मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार देर रात एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में तीन महिलाओं सहित चार लोगों की जान चली गई। हादसे में तीन साल की बच्ची और दस साल के लड़के सहित पांच अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। यह सभी पीड़ित एक ही परिवार से ताल्लुक रखते हैं, जो झाबुआ जिले के पारा शहर से राजस्थान स्थित प्रसिद्ध खाटू श्याम मंदिर के दर्शन के लिए निकले थे। रात लगभग 11:30 बजे शिवगढ़ पुलिस स्टेशन सीमा के अंतर्गत राजलिया पाड़ा गांव के समीप यह भयानक दुर्घटना घटी।
हादसे का घटनाक्रम और ओवरटेकिंग का प्रयास
प्राप्त जानकारियों के अनुसार, यात्रियों से भरी कार तेज गति से मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर आगे बढ़ रही थी। राजलिया पाड़ा गांव के पास पहुंचते ही चालक ने सड़क किनारे खड़े एक ट्रक को ओवरटेक करने का प्रयास किया। इसी दौरान कार की गति अत्यधिक होने के कारण चालक ने वाहन पर से अपना संतुलन पूरी तरह खो दिया। अनियंत्रित हुई कार सड़क पर पलटने लगी और जोरदार झटके के साथ किनारे खड़े ट्रक से सीधे टकरा गई।
घटनास्थल का दृश्य और मौके पर चार लोगों की मौत
टक्कर इतनी भीषण थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार लोगों में चीख-पुकार मच गई। दुर्घटना के दौरान कार में सवार तीन महिलाओं और एक पुरुष की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वाहन के भीतर गंभीर रूप से फंसे अन्य यात्रियों को तुरंत बाहर निकालने के लिए आसपास के ग्रामीण मौके की ओर दौड़े। अचानक हुए इस हादसे से एक्सप्रेसवे पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
ग्रामीणों की मदद से रेस्क्यू और घायलों का इलाज
स्थानीय निवासियों ने तत्काल घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना प्राप्त होते ही शिवगढ़ पुलिस स्टेशन से एक दल तुरंत मौके पर पहुंचा। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों की सहायता से काफी मशक्कत के बाद दुर्घटनाग्रस्त कार में फंसे घायल यात्रियों को बाहर निकाला। घायलों में तीन साल की एक बालिका और दस साल का एक बालक शामिल हैं। सभी पांच घायलों को तुरंत एम्बुलेंस के माध्यम से रतलाम मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां उनका आपातकालीन उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार घायलों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
पुलिस मुआयना और वैधानिक जांच
दुर्घटना के तुरंत बाद पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का गहन मुआयना किया और साक्ष्य जुटाए। दुर्घटनाग्रस्त कार तथा ट्रक दोनों को कब्जे में लेकर प्राथमिक छानबीन शुरू की गई है। शुरुआती साक्ष्यों और परिस्थितियों से पता चलता है कि अत्यधिक तेज रफ्तार और ओवरटेकिंग के दौरान बरती गई लापरवाही इस हादसे का मुख्य कारण बनी। शिवगढ़ पुलिस प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों के बयान दर्ज कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की विस्तृत वैज्ञानिक एवं कानूनी जांच पूरी होने के बाद ही हादसे के सटीक कारणों का आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आ पाएगा।





















