झारखंड में आकाशीय बिजली और यूपी में करंट लगने से 16 लोगों की मौत, बारिश के बीच कई घायलNEET पेपर लीक प्रदर्शन पर टिप्पणी के बाद विवादों में भूमि पेडनेकर, नेहा भसीन और श्रुति देसाई ने जताई नाराजगीवेस्टइंडीज की धरती पर अब्दुल्ला शफीक ने रचा इतिहास, नाबाद 160 रन से पाकिस्तान को मिली मजबूत बढ़तविंडहोक में गूंजेगा T20I का रोमांच, अगस्त के आखिर में नामीबिया और जिम्बाब्वे से भिड़ेगी साउथ अफ्रीकी टीमडीपफेक पर भड़कीं मृणाल ठाकुर, यशस्वी जायसवाल से डेटिंग की अफवाहों को किया खारिजकन्नौज में बेसहारा गाय पर हिंसक कुत्ते छुड़वाने के आरोप में सपा के पूर्व पदाधिकारी कैश खान पर पशु क्रूरता की एफआईआर दर्जमॉन्ट्रियल में जैक ड्रेपर की दर्दभरी वापसी, शारीरिक तकलीफ के बीच रो पड़े ब्रिटिश टेनिस स्टारगुजरात में मॉनसून के दौरान जानलेवा संक्रमण का कहर, 22 बच्चों की जान लेने वाले इस दुर्लभ इंफेक्शन के लक्षण और बचाव की पूरी जानकारीद वैम्पायर लेस्टैट रिव्यू (2026): सैम रीड का शानदार रॉक स्टार अवतार और गॉथिक हॉरर का नया अंदाज़संभल और बहजोई मार्ग पर कांवड़ यात्रियों के लिए 5 बेहतरीन शुद्ध शाकाहारी ढाबे और रेस्टोरेंट
इंदौर और उज्जैन के बीच 2935 करोड़ रुपये का नया ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, महज 35 मिनट में तय होगा सफरमध्य प्रदेश
20 जून 2026, 11:20 pm (45 दिन पहले)· 2

इंदौर और उज्जैन के बीच 2935 करोड़ रुपये का नया ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, महज 35 मिनट में तय होगा सफर

मध्य प्रदेश में इंदौर-उज्जैन के बीच 48 किलोमीटर लंबे फोरलेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का भूमिपूजन हो गया है, जिससे दोनों शहरों के बीच की दूरी घटकर सिर्फ आधा घंटा रह जाएगी।

मध्य प्रदेश में परिवहन और संपर्क को एक नया आयाम देने की तैयारी शुरू हो गई है। सांवेर में इंदौर-उज्जैन फोरलेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर की आधारशिला रखी गई है। इस शिलान्यास कार्यक्रम में राज्य के मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस नए मार्ग के निर्माण से इंदौर और उज्जैन के बीच की दूरी सिमट जाएगी, जिससे दोनों शहरों के बीच का सफर सिर्फ 30 से 35 मिनट का रह जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को साल 2028 में होने वाले सिंहस्थ मेले से पहले पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। यह मार्ग केवल दो शहरों को जोड़ने का काम नहीं करेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति देगा।

कॉरिडोर की लंबाई और प्रमुख मार्ग विवरण

यह प्रस्तावित ग्रीनफील्ड कॉरिडोर कुल 48 किलोमीटर लंबा होगा। इसकी शुरुआत इंदौर के पितृ पर्वत से होगी, और यह उज्जैन के चिंतामण गणेश मंदिर के समीप स्थित सिंहस्थ बाईपास पर जाकर समाप्त होगा। इस कॉरिडोर के बन जाने से दैनिक यात्रियों, स्थानीय व्यापारियों और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को आवागमन में विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी। विशेष रूप से इंदौर हवाई अड्डे और रेलवे स्टेशन से उज्जैन के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर तक जाने वाले श्रद्धालुओं को बेहद सुगम और कम समय लेने वाला मार्ग उपलब्ध होगा।

ये भी पढ़ें

वर्ष 2028 में उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले के दौरान देश और दुनिया से करोड़ों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। ऐसे में यह फोरलेन कॉरिडोर यातायात के भारी दबाव को नियंत्रित करने और लोगों को जाम की समस्या से बचाने में एक जीवन रेखा के रूप में कार्य करेगा।

लागत, ग्रामीण संपर्क और किसानों को लाभ

इस पूरी परियोजना के निर्माण पर कुल 2935 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। इस कॉरिडोर के माध्यम से इंदौर जिले के 20 गांव और उज्जैन जिले के 8 गांव सीधे तौर पर आपस में जुड़ेंगे। इसके अतिरिक्त कई अन्य गांवों को भी इसका सीधा फायदा पहुंचेगा। इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान सरकार ने किसानों के हित में बड़ा निर्णय लिया। सरकार ने मुआवजे की राशि कलेक्टर गाइडलाइन के स्थान पर बाजार और बिक्री दरों के आधार पर तय की है। इस फैसले के चलते किसानों को अपनी जमीन के बदले सामान्य से कई गुना अधिक मुआवजा मिला है।

आर्थिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार

भूमिपूजन के इस अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि इस नए ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के निर्माण से मध्य प्रदेश में विकास की गति अत्यधिक तेज होगी। यह कॉरिडोर इंदौर-पीथमपुर आर्थिक गलियारे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे तक पहुंचने के लिए एक वैकल्पिक रास्ता प्रदान करेगा, जिससे क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियों को काफी बढ़ावा मिलेगा।

वहीं केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अपने संबोधन में कहा कि इस कॉरिडोर से दोनों प्रमुख शहरों के बीच की भौगोलिक दूरी तो कम होगी ही, साथ ही इनके आपसी संबंध भी और मजबूत होंगे। इस कार्यक्रम के दौरान केंद्र सरकार की ओर से मध्य प्रदेश को विभिन्न क्षेत्रों के विकास के लिए कुल 5,657 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता भी प्रदान की गई, जिसका उपयोग लाभार्थियों को आवास और रोजगार मुहैया कराने में किया जाएगा।

सवाल-जवाब

इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर की कुल लागत कितनी है?
इस अत्याधुनिक कॉरिडोर परियोजना की कुल निर्माण लागत 2935 करोड़ रुपये है।
इस कॉरिडोर के चालू होने के बाद इंदौर से उज्जैन की यात्रा में कितना समय लगेगा?
इस नए ग्रीनफील्ड मार्ग के बन जाने से इंदौर और उज्जैन के बीच यात्रा का समय घटकर केवल 30 से 35 मिनट रह जाएगा।
इस कॉरिडोर की कुल लंबाई कितनी है और इसका मुख्य मार्ग क्या है?
यह फोरलेन कॉरिडोर 48 किलोमीटर लंबा होगा, जो इंदौर के पितृ पर्वत से शुरू होकर उज्जैन में चिंतामण गणेश मंदिर के समीप सिंहस्थ बाईपास तक जाएगा।
इस परियोजना को कब तक पूरा करने की समय सीमा तय की गई है?
इस परियोजना को साल 2028 में उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ मेले से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस परियोजना के भूमि अधिग्रहण में किसानों को कैसे फायदा हुआ है?
सरकार ने जमीन का मुआवजा कलेक्टर गाइडलाइन के बजाय वास्तविक बाजार और बिक्री दरों पर तय किया, जिससे किसानों को सामान्य से कई गुना अधिक मूल्य प्राप्त हुआ।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR