मध्य प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था एक बड़े संकट के मुहाने पर खड़ी है। मध्य प्रदेश बस एसोसिएशन ने किराया बढ़ाने की मांग पूरी न होने की स्थिति में 8 अगस्त से पूरे राज्य में अनिश्चितकालीन बस हड़ताल का ऐलान कर दिया है। यदि 7 अगस्त की मध्यरात्रि 12:00 बजे तक राज्य सरकार और बस ऑपरेटरों के बीच कोई सहमति नहीं बनती है, तो प्रदेश भर की 36 हजार से अधिक बसों के पहिए पूरी तरह थम जाएंगे। इससे दैनिक यात्रियों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है, जबकि किराया बढ़ाए जाने की सूरत में आम जनता की जेब पर भारी बोझ पड़ना तय माना जा रहा है।
डीजल की बढ़ती कीमतों से ऑपरेटरों पर दबाव
बस ऑपरेटरों की ओर से हड़ताल का यह फैसला बुंदेलखंड क्षेत्र के सागर शहर में आयोजित एक बैठक के दौरान लिया गया। मध्य प्रदेश बस एसोसिएशन के प्रदेश महामंत्री जयकुमार जैन के अनुसार, राज्य में आख़िरी बार साल 2021 में बस किराए में संशोधन किया गया था। उस समय डीजल की कीमत 69 रुपये प्रति लीटर थी, जो वर्तमान में बढ़कर लगभग 100 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच चुकी है। लागत में इस भारी बढ़ोतरी के कारण निजी बस ऑपरेटरों के लिए पुरानी दरों पर गाड़ियों का संचालन करना बेहद मुश्किल हो गया है।
किराया दोगुना करने का प्रस्ताव
बस मालिकों के संगठन और राज्य सरकार के प्रतिनिधियों के बीच इस मुद्दे पर दो दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल सका है। संगठन और सरकार के बीच आख़िरी आधिकारिक बैठक 15 जून 2026 को हुई थी। इस बैठक में बस एसोसिएशन की ओर से किराया वर्तमान 1 रुपये 25 पैसे प्रति किलोमीटर से बढ़ाकर 2 रुपये 50 पैसे प्रति किलोमीटर करने का प्रस्ताव रखा गया था। ऑपरेटरों का तर्क है कि पड़ोसी राज्यों में किराए में लगभग 2 रुपये तक की बढ़ोतरी पहले ही की जा चुकी है, इसलिए मध्य प्रदेश में भी नई दरों को तुरंत लागू किया जाना चाहिए।
यात्रियों की जेब पर पड़ेगा भारी असर
यदि सरकार बस एसोसिएशन के इस प्रस्ताव को मंजूरी दे देती है, तो राज्य भर में बस यात्रा का किराया सीधे दोगुना हो जाएगा। इसके कारण विभिन्न शहरों के बीच यात्रा करने वाले लोगों को काफी अधिक पैसे खर्च करने पड़ेंगे
- सागर से भोपाल: वर्तमान किराया 250 रुपये है, जो प्रस्ताव मंजूर होने पर सीधे 500 रुपये हो जाएगा।
- सागर से जबलपुर: वर्तमान में यात्रियों को 240 रुपये देने पड़ते हैं, जो बढ़कर 480 रुपये तक पहुंच सकते हैं।
लाखों यात्रियों पर मंडराया संकट
हड़ताल शुरू होने की स्थिति में पूरे मध्य प्रदेश की परिवहन सेवाएं पूरी तरह ठप हो सकती हैं। राज्य भर में लंबी दूरी और सीधे रूटों पर लगभग 28,000 यात्री बसें चलती हैं, जबकि छोटे रूटों पर 8,500 बसें संचालित होती हैं। इस प्रकार कुल 36,000 से अधिक बसें सड़कों से हट जाएंगी। अकेले सागर जिले की बात करें तो वहां रोजाना औसतन 429 बसें चलती हैं, जिनसे लगभग 20,000 यात्री सफर करते हैं। सागर से भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, दिल्ली, नागपुर, प्रयागराज और कानपुर जैसे प्रमुख शहरों के लिए सीधी बस सेवाएं उपलब्ध हैं, जो हड़ताल के कारण पूरी तरह बंद हो सकती हैं।



















