महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में खाद्य सुरक्षा मानकों की भारी अनदेखी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां शहर के लगभग 122 साल पुराने एक बेहद प्रतिष्ठित कैफे का FSSAI लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। यह कैफे दशकों से शहर के सांस्कृतिक और सामाजिक ताने-बाने का अहम हिस्सा रहा है, जहां बॉलीवुड हस्तियों, राजनेताओं और जाने-माने कलाकारों का नियमित आना-जाना लगा रहता था। इतने लंबे इतिहास और रसूखदार ग्राहकों के बावजूद जब नियामक दल औचक जांच के लिए पहुंचा, तो वहां खाद्य स्वच्छता के बुनियादी नियमों की खुली धज्जियां उड़ती मिलीं।
स्वास्थ्य सुरक्षा अभियान के तहत औचक कार्रवाई
राज्य के FDA विभाग द्वारा आम नागरिकों की सेहत की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भोजनालयों और होटलों के खिलाफ एक व्यापक जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के क्रम में सोमवार को अधिकारियों ने इस ऐतिहासिक कैफे में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान परिसर में स्वच्छता की ऐसी बदहाल स्थिति पाई गई कि प्रशासन को बिना किसी देरी के कड़ा फैसला लेना पड़ा और प्रतिष्ठान के आधिकारिक संचालन पर तत्काल रोक लगा दी गई।
रसोई और भंडारण में मिलीं भयानक खामियां
निरीक्षण दल जब कैफे के भीतर खाद्य तैयारी और भंडारण वाले हिस्सों में दाखिल हुआ, तो वहां का नजारा बेहद डरावना था। जिस जगह भोजन तैयार होता था और सामग्री रखी जाती थी, वहां खुलेआम बिल्लियां घूम रही थीं, जमीन पर चूहों की बीट बिखरी थी, जीवित मक्खियां भिनभिना रही थीं और जगह-जगह मरे हुए तिलचट्टे पड़े थे। इसके अलावा भोजनालय के रेफ्रिजरेटर में बड़ी मात्रा में सूखा और ताजा खून जमा पाया गया, जो संक्रमण का बड़ा कारण बन सकता था।
लापरवाही की फेहरिस्त यहीं खत्म नहीं हुई। फूड प्रोसेसिंग सेक्शन के ठीक बीचों-बीच सीवर का एक मैनहोल खुला हुआ पाया गया। परिसर में तैयार भोजन को सीधे गंदे फर्श पर रखा जा रहा था, जबकि कच्चा आटा बर्तनों के बजाय पुराने अखबारों से ढका हुआ मिला। काम करने वाले कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता का स्तर भी बेहद घटिया था और वे सुरक्षा मानकों की पूरी तरह अनदेखी कर रहे थे।
सुरक्षा उपकरणों का अभाव और कानूनी कार्रवाई
जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि खाद्य पदार्थों को संभालने वाले कर्मियों ने आवश्यक PPE या सुरक्षात्मक पोशाक नहीं पहनी थी। इन गंभीर खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता उल्लंघनों को सीधे तौर पर उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए आपातकालीन खतरा मानते हुए नियामक ने तत्काल कानूनी कदम उठाया। खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 की धारा 32(3) के प्रावधानों का प्रयोग करते हुए कैफे के FSSAI लाइसेंस संख्या 11517001000318 को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
निलंबन आदेश के साथ ही कैफे प्रबंधन को कच्चा माल खरीदने, भोजन बनाने, उसे प्रोसेस करने, स्टोर करने, बेचने और किसी भी प्रकार के वितरण को पूरी तरह बंद करने का सख्त निर्देश दिया गया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी अब इस बात की निरंतर निगरानी कर रहे हैं कि कैफे प्रबंधन इन आदेशों का कड़ाई से पालन करे और अग्रिम अनुमति के बिना कोई भी व्यावसायिक गतिविधि संचालित न हो सके। विरासत के नाम पर चलने वाले प्रतिष्ठानों में इस तरह की अस्वच्छता ने बाहर खाने वाले नागरिकों के बीच भरोसे का गंभीर संकट खड़ा कर दिया है।



















