मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अपनी मुख्य कृषि संबंधी मांगों को लेकर बड़ी संख्या में अन्नदाता सड़कों पर जमा हो चुके हैं। राज्य सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करते हुए किसानों ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की पूरी योजना तैयार की है। आंदोलनकारी मांग कर रहे हैं कि उनकी मूंग दाल की पूरी उपज को सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदे। इसके साथ ही कृषि कार्यों के लिए बेहद जरूरी खाद के वितरण में लागू टोकन व्यवस्था को तुरंत समाप्त किया जाए। स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस तंत्र पूरी तरह सतर्क हो गया है।
सड़कों पर भारी पुलिस बल और 5 लेयर बेरिकेडिंग
प्रदर्शनकारियों को मुख्यमंत्री आवास तक पहुंचने से रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। प्रमुख मार्गों विशेषकर वीर सावरकर सेतु पर सुरक्षा व्यवस्था को अत्यधिक मजबूत किया गया है। अधिकारियों ने आवाजाही रोकने के लिए 5 लेयर बेरिकेडिंग लगाने के साथ-साथ सड़क पर बड़ी-बड़ी बसें खड़ी कर दी हैं ताकि किसानों का काफिला आगे न बढ़ सके। हालांकि, इन कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बावजूद वीर सावरकर सेतु के पास फिर से सैकड़ों किसान एकत्र होने लगे हैं। पुलिस की इस सख्त घेराबंदी और रुकावटों को देखकर इकट्ठा हुए किसानों में भारी आक्रोश और नाराजगी देखने को मिल रही है।
मूंग खरीद और खाद टोकन व्यवस्था पर उठा विवाद
आंदोलनकारी किसानों का कहना है कि उनकी समस्याएं लंबे समय से अनसुनी की जा रही हैं। वर्तमान व्यवस्था के तहत सरकार किसानों की मूंग दाल की कुल उपज में से केवल 25 फीसदी फसल ही तय न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद रही है। बाकी बची 75 फीसदी फसल को किसानों को खुले बाजार में कम दरों पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इसलिए उनकी पहली प्रमुख मांग है कि पूरी फसल की सरकारी खरीद अनिवार्य की जाए। इसके अतिरिक्त, खाद प्राप्त करने के लिए किसानों को टोकन प्रणाली के कारण लंबी कतारों और परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जिसे वे पूरी तरह खत्म करने पर अड़े हैं। किसान संगठन सीएम आवास की ओर बढ़कर अपनी एकजुटता और शक्ति का प्रदर्शन करना चाहते हैं।
होशंगाबाद रोड पर जाम और स्कूलों में छुट्टी
किसानों के इस व्यापक प्रदर्शन का सीधा असर भोपाल शहर की यातायात व्यवस्था और सामान्य जनजीवन पर पड़ा है। बीते दिन होशंगाबाद रोड और उससे सटे इलाकों में किसान आंदोलन के कारण भीषण सड़क जाम की स्थिति बन गई थी, जिससे आम यात्रियों और स्कूली वाहनों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए होशंगाबाद रोड क्षेत्र में स्थित तमाम स्कूलों ने आज शिक्षण कार्य बंद रखकर छुट्टी घोषित कर दी है। स्कूल प्रबंधन का स्पष्ट मानना है कि बच्चों की सुरक्षा प्राथमिक है और आंदोलन के दौरान किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं उठाया जा सकता।



















