मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के गरोठ नगर में सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल देने वाली एक बड़ी आपराधिक घटना सामने आई है। यहाँ भानपुरा रोड पर स्थित बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम को निशाना बनाते हुए कुछ अज्ञात बदमाशों ने लगभग छह लाख रुपये की नकदी पर हाथ साफ कर दिया। शातिर चोरों ने मशीन को बीच से काटने के लिए गैस कटर का सहारा लिया और चंद मिनटों में ही कैश ट्रे में रखी पूरी रकम समेटकर मौके से फरार हो गए। इस दुस्साहसिक वारदात का खुलासा तब हुआ जब अगली सुबह स्थानीय दुकानदारों ने बूथ के भीतर मशीन को बुरी तरह क्षतिग्रस्त हालत में देखा।
रात के सन्नाटे में दिया गया वारदात को अंजाम
पुलिस से मिली शुरुआती जानकारियों के अनुसार, यह पूरी घटना 29 और 30 अगस्त की दरमियानी रात करीब 1 बजे से 4 बजे के बीच घटित हुई। भानपुरा रोड स्थित बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम बूथ में घुसे बदमाशों ने सुनसान रात का पूरा फायदा उठाया और वे पूरी योजना के साथ मैदान में उतरे थे। उन्होंने गैस कटर की मदद से मजबूत मशीन को आसानी से काट दिया और भीतर रखे छह लाख रुपये निकाल कर हवा हो गए। गरोठ नगर के एक प्रमुख मार्ग पर इस तरह की बड़ी घटना होने से आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया है।
पुलिस की गश्त व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
घटना की खबर मिलते ही गरोठ थाने की पुलिस टीम फौरन मौके पर पहुँची और हालात का जायजा लिया। इस समय पुलिस भानपुरा रोड के साथ-साथ आसपास के तमाम रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने में जुटी हुई है ताकि आरोपियों के आने और भागने के रास्ते का पता लगाया जा सके। शहर के मुख्य मार्ग पर इतनी देर तक गैस कटर का इस्तेमाल करके इतनी बड़ी चोरी को अंजाम दे देना स्थानीय पुलिस की रात्रि गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है।
बैंक प्रबंधन की सुस्ती और देरी से शिकायत
इस पूरे प्रकरण का सबसे हैरान करने वाला पहलू बैंक प्रबंधन का बेहद गैर-जिम्मेदाराना रवैया रहा है। एटीएम से इतनी बड़ी रकम चोरी हो जाने के बावजूद बैंक के जिम्मेदार अधिकारियों ने तुरंत पुलिस थाने पहुँचकर मामला दर्ज करवाने में कोई फुर्ती नहीं दिखाई। घटना के कई घंटों बाद तक औपचारिकताएँ ही चलती रहीं, जिसकी वजह से पुलिस को शुरुआती जाँच शुरू करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस मामले पर बात करते हुए गरोठ के एएसपी ने जानकारी दी कि बैंक की तरफ से अब औपचारिक शिकायत मिल चुकी है और मुकदमा दर्ज करके जाँच को आगे बढ़ा दिया गया है। पुलिस संदिग्धों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज की मदद ले रही है और जल्द ही आरोपियों को पकड़ने का दावा किया जा रहा है।





















