महाराष्ट्र की राजधानी में दादर स्थित शिवाजी पार्क के बाहर बिना प्रशासनिक मंजूरी शक्ति प्रदर्शन करने पर पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। कॉकरोच जनता पार्टी के आयोजकों तथा 400 से 500 अज्ञात समर्थकों पर सरकारी आदेशों का उल्लंघन करने, आम रास्ते पर लाउडस्पीकर बजाने और कानून व्यवस्था बिगाड़ने के आरोपों में 3 अक्टूबर को प्राथमिकी दर्ज कर ली गई। यह पूरा प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल पद छोड़ने की मांग को लेकर आयोजित किया गया था।
प्रतिबंध के बावजूद मीनाताई ठाकरे मेमोरियल के पास भारी जमावड़ा
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार यह पूरा घटनाक्रम 2 अक्टूबर को शाम 4 बजे से 7 बजे के दौरान सामने आया। शिवाजी पार्क पुलिस थाने की सीमा में स्थित मीनाताई ठाकरे मेमोरियल के सामने गेट नंबर 6 पर भारी तादाद में लोग पहुंच गए। पुलिस ने पहले ही इस इलाके में सार्वजनिक सभा करने की औपचारिक मंजूरी देने से इनकार कर दिया था। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने सार्वजनिक सड़क घेर ली और नारेबाजी शुरू कर दी। जांच अधिकारियों का कहना है कि सड़क पर ध्वनि विस्तारक यंत्र भी बिना पूर्व अनुमति के लगा दिए गए थे, जिससे यातायात बाधित हुआ और कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती खड़ी हो गई।
सीजेपी के शीर्ष सदस्यों पर नामजद कानूनी कार्रवाई
पुलिस की प्राथमिक रिपोर्ट में संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों के नाम स्पष्ट तौर पर दर्ज किए गए हैं। नामजद आरोपियों में अजिंक्य शिंदे, प्रणय अहीरे, आशुतोष रंका, आफरीन नवाज, सौम्या कोर्डे, अंकित भारद्वाज, विजय मलंगी, योगेश इंगले, सौरव दास और संगठन के संस्थापक अभिजीत दिपके शामिल हैं। इनके अलावा सैकड़ों अज्ञात समर्थकों को भी मामले में शामिल किया गया है। चुनाव आयोग के भीतर आंतरिक मतभेदों की सामने आई जानकारियों के बाद संगठन ने इस विरोध मार्च को अपने आंदोलन का 'सीजन 2' घोषित किया था। संगठन ने इसे आधिकारिक तौर पर जेल भरो प्रदर्शन का नाम दिया था।
सिनेमा जगत और नागरिक समाज की जानी-मानी हस्तियों की मौजूदगी
दादर इलाके में सुरक्षाबलों की सख्त नाकेबंदी और चप्पे-चप्पे पर बैरिकेडिंग के बाद भी हजारों आम नागरिक तथा समर्थक मैदान के आसपास एकत्र हो गए। इस विरोध प्रदर्शन को कला, संगीत और सिनेमा जगत के जाने-माने चेहरों ने सीधे मंच पर पहुंचकर अपना समर्थन दिया। कार्यक्रम में अभिनेत्री शबाना आजमी, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह और संगीतकार विशाल ददलानी व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहे। इन सभी वक्ताओं ने नागरिकों के मताधिकार की रक्षा करने और लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता बनाए रखने के विषय पर अपनी राय रखी। इसके साथ ही अभिनेता प्रकाश राज ने भी एक रिकॉर्डेड वीडियो संदेश के जरिए अपनी बात रखी और लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाने का आह्वान किया। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार तथा चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ लगातार नारे गूंजते रहे।
मंच से सरकार को चुनौती और तीखे बयान
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने केंद्र और राज्य नेतृत्व पर सीधा हमला बोला। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की नीतियों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि मतदान के अधिकारों की हिफाजत के लिए शांतिपूर्वक एकत्र होना नागरिकों का बुनियादी संवैधानिक अधिकार है। पुलिस की चेतावनियों का जवाब देते हुए दिपके ने कहा,
“अगर आपने तीन महीने कहा होता तो पूरा मुंबई शहर पूरी तरह ठप हो जाता।”इस तरह के तीखे भाषणों के बाद पुलिस ने धाराएं जोड़ते हुए अपनी जांच तेज कर दी है।



















