मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के सुल्तानपुर इलाके में स्थित एक माध्यमिक विद्यालय से जुड़ा शर्मनाक मामला सामने आया है। यहाँ पदस्थ एक सहायक शिक्षक पर स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं के साथ अश्लील हरकतें करने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस संवेदनशील घटना के उजागर होते ही शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया और प्रशासनिक हलकों में तेजी से कदम उठाए गए। विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फौरन एक्शन लिया और संबंधित सहायक शिक्षक को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके साथ ही, स्थानीय पुलिस थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराते हुए प्राथमिकी के लिए आवेदन दिया गया, जिसके आधार पर पुलिस ने भी बिना किसी देरी के कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।
अश्लील हरकतों के खुलासे के बाद शिक्षा विभाग का एक्शन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुल्तानपुर के इस सरकारी स्कूल में बच्चों को पढ़ाने वाले सहायक शिक्षक पर विद्यालय की छात्राओं के साथ आपत्तिजनक और अश्लील हरकतें करने का आरोप है। जैसे ही इस घिनौनी करतूत की भनक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को लगी, उन्होंने तुरंत मामले की अंदरूनी पड़ताल की और आरोपों को प्रथम दृष्टया सही पाते हुए आरोपी शिक्षक के खिलाफ निलंबन की गाज गिरा दी। विभाग ने इसके बाद तत्काल पुलिस से संपर्क साधा और लिखित आवेदन देकर आरोपी शिक्षक के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की माँग की ताकि मामले में त्वरित और सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
पॉक्सो एक्ट और एससी-एसटी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज
शिक्षा विभाग से औपचारिक शिकायत और आवेदन मिलने के बाद इदवार थाना पुलिस ने मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। पुलिस ने पीड़िता छात्राओं की सुरक्षा और मामले की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए आरोपी शिक्षक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट यानी प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेन्स एक्ट और एससी-एसटी अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला दर्ज होने के बाद से ही आरोपी शिक्षक अपनी जगह से फरार है और पुलिस की पकड़ से बाहर चल रहा है। पुलिस की टीमें उसके संभावित छुपने के ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं और उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
छात्राओं की सुरक्षा पर उठे सवाल और निष्पक्ष जाँच की माँग
इस अप्रिय घटना के सामने आने के बाद से ही इलाके के अभिभावकों, परिजनों और आम नागरिकों में भारी रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि यदि शिक्षण संस्थानों में ही इस प्रकार की घटनाएँ होने लगेंगी, तो बच्चों की सुरक्षा पर बहुत बड़ा प्रश्नचिह्न लग जाएगा। स्थानीय लोगों और परिजनों ने प्रशासन से पूरे मामले की पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी जाँच कराने की पुरजोर माँग की है, साथ ही दोषी शिक्षक के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई की वकालत की है। पुलिस अब शिकायत में दर्ज गंभीर आरोपों, छात्राओं के गोपनीय बयानों और अन्य तकनीकी व भौतिक साक्ष्यों के आधार पर अपनी जाँच को आगे बढ़ा रही है। फिलहाल आरोपी शिक्षक पुलिस की गिरफ्त से दूर है और मामले की गहनता से जाँच जारी है ताकि सभी तथ्यात्मक पहलू सामने आ सकें।




















