महाराष्ट्र के नासिक में गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान नियमों की अनदेखी करने वाले आयोजकों पर कानून का शिकंजा कस गया है। विसर्जन यात्राओं में निर्धारित डेसिबल सीमा से अधिक तेज आवाज में डीजे और संगीत उपकरण बजाने के साथ-साथ तेज प्लाज्मा लाइट का इस्तेमाल करने वाले 37 गणेश मंडलों के खिलाफ पुलिस ने कानूनी मामले दर्ज किए हैं।
ध्वनि सीमा उल्लंघन और हाईकोर्ट के निर्देश
प्रशासन की ओर से जुलूस से पहले ही ध्वनि प्रदूषण को रोकने के संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। हाईकोर्ट के पूर्व आदेशों के अनुसार सार्वजनिक कार्यक्रमों में एक निश्चित सीमा से अधिक शोर करने की मनाही है। इसके बावजूद विसर्जन के दिन कई आयोजकों ने अत्यधिक तेज साउंड सिस्टम, डीजे और प्रतिबंधित रोशनी का सहारा लिया, जिससे आम जनता को परेशानी हुई।
सुरक्षा राशि जब्त करने की तैयारी
कानूनी प्राथमिकी दर्ज करने के साथ ही पुलिस प्रशासन इन आयोजकों पर आर्थिक दंड की कार्रवाई भी कर रहा है। विसर्जन अनुमति के समय मंडलों द्वारा जमा कराई गई सुरक्षा राशि को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में सार्वजनिक उत्सवों में अनुशासन बनाए रखने के लिए ऐसी सख्त कानूनी कार्रवाई बेहद जरूरी है।





















