गोपालपुरा के कोचिंग सेंटर में छात्र को पीटने पर फूटा गुस्सा, सड़क पर उतरे युवामड आइलैंड में अर्चना पूरन सिंह और परमीत सेठी ने लिया नया बंगला, परिवार संग कराया होम टूरदैनिक जीवन में प्राथमिकताओं का सही चयन कैसे तय करता है सफलता और मानसिक शांतिपरवरिश में दोस्ताना अंदाज जरूरी, लेकिन हद तय न करने पर बिगड़ सकती है बच्चे की आदतठंड के मौसम में भी त्वचा को है सनस्क्रीन की दरकार, जानिए अनदेखे नुकसान और सही इस्तेमाल का तरीकाखेसारी लाल यादव संग पांच साल के रिश्ते पर बोलीं काजल राघवानी, बताया शादीशुदा होने के बाद भी क्यों हुआ था लगावमेटा ग्लासेस नोवा में कॉल नॉइज़ कैंसिलेशन दमदार, लेकिन एआई असिस्टेंट अब भी अधूरानई पीढ़ी के बदलते रिश्तों पर फिल्ममेकर किरण राव का बड़ा बयान, बोलीं शादी अब किसी रिश्ते की मजबूरी नहींअरावली में पाषाण कालीन मानव पदचिह्नों और मेगालिथिक पत्थरों की खोज से फरीदाबाद का कोट गांव बना पुरातत्व का केंद्रधरती की गहराई से आ रहे जियोन्यूट्रिनो खोल रहे हैं भूगर्भीय गर्मी के अनसुलझे रहस्य
चुनाव आयोग के खिलाफ साथ आए ठाकरे भाई, संजय राउत ने नए सिरे से मतदान कराने की मांग उठाईमहाराष्ट्र
4 अक्तू॰ 2026, 4:04 pm (22 मिनट पहले)· 0

चुनाव आयोग के खिलाफ साथ आए ठाकरे भाई, संजय राउत ने नए सिरे से मतदान कराने की मांग उठाई

महाराष्ट्र में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ उद्धव और राज ठाकरे एक साथ विरोध मार्च निकालने जा रहे हैं, जिसे लेकर संजय राउत ने मतदान प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

महाराष्ट्र की राजनीति में लंबे अंतराल के बाद एक बड़ा फेरबदल देखने को मिल रहा है, जहां राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संयुक्त विरोध प्रदर्शन की अगुवाई करने जा रहे हैं। विराट गर्जना मोर्चा के बैनर तले आयोजित होने वाले इस प्रदर्शन को महाविकास अघाड़ी का पूरा सहयोग मिला हुआ है। इस कदम के साथ ही दोनों भाई एक मंच पर आ रहे हैं, जिससे सियासी गलियारों में हलचल काफी तेज हो गई है।

मतदान प्रक्रिया पर कड़े सवाल और पुनर्मतदान की मांग

शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने इस मोर्चे को लेकर तीखे तेवर दिखाए हैं और मौजूदा हालात की तुलना ऐतिहासिक संघर्ष से की है। उन्होंने कहा,

“यह उन सभी चीजों के खिलाफ एक विद्रोह है, ठीक वैसा ही जैसा 1857 में हुआ था।”
राउत का आरोप है कि संवैधानिक संस्थाओं के कामकाज में निष्पक्षता नहीं बची है और जनप्रतिनिधियों की निष्ठा बदली जा रही है।

ये भी पढ़ें

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के हालिया बयानों का हवाला देते हुए राउत ने मांग की है कि हाल में संपन्न हुए लोकसभा और विधानसभा चुनावों को रद्द कर दोबारा मतदान कराया जाए। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया के संचालन पर सवाल उठाते हुए वर्तमान सीईसी ज्ञानेश कुमार और पूर्व सीईसी राजीव कुमार दोनों की कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी व्यवस्था में हेरफेर और अनियमितताएं हुई हैं, जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों को गहरी चोट पहुंची है। राउत के अनुसार, मुंबई से शुरू हो रही यह हलचल पूरे देश में लोकतंत्र की रक्षा के लिए एक व्यापक जनांदोलन का रूप ले रही है।

पुणे में एमपीएससी अभ्यर्थियों का आंदोलन और विपक्षी समर्थन

एक तरफ जहां चुनावी व्यवस्था के खिलाफ राजनीतिक लामबंदी चल रही है, वहीं दूसरी ओर महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं का आक्रोश भी सामने आ रहा है। पुणे में एमपीएससी के छात्र पिछले तीन-चार दिनों से लगातार दिन-रात धरने पर डटे हुए हैं। छात्रों की मुख्य मांगों में भर्ती प्रक्रियाओं में निष्पक्षता, पर्चा लीक मामलों की पारदर्शी जांच और सरकारी महकमों में हजारों रिक्त पदों को अविलंब भरना शामिल है।

राउत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर छात्रों के पक्ष में अपनी बात रखी और कहा कि रोहित पवार ने इस समस्या को प्रमुखता से सामने रखा है। राउत ने बताया कि प्रशासन की ओर से केवल खोखले आश्वासन मिले हैं और छात्रों में अपने भविष्य को लेकर भारी बेचैनी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी छात्रों को नोटिस थमाकर आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। छात्र आंदोलन को सीधा समर्थन देने के लिए राउत ने शाम 6:30 बजे पुणे में धरना स्थल पर जाकर युवाओं से मुलाकात करने का निर्णय लिया है।

सवाल-जवाब

विराट गर्जना मोर्चा का नेतृत्व कौन कर रहा है?
इस मोर्चे का नेतृत्व शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे प्रमुख राज ठाकरे संयुक्त रूप से कर रहे हैं।
यह विरोध प्रदर्शन किसके खिलाफ आयोजित किया गया है?
यह विरोध मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ आयोजित किया गया है।
संजय राउत ने चुनावों को लेकर क्या मांग रखी है?
संजय राउत ने हाल ही में हुए लोकसभा और विधानसभा चुनावों को रद्द कर दोबारा चुनाव कराने की मांग की है।
पुणे में एमपीएससी के छात्र क्यों धरना दे रहे हैं?
छात्र पेपर लीक की निष्पक्ष जांच, परीक्षा में सुधार और हजारों खाली सरकारी पदों पर तत्काल भर्ती की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
संजय राउत छात्रों के प्रदर्शन स्थल पर कब जाने वाले हैं?
संजय राउत ने शाम 6:30 बजे पुणे में एमपीएससी छात्रों के धरना स्थल पर पहुंचने की घोषणा की है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·7 मिनट पहले

दोनों भाइयों का साथ आना अपनी जगह है, पर चुनाव रद्द करके दोबारा वोटिंग कराना कोई छोटी मांग नहीं है। क्या इससे जनता पर दोबारा चुनाव का बोझ नहीं पड़ेगा?

Karan Malhotra@karan-malhotra·7 मिनट पहले

रोहन भाई, चुनाव दोबारा कराने की मांग तो रख दी, पर क्या चुनाव आयोग के पास इसके लिए कोई कानूनी आधार है?

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp