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गोपालगंज में सेप्टिक टैंक बना काल, दम घुटने से एक के बाद एक चार मजदूरों की दर्दनाक मौतबिहार
29 अग॰ 2026, 10:22 pm (57 मिनट पहले)· 2

गोपालगंज में सेप्टिक टैंक बना काल, दम घुटने से एक के बाद एक चार मजदूरों की दर्दनाक मौत

बिहार के गोपालगंज जिले में एक निर्माणाधीन मकान के सेप्टिक टैंक की शटरिंग खोलने उतरे चार मजदूरों की जहरीली गैस से दम घुटने से मौत हो गई। पांचवें मजदूर के समय रहते बाहर आने पर इस भयानक हादसे का खुलासा हुआ।

बिहार के गोपालगंज जिले से एक अत्यंत मर्माहत करने वाली घटना सामने आई है, जहां एक मकान के निर्माण कार्य के दौरान सेप्टिक टैंक ने चार लोगों की जिंदगी लील ली। यह दर्दनाक हादसा गोपालगंज के गोपालपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सवनही गांव में घटित हुआ। यहां रेहमा खातून के नाम से एक नया मकान बनाया जा रहा था, और इसी निर्माण के सिलसिले में सेप्टिक टैंक की शटरिंग हटाने का काम चल रहा था। इसी दौरान टैंक के भीतर जहरीली गैस की चपेट में आने से चार मजदूरों की एक-एक करके मौत हो गई। इस भयावह घटना के बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया और सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों का जायजा लेते हुए शवों को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने सभी चारों मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है और इस दुर्घटना के असली कारणों की गहराई से छानबीन की जा रही है।

एक-एक कर टैंक में उतरते गए मजदूर

इस हादसे का घटनाक्रम बेहद हैरान करने वाला और सिहरन पैदा करने वाला है। शटरिंग को खोलने के लिए सबसे पहले एक मजदूर सेप्टिक टैंक के अंदर दाखिल हुआ, लेकिन वह काफी देर तक वापस नहीं लौटा। जब वह बाहर नहीं आया तो दूसरे मजदूर ने उसे देखने और तलाशने के लिए टैंक के अंदर कदम रखा, लेकिन वह भी रहस्यमय तरीके से अंदर ही गायब हो गया। इसके बाद तीसरा मजदूर भी अपने साथियों की तलाश में अंदर गया और फिर चौथा मजदूर भी उसी अंधेरे टैंक में उतर गया। एक के बाद एक कुल चार मजदूर उस जानलेवा टैंक के अंदर फंसते चले गए और किसी की भी बाहर लौटने की हिम्मत नहीं हुई। इसके बाद जब पांचवां मजदूर भी टैंक के भीतर गया, तो उसे अचानक सांस लेने में भारी दिक्कत होने लगी और उसका दम घुटने लगा। उसे भांपते ही खतरे का अहसास हो गया और उसने अपनी सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत टैंक से बाहर छलांग लगा दी। इस पांचवें मजदूर के सुरक्षित बाहर आने के बाद ही इस पूरे हादसे की भयंकर सच्चाई और गंभीरता दुनिया के सामने उजागर हुई।

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शोहदों और मृतकों की पहचान

इस भीषण हादसे में अपनी जान गंवाने वाले चारों मजदूरों की पहचान स्थानीय प्रशासन द्वारा कर ली गई है। मृतकों में पहला नाम बंटी बैठा उर्फ राकेश बैठा का है, जो सवनही पट्टी का रहने वाला था। दूसरा नाम जावेद आलम उर्फ टीपू का है, जो सवनही का ही निवासी था। तीसरा नाम उमेश यादव का है, जो इसी गांव सवनही के रहने वाले थे। वहीं चौथे मृतक की पहचान सब्बे आलम के रूप में हुई है, जो गिधहां गांव के निवासी थे। इन चारों की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवारों में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातम का माहौल छा गया है और हर कोई इस अप्रत्याशित त्रासदी से स्तब्ध है।

मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी

हादसे की जानकारी मिलते ही गांव और मृतकों के घरों में चीख-पुकार मच गई। इस वीभत्स दुर्घटना में चार लोगों की असामयिक मौत से जिला प्रशासन भी पूरी तरह से गंभीर नजर आ रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस का अमला फौरन घटनास्थल पर पहुंच गया और स्थिति का जायजा लेते हुए मामले की तफ्तीश शुरू कर दी। जिला प्रशासन के उच्च अधिकारियों के मुताबिक, घटना की जानकारी मिलते ही जिला पदाधिकारी के निर्देश पर गोपालगंज के अनुमंडल पदाधिकारी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली। प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले की गहनता से जांच कराई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या किसी की जिम्मेदारी तय होती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

पोस्टमार्टम और मुआवजे की प्रक्रिया

प्रारंभिक जांच और जानकारियों के आधार पर यह अंदेशा जताया जा रहा है कि चारों मजदूरों की मौत सेप्टिक टैंक के भीतर जहरीली गैस की वजह से दम घुटने के कारण हुई है। हालांकि, मौत की असल और वास्तविक वजह क्या थी, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और पुलिस की पूरी जांच मुकम्मल होने के बाद ही आधिकारिक तौर पर स्पष्ट हो पाएगी। पुलिस चारों शवों का कानूनी प्रक्रियाओं के तहत पोस्टमार्टम करवा रही है। इसके साथ ही पुलिस इस पहलू पर भी बारीकी से जांच कर रही है कि आखिर सेप्टिक टैंक के अंदर ऐसी कौन सी घातक परिस्थितियां पैदा हो गईं, जिसके चलते एक के बाद एक चार लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। इस पूरे मामले को लेकर गोपालगंज के अपर आपदा प्रबंधन पदाधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि यह दुर्घटना गैर-प्राकृतिक आपदा के दायरे में आती है और इसे सामूहिक दुर्घटना की श्रेणी में रखा गया है। प्रशासन की ओर से मृतकों के शोक संतप्त परिजनों को उचित अनुदान और सहायता उपलब्ध कराने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई तेजी से की जा रही है।

सवाल-जवाब

यह दर्दनाक हादसा कहां हुआ है?
यह हादसा बिहार के गोपालगंज जिले के गोपालपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सवनही गांव में हुआ।
हादसे का मुख्य कारण क्या था?
प्राथमिक जांच के अनुसार, सेप्टिक टैंक के अंदर जहरीली गैसों के कारण दम घुटने से चारों मजदूरों की मौत हुई।
कितने मजदूरों की जान गई है?
इस दुर्घटना में कुल चार मजदूरों की जान गई है, जबकि पांचवां मजदूर समय रहते बाहर निकलने में सफल रहा।
मृतकों की पहचान किन नामों से हुई है?
मृतकों में बंटी बैठा उर्फ राकेश बैठा, जावेद आलम उर्फ टीपू, उमेश यादव और सब्बे आलम शामिल हैं।
प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई कर रहा है?
जिला प्रशासन के निर्देश पर अनुमंडल पदाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और मृतकों के परिजनों को अनुदान देने की प्रक्रिया चल रही है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·44 मिनट पहले

गोपालगंज की यह दुर्घटना निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी और श्रम कानूनों की नाकामी को उजागर करती है। सेप्टिक टैंक जैसी संकीर्ण जगहों पर बिना गैस मास्क, ऑक्सीजन सिलेंडर और वेंटिलेशन के मजदूरों को उतारना आपराधिक लापरवाही है। इस मामले में मकान मालिक और ठेकेदार पर गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी जानलेवा भूल दोबारा न हो।

Rohan Verma@rohan-verma·44 मिनट पहले

यह दर्दनाक हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सुरक्षा प्रोटोकॉल और प्रशासनिक निगरानी की गंभीर विफलता है। ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में बिना किसी सुरक्षा उपकरणों के सेप्टिक टैंक की सफाई या शटरिंग हटाने का काम आम बात हो गई है, जो सीधे तौर पर मानव जीवन से खिलवाड़ है। श्रम विभाग और स्थानीय प्रशासन को ऐसी अवैध कार्यप्रणालियों के खिलाफ तुरंत कड़े कदम उठाने चाहिए, और ठेकेदारों व मकान मालिकों पर सख्त जुर्माना व सजा सुनिश्चित करनी होगी ताकि गरीबों की जान यूं न जाए।

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