महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बयानों का दौर शुरू हो गया है। इस बार टकराव का कारण अजित पवार की विमान दुर्घटना की जांच और उस पर हो रही बयानबाजी है। एनसीपी (SP) की सांसद और कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने इस मामले में राज्य की मौजूदा सरकार और अपनी पार्टी के नेताओं पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, जिसके बाद से राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
सुप्रिया सुले ने उठाए गंभीर सवाल
एक कार्यक्रम के दौरान बात करते हुए सुप्रिया सुले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया। उन्होंने मनसे नेता अमित ठाकरे के खिलाफ हाल ही में दर्ज हुई प्राथमिकी का जिक्र करते हुए कहा कि एक साधारण तस्वीर हटाने पर तुरंत कानूनी कार्रवाई हो जाती है, लेकिन राज्य के एक बड़े नेता की विमान दुर्घटना में जान चले जाने के बावजूद अब तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। उन्होंने आगे कहा कि हमने अपने परिवार के एक प्रमुख सदस्य को खो दिया है।
सुप्रिया सुले ने एनसीपी के नेताओं और मंत्रियों पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के पास सरकार में कई विधायक और मंत्री होने के बावजूद किसी ने भी इस घटना की उचित जांच या प्राथमिकी की मांग को लेकर एक शब्द तक नहीं कहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनका भाई इस दुनिया से चला गया है और बाकी लोग सत्ता का सुख भोग रहे हैं।
सुनेत्रा पवार का पलटवार
पुणे में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए सुनेत्रा पवार ने इन आरोपों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अजित दादा के जाने का सबसे ज्यादा दुख उनकी माता, उनके बच्चों और हम सभी को है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस घटना की जांच कर रही एजेंसी को पूरा समय दिया जाना चाहिए और हमें उस पर पूरा भरोसा रखना चाहिए। सुनेत्रा पवार ने यह भी कहा कि इस संवेदनशील विषय पर बार-बार राजनीति करना बिल्कुल भी उचित नहीं है।




















