीद-फरोख्त के खिलाफ राज्य सरकार का व्यापक अभियान जारी है। साउथ दिनाजपुर जिले के बालुरघाट स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर में बुधवार को एक अभूतपूर्व कार्रवाई देखने को मिली। वहां सीमा सुरक्षा बल (BSF) और स्थानीय पुलिस के संयुक्त अभियानों के दौरान जब्त की गई 2 लाख नशीली कफ सिरप की बोतलों को सार्वजनिक रूप से नष्ट किया गया। जब्त किए गए इस अवैध स्टॉक की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कुल कीमत लगभग 20 करोड़ रुपये आंकी गई थी।
इस कार्रवाई के दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने स्वयं रोड रोलर चलाकर 2 लाख बोतलों को कुचल दिया। इस अवसर पर उनके साथ केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार और पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर शरदवत मुखर्जी भी रोड रोलर पर मौजूद थे। इस कड़े कदम के जरिए सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया कि राज्य में अवैध नशीले पदार्थों के उत्पादन, भंडारण और बिक्री को लेकर शून्य सहनशीलता की नीति लागू है।
बांग्लादेश सीमा पर तस्करी और सख्त प्रशासनिक नीति
नष्ट की गई बोतलों में फेनसिडिल सहित कई अन्य प्रतिबंधित कंपनियों के कफ सिरप शामिल थे। पश्चिम बंगाल के बांग्लादेश से सटे सीमावर्ती इलाकों में लंबे समय से फेनसिडिल कफ सिरप की अवैध तस्करी एक बड़ी समस्या रही है। इस सिरप का इस्तेमाल सामान्य दवाओं के बजाय मुख्य रूप से सीमा के दोनों ओर नशे के विकल्प के रूप में किया जाता रहा है। पुलिस और बीएसएफ की संयुक्त टीमों ने पिछले अभियानों के तहत इस विशाल खेप को जब्त किया था।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नशा तस्करों को सख्त चेतावनी जारी की। उन्होंने कहा कि राज्य को नशामुक्त बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और तस्करी में शामिल प्रत्येक अपराधी को चिह्नित करके जेल भेजा जाएगा। सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही चौकसी से तस्करों के नेटवर्क पर करारा प्रहार किया जा रहा है।


















