मध्य प्रदेश के रीवा जिले से भ्रष्टाचार का एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें मनगवां तहसील के सिरसा इलाके में तैनात पटवारी वीरेंद्र तिवारी एक महिला से रिश्वत लेते नजर आ रहे हैं। शनिवार को यह वीडियो सामने आते ही प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया और मामला सामने आते ही जिला कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने तुरंत जांच के आदेश दे दिए।
वीडियो में क्या दिख रहा है
वायरल वीडियो में पटवारी वीरेंद्र तिवारी एक महिला से नकद रकम लेते हुए साफ दिखाई दे रहे हैं। पैसे हाथ में आते ही पटवारी महिला को उसका काम जल्द होने का भरोसा दिलाते नजर आते हैं और साथ ही उससे विधिवत आवेदन जमा करने को कहते हैं। बताया जा रहा है कि यह रकम जमीन के नामांकन के काम के बदले वसूली गई थी।
'कर्ज लेकर लाई हूं पैसे', महिला की दर्दभरी अपील
वीडियो में महिला की आवाज में साफ तकलीफ झलकती है। वह पटवारी से कहती सुनाई देती है कि उसने बहुत ज्यादा कर्ज लेकर किसी तरह यह पैसा जुटाया है और वह बेहद गरीब परिवार से है। वह बार-बार पटवारी से गुजारिश करती है कि उसका अटका हुआ काम अब पूरा कर दिया जाए। वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा है और लोग मामले की निष्पक्ष जांच के साथ-साथ जिम्मेदार अधिकारी पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी बोले, दोषी पाए जाने पर होगी टर्मिनेशन
कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने कहा कि उन्हें अभी-अभी जानकारी मिली है कि मनगवां क्षेत्र के एक पटवारी ने किसी महिला से पैसे मांगे हैं और वीडियो में शायद वही पटवारी रकम लेते दिख रहा है। उन्होंने कहा कि आम जनता को सेवाएं देना प्रशासन की जिम्मेदारी है और चूंकि सरकार कर्मचारियों को वेतन देती है, इसलिए बिना किसी भेदभाव के, चाहे मामला किसी भी धर्म या जाति से जुड़ा हो, हर कर्मचारी को अपना कर्तव्य निभाना चाहिए। कलेक्टर ने साफ कहा कि अगर पटवारी के खिलाफ शिकायत जांच में सही साबित होती है, तो उसकी सेवा समाप्त करने यानी टर्मिनेशन की कार्रवाई की जाएगी।
जनता से कलेक्टर की अपील, किसी को पैसा न दें
कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने आम लोगों से अपील की कि वे किसी भी सरकारी कर्मचारी को काम करवाने के बदले पैसे न दें, क्योंकि उन्हें इसके लिए पहले से ही वेतन मिलता है। उन्होंने यह भी कहा कि अवैध रकम देने वाला व्यक्ति भी उतना ही दोषी माना जाएगा जितना उसे लेने वाला कर्मचारी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि रिश्वत लेने वाले पटवारी के खिलाफ कार्रवाई जरूर होगी और लोगों को किसी के बहकावे में आने की जरूरत नहीं है। कलेक्टर ने कहा कि अगर किसी नागरिक को प्रशासनिक कामकाज में कोई दिक्कत आती है तो वह सीधे उनसे संपर्क कर सकता है।













