वर्जिनिया के ओल्ड रैग माउंटेन पर चढ़ने वाली लिसा श्रेन्क ने चोटी पर पहुंचकर सूरज उगते तो देखा, लेकिन उस वक्त उनके मन में आत्महत्या के विचार चल रहे थे। संघीय सरकार के लिए आईटी स्पेशलिस्ट के तौर पर काम करने वाली श्रेन्क ने अपने दोस्तों और परिवार के लिए सामान अलग रखना शुरू कर दिया था और अपने वित्तीय मामलों को व्यवस्थित कर रही थीं। उनकी यह मुश्किल स्थिति तब बदली जब पहाड़ से नीचे उतरते वक्त उन्होंने साथी हाइकर्स को हार्मोन थेरेपी पर चर्चा करते सुना।
श्रेन्क पहले ही अपने प्राथमिक चिकित्सक से हार्मोन थेरेपी की मांग कर चुकी थीं क्योंकि उन्हें अंदेशा था कि उनकी मनोदशा से जुड़ी परेशानियां हार्मोन असंतुलन से जुड़ी हो सकती हैं। चालीस के दशक की शुरुआत में महिलाओं में पेरिमेनोपॉज की शुरुआत हो सकती है, जिसके दौरान अंडाशय धीरे-धीरे प्रजनन हार्मोन का उत्पादन बंद कर देते हैं और एस्ट्रोजन का स्तर ऊपर-नीचे होता रहता है। हालांकि, डॉक्टरों ने उनकी बात को खारिज कर दिया था और उन्हें बर्थ कंट्रोल पिल्स दी थीं, जिससे उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ.
टेलीहेल्थ स्टार्टअप्स की एंट्री और ऑनलाइन कंसल्टेशन
साथी हाइकर से इस बारे में जानने के बाद श्रेन्क ने ऑनलाइन ऐसे डॉक्टरों की तलाश शुरू की जो हार्मोन थेरेपी देने में सहज हों। उन्होंने महिलाओं की मध्य आयु की देखभाल पर केंद्रित एक टेलीहेल्थ स्टार्टअप Midi के जरिए वीडियो कंसल्टेशन बुक किया। वहां उनकी नर्स प्रैक्टिशनर ने उनकी बर्थ कंट्रोल पिल्स को हार्मोन थेरेपी में बदलने का फैसला किया, क्योंकि कम खुराक और अलग तरह के एस्ट्रोजन-प्रोजेस्टरॉन का असर अलग हो सकता था। अगले पांच महीनों में नियमित मुलाकातों और सही खुराक तय होने के बाद श्रेन्क की मानसिक सेहत में भारी सुधार देखा गया।
ठीक उसी समय जब श्रेन्क इस बदलाव से गुजर रही थीं, इस प्रकार की दवाइयों तक आम लोगों की पहुंच का तरीका भी तेजी से बदल रहा था। वर्ष 2002 के एक अध्ययन के बाद से हार्मोन थेरेपी को लेकर लोगों में कैंसर के खतरे का डर बैठ गया था और डॉक्टर इसे लिखने से कतराते थे। लेकिन बाद में चिकित्सा पेशेवरों और नीति निर्माताओं ने महसूस किया कि इस थेरेपी से लाखों महिलाओं को हॉट फ्लैशेज, मूड स्विंग्स और रात में पसीना आने जैसी समस्याओं से राहत मिल सकती है, जिन्हें वे बेवजह झेल रही थीं।
नियामक बदलाव और बाजार में उछाल
अक्टूबर के दौरान अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने हार्मोन थेरेपी पर लगे चेतावनी वाले ब्लैक बॉक्स को हटा लिया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इस कदम को पुरानी सोच को चुनौती देने वाला और साक्ष्य आधारित चिकित्सा की ओर वापसी बताया। इसके तुरंत बाद बाजार में हार्मोन थेरेपी की मांग में भारी उछाल देखा गया। एक विश्लेषण के मुताबिक, इस क्षेत्र के चार प्रमुख स्टार्टअप्स यानी Midi, Winona, Alloy और Evernow की वेबसाइट्स पर ट्रैफिक में 2023 से 2026 के बीच 490 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
अमेरिका में 35 से 54 वर्ष की आयु के बीच की 43 मिलियन से अधिक महिलाएं हैं, जो एक बहुत बड़ा बाजार तैयार करती हैं। वर्चुअल क्लीनिक इस क्षेत्र में बढ़त हासिल करने के लिए लगातार निवेश जुटा रहे हैं और कई नए स्टार्टअप्स बाजार में उतर रहे हैं। इनमें से कुछ कंपनियां स्वास्थ्य बीमा स्वीकार करती हैं, जबकि कई अन्य कंपनियां हर महीने की सब्सक्रिप्शन फीस पर विभिन्न रूपों में कस्टम फॉर्मूलेशन बेच रही हैं।
लक्षणों की लंबी सूची और चिकित्सा जगत की चिंता
पेरिमेनोपॉज और मेनोपॉज से जुड़ी समस्याओं की सूची काफी लंबी बताई जाती है, जिसमें कम लिबिडो, रात में पसीना आना, थकान, वजन बढ़ना और चिंता शामिल हैं। कुछ कंपनियां तो त्वचा की झुर्रियों को कम करने वाले एस्ट्रोजन युक्त स्किन केयर उत्पाद भी बेचती हैं। चूंकि इस अवस्था की पुष्टि के लिए कोई सटीक लैब टेस्ट नहीं होता है, इसलिए डॉक्टर मुख्य रूप से मरीजों के लक्षणों के आधार पर ही इसका आकलन करते हैं।
मेयो क्लीनिक के महिला स्वास्थ्य केंद्र की निदेशक स्टेफनी फोबियन का मानना है कि थकान या लंबी उम्र के लिए हार्मोन थेरेपी को बढ़ावा देने का यह सिलसिला हाथ से निकल चुका है। वहीं, येल स्कूल ऑफ मेडिसिन की प्रोफेसर मैरी जेन मिन्किन का कहना है कि हर छोटी-मोटी जीवन की समस्या को हार्मोन से जोड़ना ठीक नहीं है, हालांकि वे महिलाओं को उनके शरीर और उपचार के विकल्पों के बारे में जागरूक करने की वकालत करती हैं।
दवाओं की कमी और भविष्य की दिशा
हार्मोन थेरेपी की अचानक बढ़ी लोकप्रियता के कारण आपूर्ति श्रृंखला पर भी दबाव पड़ने लगा है। चेतावनी हटने के बाद से एस्ट्रोजन पैच की किल्लत देखने को मिली है, क्योंकि निर्माता इस भारी मांग के लिए तैयार नहीं थे और ये दवाएं पेटेंट से बाहर होने के कारण कंपनियों के लिए बहुत ज्यादा मुनाफे वाली नहीं हैं। इसके अलावा, कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म अब वजन घटाने वाली जीएलपी-1 दवाएं और अन्य सप्लीमेंट्स भी बेचने लगे हैं, जिस पर कुछ चिकित्सा विशेषज्ञों ने चिंता जताई है।
टेलीहेल्थ के जरिए इन सेवाओं का विस्तार करने वाली कंपनियां केवल पारंपरिक स्वास्थ्य देखभाल का जरिया नहीं बन रही हैं, बल्कि वे चिकित्सा की एक नई व्यावसायिक सोच को भी बढ़ावा दे रही हैं। इन स्टार्टअप्स का मुख्य उद्देश्य केवल सीमित इलाज तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि महिलाओं के लिए एक व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा मंच तैयार करना है। जैसे-जैसे इस क्षेत्र में महिलाओं की संख्या बढ़ रही है, यह बाजार लगातार ऊंचाइयां छू रहा है।



















