मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर सोमवार को हुए उपचुनाव के नतीजों ने राज्य की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी को तगड़ा झटका दिया है। कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने भाजपा के आशुतोष तिवारी को 6000 से ज्यादा वोटों के अंतर से हराकर यह सीट अपने नाम कर ली।
कितने वोटों से हुई जीत
मतगणना के मुताबिक घनश्याम सिंह को आशुतोष तिवारी से 6016 वोट ज्यादा मिले। यह जीत उतनी मामूली नहीं है जितनी सिर्फ आंकड़ा बताता है, क्योंकि दतिया सीट को लंबे समय से भाजपा का मजबूत किला माना जाता रहा है।
नरोत्तम मिश्रा का गढ़ नहीं बचा
दतिया सीट भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा से जुड़ी रही है और इसे उनका गढ़ माना जाता है। इस बार कांग्रेस ने यहां न सिर्फ पूरी सीट पर जीत दर्ज की, बल्कि नरोत्तम मिश्रा से जुड़े बूथ पर भी भाजपा को पीछे छोड़ दिया। यह नतीजा भाजपा के लिए इसलिए भी चिंता की बात है क्योंकि यह सीट पार्टी के लिए भावनात्मक और राजनीतिक दोनों नजरिए से अहम रही है।
बांकीपुर में भी भाजपा को झटका
सिर्फ दतिया ही नहीं, इसी दिन आए बिहार की बांकीपुर सीट के उपचुनाव नतीजों में भी भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। यहां प्रशांत किशोर ने भाजपा उम्मीदवार को हराकर जीत दर्ज की। एक ही दिन दो अलग अलग राज्यों में मिली इस हार को भाजपा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
दोनों नतीजों के मायने
दतिया और बांकीपुर के नतीजे भाजपा के लिए संगठनात्मक स्तर पर आत्मनिरीक्षण की वजह बन सकते हैं। खासकर दतिया जैसी सीट पर हार, जो पार्टी के वरिष्ठ नेता से जुड़ी रही हो, स्थानीय स्तर पर पार्टी की पकड़ और रणनीति को लेकर सवाल खड़े करती है।



















