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मोहन यादव ने बालाघाट के बोंदारी गांव में लोगों से की बात, दिए 225 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के तोहफेमध्य प्रदेश
29 अग॰ 2026, 9:32 pm (60 दिन पहले)· 2

मोहन यादव ने बालाघाट के बोंदारी गांव में लोगों से की बात, दिए 225 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के तोहफे

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाघाट जिले के पूर्व नक्सल प्रभावित बोंदारी गांव का दौरा कर स्थानीय लोगों से संवाद किया और क्षेत्र के विकास के लिए 225 करोड़ रुपये की सौगात दी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को बालाघाट जिले के पूर्व नक्सल प्रभावित बोंदारी गांव में पहुंचकर स्थानीय निवासियों से सीधी बातचीत की। इस दौरान उन्होंने गांव की आधारभूत जरूरतों, इलाके के चहुंमुखी विकास और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। इस मुलाकात के दौरान पशुपालन को बढ़ावा देने, पक्के आवास की सुविधा उपलब्ध कराने, पोषण आहार के नियमित इस्तेमाल के प्रति जन-जागरूकता अभियान चलाने, वन विभाग के आपसी सहयोग, बेहतर चिकित्सा एवं आधुनिक शिक्षा सुविधाओं के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर बढ़ाने जैसे कई अहम विषयों पर गंभीर मंथन किया गया।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास और रोजगार को मिल रही प्राथमिकता

दौरे के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे इन सभी सुविधाओं को इस क्षेत्र में प्रभावी रूप से लागू करें। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ समाज के हर पात्र परिवार तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि जिन इलाकों में पहले नक्सलवाद का प्रभाव था, वहां अब सुरक्षा के साथ-साथ विकास कार्यों और रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। स्थानीय स्तर पर ग्रामीणों के लिए आजीविका के साधन जुटाकर उनकी आय में इजाफा करने तथा युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के माध्यम से आगे बढ़ाने के लिए खास प्रयास किए जा रहे हैं।

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बालाघाट के लिए 225 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का ऐलान

अपनी इस यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट जिले के संपूर्ण और संतुलित विकास के वास्ते विभिन्न विभागों के जरिए कुल 225 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की घोषणा की। इन पैसों से क्षेत्र में सामाजिक और बुनियादी ढांचे को बेहद मजबूत किया जाएगा। इस भारी-भरकम राशि के जरिए सड़कों का जाल बिछाने, बिजली आपूर्ति सुधारने, शुद्ध पेयजल मुहैया कराने, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने, आवास निर्माण, कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों के साथ-साथ रोजगार तथा आजीविका के नए रास्ते बड़े पैमाने पर खोले जाएंगे ताकि स्थानीय नागरिकों का जीवन स्तर ऊंचा उठ सके।

पशुपालन और कृषि आधारित गतिविधियों पर रहेगा विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अमले को यह भी साफ निर्देश दिए कि पूर्व में नक्सल प्रभावित रहे गांवों में तमाम विकास कार्यों को पूरी तेजी और प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाए। इलाके में उपलब्ध स्थानीय संसाधनों और प्राकृतिक संभावनाओं को आधार बनाकर पशुपालन, आधुनिक कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य पालन, वन आधारित आजीविका और अन्य आय बढ़ाने वाली गतिविधियों को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अंदरूनी मजबूती मिलेगी और लोगों को अपने ही गांव के पास काम मिल सकेगा।

विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा बालाघाट

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बालाघाट अब नक्सलवाद के साये से बाहर निकलकर पूरी तरह विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार का मुख्य लक्ष्य क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करते हुए तेज सामाजिक और आर्थिक विकास को गति देना है, ताकि हर एक गांव और प्रत्येक परिवार को विकास की मुख्यधारा के साथ मजबूती से जोड़ा जा सके। इससे पहले हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भिंड जिले में गोदरेज की चौथी इकाई का उद्घाटन किया था, जहां बनने वाले उत्पाद पूरे देश के बाजारों में सप्लाई किए जाएंगे।

सवाल-जवाब

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाघाट के किस गांव का दौरा किया?
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाघाट जिले के पूर्व नक्सल प्रभावित बोंदारी गांव का दौरा किया।
मुख्यमंत्री ने बालाघाट के विकास के लिए कितने रुपये की घोषणा की?
मुख्यमंत्री ने बालाघाट जिले के सर्वांगीण विकास के लिए 225 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की घोषणा की।
दौरे के दौरान किन मुख्य विषयों पर चर्चा की गई?
दौरे के दौरान पशुपालन, आवास सुविधा, पोषण आहार जागरूकता, वन विभाग का सहयोग, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर चर्चा की गई।
किन आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए?
अधिकारियों को पशुपालन, कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य पालन और वन आधारित आजीविका जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने किस औद्योगिक इकाई का उद्घाटन किया था?
इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भिंड जिले में गोदरेज की चौथी यूनिट का शुभारंभ किया था।
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