आय से अधिक संपत्ति से जुड़ी शिकायत पर केंद्रीय जांच एजेंसियों को कदम उठाने का निर्देश देने वाले इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दाखिल की है। हाई कोर्ट द्वारा केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) को इस मामले में जांच का मार्ग प्रशस्त करने के बाद उन्होंने शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया है। सर्वोच्च न्यायालय इस महत्वपूर्ण कानूनी याचिका पर 17 अगस्त को सुनवाई करने के लिए सहमत हो गया है।
भाजपा कार्यकर्ता के आरोपों से जुड़ा है मामला
यह पूरा कानूनी विवाद भाजपा कार्यकर्ता विग्नेश शिशिर द्वारा दर्ज कराई गई एक शिकायत पर आधारित है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी के पास मौजूद कुल संपत्तियां उनकी आय के घोषित और ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक हैं। इसी आधार पर विग्नेश शिशिर ने केंद्रीय जांच एजेंसियों से निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की थी।
इलाहाबाद हाई कोर्ट के मई के आदेश को दी गई चुनौती
राहुल गांधी की याचिका में इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस फैसले को सीधे तौर पर चुनौती दी गई है जो इस वर्ष मई महीने में सुनाया गया था। हाई कोर्ट ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया था कि यदि याचिकाकर्ता से कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त हुई है, तो उसमें लगाए गए आरोपों की नियमानुसार जांच की जानी चाहिए। अदालत ने यह टिप्पणी भी की थी कि कानून के तय दायरे में रहते हुए CBI और ED इस मामले में आवश्यक एवं उचित कदम उठा सकती हैं। इसी निर्देश के बाद मामले ने तूल पकड़ा, जिसके खिलाफ अब उच्चतम न्यायालय में राहत की गुहार लगाई गई है।
17 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई इस याचिका के जरिए इलाहाबाद हाई कोर्ट के निर्देशों पर रोक लगाने की मांग की गई है। कानूनी जानकारों के अनुसार, 17 अगस्त को होने वाली सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत यह तय करेगी कि हाई कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप की आवश्यकता है या नहीं। इस फैसले पर देश के राजनीतिक और कानूनी गलियारों की निगाहें टिकी हुई हैं।



















