धरती के भीतर से उबलते पानी और तीखी गंध के साथ बाहर आता खौफनाक मंजर किसी डरावने सपने जैसा प्रतीत होता है। जापान के कानागावा प्रान्त के हाकोने क्षेत्र में स्थित इस भूभाग को ओवाकुदानी कहा जाता है, जिसका स्थानीय भाषा में अर्थ विशालकाय उबलती घाटी होता है। फुजी पर्वत और आधुनिक शहरों के लिए मशहूर इस देश में मौजूद यह स्थान लोगों को सीधे पृथ्वी के सबसे गर्म और रहस्यमयी छोर पर ले आता है, जहां हर तरफ सल्फर का धुआं और खौलते हुए पानी के कुंड नजर आते हैं।
क्या है ओवाकुदानी के प्रसिद्ध काले अंडे का रहस्य
इस खतरनाक और गर्म वातावरण के बीच यहां आने वाले पर्यटकों के बीच एक खास व्यंजन बेहद लोकप्रिय है जिसे कुरा-तामागो यानी काला अंडा कहा जाता है। यह सामान्य मुर्गियों के अंडे होते हैं जिन्हें प्राकृतिक गर्म पानी के स्रोतों में उबाला जाता है। इन झरनों के पानी में सल्फर और आयरन प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। जब पानी में मौजूद मिनरल्स अंडों के छिलके के साथ प्रतिक्रिया करते हैं, तो उनका बाहरी आवरण जलकर एकदम कोयले जैसा काला हो जाता है, हालांकि छिलका हटाने पर अंदर का हिस्सा पूरी तरह सफेद और खाने योग्य रहता है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार इस स्थान का एक काला अंडा खाने से इंसान की उम्र सात साल तक बढ़ जाती है।
हजारों साल पुराना है इस खतरनाक घाटी का इतिहास
इस अद्भुत और डरावनी घाटी का निर्माण लगभग तीन हजार साल पहले हाकोने ज्वालामुखी के एक भयंकर विस्फोट के दौरान हुआ था। उस महाविस्फोट के कारण पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा नष्ट हो गया और भूमि के भीतर का लावा व गैसें सतह पर आ गईं। इतने लंबे समय के बीत जाने के बाद भी यहां भूगर्भीय हलचल थमी नहीं है और आज भी जमीन से गर्म भाप लगातार बाहर निकलती रहती है। प्राचीन समय में भूस्खलन के खतरे को देखते हुए यहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और कंक्रीट की मजबूत दीवारें बनाई गई हैं।
संत कोबो दाइशी और सुरक्षा से जुड़ी मान्यताएं
लगभग एक हजार साल पहले जब प्रसिद्ध जापानी बौद्ध संत कोबो दाइशी इस क्षेत्र में आए थे, तब यहां के उबलते पानी और धुएं को देखकर उन्हें इस स्थान का आभास हुआ था। लोगों की रक्षा के लिए उन्होंने भगवान बोधिसत्व की विशेष प्रार्थना की थी, जिसके बाद वहां एनमेई-जिजो मूर्ति की स्थापना की गई। आज भी दूर-दूर से आने वाले सैलानी लंबी उम्र और बेहतर स्वास्थ्य की कामना के साथ इस मूर्ति के दर्शन करने पहुंचते हैं। हालांकि भौगोलिक अस्थिरता के कारण साल 2015 में सुरक्षा कारणों से इस स्थल को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा था और अप्रैल 2016 में पर्यटकों के लिए इसे दोबारा खोल दिया गया था, लेकिन अब सुरक्षा नियमों के तहत लोगों को खतरनाक वेंट्स के ज्यादा पास जाने की अनुमति नहीं दी जाती है।
पॉप कल्चर और एनीमे की दुनिया में ओवाकुदानी का महत्व
यह विचित्र घाटी केवल अपनी भौगोलिक विशेषताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि जापानी मनोरंजन जगत और एनिमेशन में भी इसका विशेष स्थान है। लोकप्रिय एनीमे श्रृंखला नियॉन जेनेसिस इवेंजेलियन और इसके मांगा संस्करण में इस डरावनी घाटी को बेहद प्रमुखता से दर्शाया गया है। इस कहानी के मुख्य पात्र जब भटकते हुए इस धुएं से भरे क्षेत्र में पहुंचते हैं, तो यह दृश्य दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हो जाता है। यही वजह है कि दुनिया भर से एनीमे प्रेमी इस काल्पनिक और वास्तविक लोककथाओं से जुड़े स्थल को देखने के लिए हाकोने की यात्रा करते हैं।





















